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ग्रेटर नोएडा: घरेलू सहायिका से मारपीट के बाद सैकड़ों महिलाओं ने पूर्वांचल रॉयल सिटी के बाहर जाम लगाया

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ग्रेटर नोएडा: घरेलू सहायिका से मारपीट के बाद सैकड़ों महिलाओं ने पूर्वांचल रॉयल सिटी के बाहर जाम लगाया

सारांश

ग्रेटर नोएडा की पूर्वांचल रॉयल सिटी सोसायटी में फ्लैट मालिकन द्वारा घरेलू सहायिका को कथित थप्पड़ मारने की घटना ने बड़ा विरोध भड़का दिया। सैकड़ों घरेलू सहायिकाओं ने सड़क जाम की, पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया — और एक बार फिर घरेलू कामगारों की सुरक्षा का सवाल सामने आया।

मुख्य बातें

4 जून को पूर्वांचल रॉयल सिटी सोसायटी, ग्रेटर नोएडा में फ्लैट मालिकन द्वारा घरेलू सहायिका को कथित तौर पर थप्पड़ मारने का आरोप।
5 जून को सैकड़ों घरेलू सहायिकाओं ने चुहरपुर अंडरपास के पास सड़क जाम कर विरोध दर्ज कराया।
थाना बीटा-2 पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित किया और प्रदर्शनकारियों को शांत कराया।
पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने घरेलू कामगारों के साथ दुर्व्यवहार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की माँग की।

ग्रेटर नोएडा के चाई-5 क्षेत्र स्थित पूर्वांचल रॉयल सिटी सोसायटी में एक घरेलू सहायिका के साथ फ्लैट मालिकन द्वारा कथित मारपीट की घटना के बाद 5 जून को भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। सैकड़ों घरेलू सहायिकाओं ने चुहरपुर अंडरपास के पास सड़क जाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 4 जून को थाना बीटा-2 क्षेत्र के अंतर्गत पूर्वांचल रॉयल सिटी सोसायटी में एक फ्लैट मालिकन ने अपनी घरेलू सहायिका को कथित तौर पर थप्पड़ मारा। बताया जा रहा है कि किसी विवाद के दौरान यह घटना हुई।

घटना की सूचना फैलते ही आसपास के क्षेत्रों में काम करने वाली घरेलू सहायिकाएं बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गईं। देखते ही देखते सैकड़ों महिलाएं सड़क पर उतर आईं और चुहरपुर अंडरपास के पास जाम लगाकर विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शनकारियों की माँगें

प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने आरोप लगाया कि घरेलू कामगारों के साथ अक्सर अभद्र व्यवहार किया जाता है और ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। महिलाओं ने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की माँग की।

यह ऐसे समय में आया है जब घरेलू कामगारों के अधिकारों और उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर बहस का विषय बना हुआ है। गौरतलब है कि देश में घरेलू कामगारों के लिए अभी तक कोई केंद्रीय विधायी ढाँचा नहीं है।

पुलिस की प्रतिक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही थाना बीटा-2 पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के समझाने के बाद प्रदर्शनकारी महिलाएं शांतिपूर्वक अपने घरों को लौट गईं।

पीड़िता को न्याय की प्रक्रिया

पुलिस ने पीड़ित घरेलू सहायिका का चिकित्सीय परीक्षण कराया है। पीड़िता की ओर से प्राप्त तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच की जा रही है।

आगे क्या

पुलिस के अनुसार जाँच के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर घरेलू कामगारों की सुरक्षा और उनके कानूनी अधिकारों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस व्यापक खाई की है जो भारत के शहरी घरों में घरेलू कामगारों और नियोक्ताओं के बीच मौजूद है। देश में घरेलू कामगारों के लिए कोई केंद्रीय कानून नहीं है — न न्यूनतम मजदूरी की गारंटी, न शिकायत निवारण का तंत्र। जब सैकड़ों महिलाएं सड़क पर उतरती हैं, तो यह संकेत है कि यह असंतोष गहरा और पुराना है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई आगे बढ़ेगी या फिर एक और फाइल में दब जाएगी।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा में घरेलू सहायिका के साथ क्या हुआ?
पूर्वांचल रॉयल सिटी सोसायटी में एक फ्लैट मालिकन ने अपनी घरेलू सहायिका को कथित तौर पर थप्पड़ मारा। यह घटना 4 जून को हुई, जिसके बाद 5 जून को सैकड़ों घरेलू सहायिकाओं ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
थाना बीटा-2 पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित किया। पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया और उसकी तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
प्रदर्शनकारी घरेलू सहायिकाओं की क्या माँगें थीं?
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि घरेलू कामगारों के साथ बार-बार अभद्र व्यवहार होता है। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई और ऐसी घटनाओं पर सख्त रोक की माँग की।
विरोध प्रदर्शन कहाँ हुआ और यातायात पर क्या असर पड़ा?
प्रदर्शन चुहरपुर अंडरपास के पास हुआ, जहाँ सड़क जाम होने से कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही बाधित रही। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस के अनुसार मामले की जाँच जारी है और जाँच के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुकदमा दर्ज होने के बाद अब फ्लैट मालिकन के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
राष्ट्र प्रेस
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