19 अक्टूबर 2026
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महाष्टमी पर CM योगी ने गोरखनाथ मंदिर में महानिशा पूजन किया, जगत कल्याण की माँगी दुआ

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महाष्टमी पर CM योगी ने गोरखनाथ मंदिर में महानिशा पूजन किया, जगत कल्याण की माँगी दुआ

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाष्टमी की रात गोरखनाथ मंदिर में दो घंटे से अधिक का महानिशा पूजन किया — गोरक्षपीठ की सदियों पुरानी परंपरा का निर्वाह करते हुए जगत कल्याण और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 18 अक्टूबर 2026 की रात गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर में महानिशा पूजन व हवन संपन्न किया।
अनुष्ठान दो घंटे से अधिक चला, जिसमें श्रीदुर्गासप्तशती पाठ एवं वैदिक मंत्रोच्चार हुए।
पूजन में गौरी गणेश, वरुण, नवग्रह, शिव-शक्ति, बटुक भैरव सहित अनेक देव-अनुष्ठान सम्पन्न हुए।
मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर शीश नवाकर आशीर्वाद लिया।
महानिशा पूजन से पहले माँ महागौरी की आराधना की गई; अंत में प्रसाद वितरण हुआ।

शारदीय नवरात्र की महाष्टमी तिथि पर रविवार, 18 अक्टूबर 2026 की रात गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर में गोरक्षपीठ की सुदीर्घ परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत् महानिशा पूजन एवं हवन संपन्न किया। दो घंटे से अधिक चले इस पूजा अनुष्ठान में उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और समस्त चराचर जगत के कल्याण की प्रार्थना की।

अनुष्ठान का क्रम

गोरखपुर पहुँचते ही मुख्यमंत्री सीधे गोरखनाथ मंदिर गए और सबसे पहले शिवावतार बाबा गोरखनाथ के मुख्य मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। इसके उपरांत उन्होंने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर शीश नवाकर उनका आशीर्वाद ग्रहण किया।

देर शाम से रात तक गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में महानिशा पूजा का विस्तृत अनुष्ठान प्रारंभ हुआ। गोरक्षपीठाधीश्वर के गर्भगृह में प्रवेश करते ही शक्तिपीठ वैदिक मंत्रोच्चार और माँ भगवती के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

महानिशा पूजन में किए गए देव-अनुष्ठान

दो घंटे से अधिक चले इस अनुष्ठान में गोरक्षपीठाधीश्वर ने गौरी गणेश पूजन, वरुण पूजन, पीठ पूजन, यंत्र पूजन, माँ दुर्गा का विधिवत् पूजन, भगवान राम-माता सीता-लक्ष्मण जी का षोडशोपचार पूजन, भगवान कृष्ण एवं गोमाता का पूजन, नवग्रह पूजन, विल्व पूजन, अधिष्ठात्री देवता पूजन, शस्त्र पूजन, द्वादश ज्योतिर्लिंग, अर्धनारीश्वर एवं शिव-शक्ति पूजन, बटुक भैरव, काल भैरव तथा त्रिशूल पर्वत पूजन किया।

हवन और प्रार्थना

हवन की वेदी पर ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र और अग्नि देवता का आह्वान कर पूजन किया गया। शक्तिपीठ में स्थापित वेदी पर उगे जौ के पौधों को काटकर आदिशक्ति माँ दुर्गा से समस्त नागरिकों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की गई। सम्पूर्ण अनुष्ठान श्रीदुर्गासप्तशती के पाठ एवं वैदिक मंत्रों के साथ संपन्न हुआ।

महानिशा पूजन से पहले मुख्यमंत्री ने जगतजननी माँ आदिशक्ति के अष्टम स्वरूप माँ महागौरी की विधिपूर्वक आराधना की। अंत में आरती एवं क्षमा याचना के पश्चात् प्रसाद वितरण हुआ और बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तगण अनुष्ठान के साक्षी बने।

गोरक्षपीठ की परंपरा और महत्त्व

गौरतलब है कि गोरक्षपीठ की परंपरा में शारदीय नवरात्र की महाष्टमी तिथि पर महानिशा पूजन विशेष महत्त्व रखता है। यह अनुष्ठान पीठाधीश्वर के नेतृत्व में प्रतिवर्ष संपन्न होता है। योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में इस परंपरा का निर्वाह करते आ रहे हैं — मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद भी यह धार्मिक दायित्व अनवरत जारी है। आने वाली महानवमी पर भी मंदिर में विशेष अनुष्ठान अपेक्षित हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो उत्तर प्रदेश की राजनीति में धर्म और शासन के अंतर्संबंध को रेखांकित करता है। नवरात्र के इस अनुष्ठान की मीडिया उपस्थिति यह दर्शाती है कि धार्मिक परंपरा और राजनीतिक पहचान यहाँ जानबूझकर एकाकार की जाती है। आलोचकों का कहना है कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा किसी एक धार्मिक पीठ की परंपरा का इस स्तर पर सार्वजनिक निर्वाह धर्मनिरपेक्षता की भावना से प्रश्न उठाता है — हालाँकि समर्थकों का तर्क है कि यह सांस्कृतिक निरंतरता और जनाकांक्षाओं का स्वाभाविक प्रतिनिधित्व है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महानिशा पूजन क्या होता है?
महानिशा पूजन शारदीय नवरात्र की महाष्टमी तिथि पर रात्रि में किया जाने वाला विशेष तांत्रिक-वैदिक अनुष्ठान है। इसमें माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों, नवग्रहों और देवगणों की विधिवत् पूजा, हवन और मंत्रोच्चार किया जाता है।
CM योगी आदित्यनाथ ने महानिशा पूजन कहाँ और कब किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 अक्टूबर 2026 की रात गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर स्थित शक्तिपीठ में महानिशा पूजन किया। यह अनुष्ठान दो घंटे से अधिक समय तक चला।
इस पूजन में कौन-कौन से अनुष्ठान संपन्न हुए?
अनुष्ठान में गौरी गणेश पूजन, वरुण पूजन, यंत्र पूजन, माँ दुर्गा पूजन, षोडशोपचार पूजन, नवग्रह पूजन, शस्त्र पूजन, द्वादश ज्योतिर्लिंग पूजन, बटुक भैरव-काल भैरव पूजन तथा हवन सम्मिलित रहे। सम्पूर्ण अनुष्ठान श्रीदुर्गासप्तशती पाठ के साथ संपन्न हुआ।
गोरक्षपीठ की महानिशा पूजन परंपरा का क्या महत्त्व है?
गोरक्षपीठ में महाष्टमी की रात महानिशा पूजन की परंपरा सुदीर्घ काल से चली आ रही है। पीठाधीश्वर इसका नेतृत्व करते हैं और यह पीठ की विशिष्ट धार्मिक पहचान का हिस्सा माना जाता है।
CM योगी ने पूजन में किसके लिए प्रार्थना की?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महानिशा पूजन के दौरान प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और समस्त चराचर जगत के कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने जौ के पौधों को काटकर माँ दुर्गा से सभी नागरिकों के सुखमय जीवन की कामना भी की।
राष्ट्र प्रेस
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