क्या योगी आदित्यनाथ ने गुरु गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी अर्पित की?

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क्या योगी आदित्यनाथ ने गुरु गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी अर्पित की?

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी अर्पित की। इस विशेष अवसर पर उन्होंने सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं। जानें इस पर्व का महत्व और योगी जी की प्रार्थना का संदेश।

Key Takeaways

  • गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने आस्था की खिचड़ी अर्पित की।
  • मकर संक्रांति का पर्व सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत का प्रतीक है।
  • योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं।
  • भगवान सूर्य की उपासना का पर्व है मकर संक्रांति।
  • धार्मिक आस्था का पर्व लोगों को एकजुट करता है।

गोरखपुर, 15 जनवरी (आईएनएनएस)। मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में चार बजे गोरखनाथ मंदिर में नाथपंथ की विशेष परंपरा के अनुसार महायोगी गुरु गोरखनाथ को विधि विधान से आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाई।

इस अवसर पर उन्होंने शिवावतार महायोगी से समाज कल्याण और सभी नागरिकों के सुखमय एवं समृद्ध जीवन की प्रार्थना की। महायोगी गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों, संतों और श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि बुधवार से पूरे प्रदेश में लाखों श्रद्धालु पवित्र धर्मस्थलों पर जाकर अपनी आस्था व्यक्त कर रहे हैं। गोरखपुर में बुधवार को लाखों श्रद्धालुओं ने महायोगी भगवान गुरु गोरखनाथ जी को आस्था की पवित्र खिचड़ी अर्पित की। लाखों श्रद्धालुओं ने प्रयागराज के संगम में आस्था की पवित्र डुबकी भी लगाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाना मेरा सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि आज गुरुवार को गोरखपुर में भगवान गोरखनाथ जी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने के लिए लाखों श्रद्धालुजन पंक्ति में लगकर श्रद्धापूर्वक खिचड़ी चढ़ा रहे हैं। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे भी प्रातः 4 बजे गोरखनाथ मंदिर की विशेष पूजा संपन्न होने के उपरांत भगवान गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाने का अवसर प्राप्त हुआ है।

गोरखनाथ मंदिर में लाखों श्रद्धालु उपस्थित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति भारत के पर्वों की परंपरा का एक बेहद महत्वपूर्ण पर्व है। वास्तव में सूर्यदेव इस जगत की आत्मा हैं। जगतपिता सूर्य की उपासना का पर्व हर प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए प्रशस्ति तिथि मानी जाती है।

आज के बाद से सनातन धर्म की परंपरा में सभी मांगलिक कार्यक्रम प्रारंभ होंगे।

सीएम योगी ने कहा कि सूर्य का जो अयन वृत्त है, ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार वह 12 विभिन्न भागों में विभाजित है। एक राशि से दूसरी राशि में सूर्यदेव का संक्रमण संक्रांति कहलाता है और जब धनु राशि से मकर राशि में भगवान सूर्य का संक्रमण होता है, तो इसे मकर संक्रांति कहा जाता है। मकर राशि से अगले छह माह तक यानी मिथुन राशि तक सूर्य भगवान उत्तरायण रहेंगे। उत्तरायण का जो समय होता है, उसमें दिन बड़े और रात छोटी होती है।

जीवंतता के लिए सूर्य का प्रकाश कितना महत्वपूर्ण है और भारत की ऋषि परंपरा ने इसे कितना महत्व दिया है, इसका अनुमान इस पर्व के माध्यम से लगाया जा सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मकर संक्रांति ऐसा पर्व है, जो पूरे देश के सभी हिस्सों में अलग-अलग नाम और रूप में मनाया जाता है। पूरब में बिहू या तिलवा संक्रांति, पश्चिम में लोहड़ी, दक्षिण भारत में पोंगल और उत्तर भारत में खिचड़ी संक्रांति के रूप में मकर संक्रांति का आयोजन बड़ी श्रद्धा के साथ किया जाता है।

मकर संक्रांति के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न धर्मस्थलों पर देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी के प्रति मंगलमय शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

उन्होंने कहा कि एक तरफ गोरखपुर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी अर्पित कर रहे हैं। वहीं प्रयागराज में लाखों की संख्या में श्रद्धालु, कल्पवासी, पूज्य संतजन न केवल अपनी साधना में रत हैं, बल्कि भगवान वेणीमाधव, भगवान प्रयागराज और मां गंगा, यमुना तथा मां सरस्वती के सानिध्य में संगम में आस्था की पवित्र डुबकी लगा रहे हैं।

--आईएनएनएस

वीसी

Point of View

बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे सांस्कृतिक पर्व हमारे समाज को एकजुट करते हैं। योगी आदित्यनाथ का यह कदम उनके समर्पण और जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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15/01/2026

Frequently Asked Questions

मकर संक्रांति का महत्व क्या है?
मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व है, जो सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत का संकेत देता है।
गुरु गोरखनाथ कौन हैं?
गुरु गोरखनाथ नाथपंथ के प्रमुख महायोगी हैं, जिन्हें श्रद्धा और भक्ति से पूजा जाता है।
योगी आदित्यनाथ ने खिचड़ी क्यों चढ़ाई?
योगी आदित्यनाथ ने खिचड़ी चढ़ाकर सभी नागरिकों के सुख और समृद्धि की प्रार्थना की।
मकर संक्रांति कैसे मनाई जाती है?
मकर संक्रांति विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से मनाई जाती है, जैसे बिहू, लोहड़ी, पोंगल आदि।
गोरखनाथ मंदिर का क्या महत्व है?
गोरखनाथ मंदिर धार्मिक आस्था का प्रमुख स्थल है, जहां लाखों श्रद्धालु आते हैं।
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