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क्या जीएसटी सुधार आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम है? : लघु उद्योग भारती

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क्या जीएसटी सुधार आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम है? : लघु उद्योग भारती

सारांश

लघु उद्योग भारती ने जीएसटी 2.0 सुधारों का स्वागत किया, जो 22 सितंबर से लागू होंगे। ये सुधार छोटे उद्योगों के लिए व्यापार सुगमता और उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी साबित होंगे। प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री सीतारमण के नेतृत्व में यह कदम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

मुख्य बातें

जीएसटी 2.0 सुधार छोटे उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
नई कर संरचना उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाएगी।
सरकार का समर्थन इस सुधार के सफल कार्यान्वयन के लिए है।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम।
व्यापार सुगमता में सुधार होगा।

नई दिल्ली, 4 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। लघु उद्योग भारती (एलयूबी) संगठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2025 को लाल किले से दिए गए संबोधन में घोषित ऐतिहासिक जीएसटी 2.0 सुधारों और 3 सितंबर 2025 को जीएसटी परिषद द्वारा अनुमोदित सरलीकृत दो-स्तरीय जीएसटी दर संरचना का स्वागत करता है। 22 सितंबर से लागू होने वाले 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के तर्कसंगत कर स्लैब भारत की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में एक परिवर्तनकारी बदलाव का संकेत हैं।

हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के विवेकपूर्ण मार्गदर्शन की सराहना करते हैं, जिन्होंने इस लंबे समय से प्रतीक्षित सुधार को साकार किया। कर दरों को सरल बनाने का यह निर्णय, साथ ही अल्पकालिक राजस्व हानि को वित्त मंत्रालय द्वारा वहन करने की प्रतिबद्धता, आर्थिक विकास, उपभोक्ता कल्याण और राष्ट्रहित के प्रति गहरी निष्ठा को दर्शाता है।

यह सुधार वास्तव में युगांतरकारी है। यह सिर्फ दर संरचना को सरल बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विशेष रूप से सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए व्यापार सुगमता की दिशा में एक बड़ा कदम है। कार्यशील पूंजी की आवश्यकता में कमी, कच्चे माल की सुलभता और व्यापक बाजार तक पहुंच छोटे उद्योगों को महत्वपूर्ण प्रोत्साहन प्रदान करेगी।

हम विशेष रूप से पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने, त्वरित रिफंड और अनुपालन बोझ को कम करने पर केंद्रित इस सुधार का स्वागत करते हैं, जो मिलकर भारत के औद्योगिक आधार को सुदृढ़ करेंगे और उद्यमिता तथा नवाचार को एक अनुकूल वातावरण प्रदान करेंगे।

ये जीएसटी 2.0 सुधार न सिर्फ उद्योगों को लाभान्वित करेंगे, बल्कि उपभोक्ताओं तक भी सीधे लाभ पहुंचाएंगे, जिससे उन्हें कम कीमतों और वस्तुओं व सेवाओं की बेहतर उपलब्धता का अनुभव होगा। हमें विश्वास है कि यह दर संरचना, स्थिरता और स्पष्टता प्रदान करते हुए, वाद-विवाद को कम करेगी, अनुपालन को प्रोत्साहित करेगी तथा उपभोग को बढ़ावा देगी और इस प्रकार समावेशी एवं सुदृढ़ आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी।

लघु उद्योग भारती भारत सरकार को इस सुधार के सुचारु और समयबद्ध क्रियान्वयन में अपना पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लेती है। हमारी सदस्य इकाइयां इस दर सरलीकरण से प्राप्त लाभों को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे प्रधानमंत्री के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' के संकल्प को सशक्त किया जा सके।

हम इन सुधारों को राष्ट्र-निर्माण का एक महत्वपूर्ण स्तंभ और आत्मनिर्भर, प्रगतिशील भारत की दिशा में एक साहसिक कदम मानते हैं, जो कि विकसित भारत बनने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश की औद्योगिक नींव को मजबूत करने का एक प्रयास भी है। लघु उद्योगों के लिए यह अवसर प्रदान करता है कि वे प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकें। सरकार का यह कदम निश्चित रूप से देश की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देगा।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसटी 2.0 सुधार क्या हैं?
जीएसटी 2.0 सुधारों में 5% और 18% के तर्कसंगत कर स्लैब शामिल हैं जो 22 सितंबर से लागू होंगे।
ये सुधार छोटे उद्योगों के लिए कैसे लाभकारी हैं?
ये सुधार छोटे उद्योगों को व्यापार सुगमता, कार्यशील पूंजी की आवश्यकता में कमी और व्यापक बाजार तक पहुंच प्रदान करेंगे।
सरकार का इस सुधार के प्रति क्या दृष्टिकोण है?
सरकार इस सुधार के सुचारु क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लाभों को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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