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आणंद के अडास गांव में निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज ढहा, तीन भारी गार्डर गिरे; कोई हताहत नहीं

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आणंद के अडास गांव में निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज ढहा, तीन भारी गार्डर गिरे; कोई हताहत नहीं

सारांश

गुजरात के आणंद जिले के अडास गांव में 15 महीने से निर्माणाधीन रेलवे रोड ओवर ब्रिज का हिस्सा अचानक ढह गया और तीन भारी गार्डर जमीन पर आ गिरे। सौभाग्यवश कोई हताहत नहीं हुआ। वेस्टर्न रेलवे ने इसे 'माइनर इंसिडेंट' बताया है और तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।

मुख्य बातें

30 मई को गुजरात के आणंद जिले के अडास गांव में निर्माणाधीन रेलवे रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का हिस्सा ढह गया।
हादसे में तीन भारी गार्डर गिरे, जिनमें से प्रत्येक की लंबाई 50 फीट से अधिक बताई जा रही है।
घटना के समय स्थल पर कोई मजदूर मौजूद नहीं था — कोई हताहत नहीं ।
यह ब्रिज लेवल क्रॉसिंग संख्या 250 पर सुरक्षा सुधार के लिए पिछले 15 महीनों से निर्माणाधीन था।
वेस्टर्न रेलवे के पीआरओ अनुभव सक्सेना ने इसे 'माइनर इंसिडेंट' बताया; तकनीकी जांच के आदेश दिए गए।

गुजरात के आणंद जिले के अडास गांव में 30 मई को एक निर्माणाधीन रेलवे रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे में ब्रिज पर लगे तीन भारी गार्डर भी नीचे आ गिरे, जिनमें से प्रत्येक की लंबाई 50 फीट से अधिक बताई जा रही है। राहत की बात यह रही कि घटना के समय आसपास कोई मजदूर या अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

मुख्य घटनाक्रम

रेलवे विभाग पिछले करीब 15 महीनों से अडास गांव में लेवल क्रॉसिंग संख्या 250 — जो अडास गांव और वडोदरा स्टेशन के बीच स्थित है — पर सुरक्षा को मज़बूत करने के उद्देश्य से इस रोड ओवर ब्रिज का निर्माण कर रहा था। शनिवार को ब्रिज का एक हिस्सा अचानक ढह गया और उसके साथ ही एप्रोच सेक्शन में लगे तीन गार्डर भी धराशायी हो गए।

हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। प्रशासन और रेलवे विभाग को तत्काल सूचना दी गई।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रांत अधिकारी, डीवाईएसपी और रेलवे विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वेस्टर्न रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अनुभव सक्सेना ने इसे 'माइनर इंसिडेंट' करार देते हुए कहा कि केवल ब्रिज का एप्रोच गार्डर प्रभावित हुआ है।

सक्सेना ने आश्वासन दिया कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परियोजना को समय पर और सुरक्षित तरीके से पूरा किया जाएगा। निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी और संभावित कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता जांच पूरी करना और परियोजना को आगे बढ़ाना है — जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

तकनीकी जांच शुरू

रेलवे विभाग ने पूरे मामले की विस्तृत तकनीकी जांच के आदेश दे दिए हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ब्रिज का हिस्सा किन कारणों से ढहा — संरचनात्मक खामी, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, या कार्यप्रणाली में चूक। गौरतलब है कि देश में निर्माणाधीन बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में इस तरह की घटनाएँ पहले भी सामने आ चुकी हैं, जिससे निर्माण गुणवत्ता और निगरानी तंत्र पर सवाल उठते रहे हैं।

आम जनता पर असर

यह रोड ओवर ब्रिज अडास गांव और वडोदरा स्टेशन के बीच की लेवल क्रॉसिंग को सुरक्षित बनाने के लिए बनाया जा रहा था। ब्रिज के आंशिक ढहने से परियोजना की समय-सीमा प्रभावित होने की आशंका है, जिसका सीधा असर उस मार्ग से आवाजाही करने वाले स्थानीय निवासियों पर पड़ सकता है।

क्या होगा आगे

तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद रेलवे विभाग निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई और मरम्मत कार्य की रूपरेखा तय करेगा। फिलहाल प्रशासन और रेलवे अधिकारी स्थल पर निगरानी बनाए हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 15 महीने के निर्माण के बाद 50 फीट से लंबे गार्डरों का गिरना संरचनात्मक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भारत में रेलवे और राजमार्ग परियोजनाओं में निर्माण गुणवत्ता की खामियों का एक लंबा इतिहास है, और अक्सर जांच रिपोर्टें ठंडे बस्ते में चली जाती हैं। असली परीक्षा यह होगी कि क्या इस बार तकनीकी जांच के नतीजे सार्वजनिक होंगे और निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय की जाएगी — या यह भी महज औपचारिकता बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आणंद में रेलवे ब्रिज हादसा क्या है?
गुजरात के आणंद जिले के अडास गांव में 30 मई को एक निर्माणाधीन रेलवे रोड ओवर ब्रिज का हिस्सा ढह गया और तीन भारी गार्डर जमीन पर आ गिरे। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ क्योंकि उस समय स्थल पर कोई मजदूर मौजूद नहीं था।
यह रेलवे ब्रिज किसलिए बनाया जा रहा था?
यह रोड ओवर ब्रिज अडास गांव और वडोदरा स्टेशन के बीच स्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या 250 पर सुरक्षा को मज़बूत बनाने के लिए बनाया जा रहा था। वेस्टर्न रेलवे पिछले करीब 15 महीनों से इस परियोजना पर काम कर रहा था।
हादसे में कितने गार्डर गिरे और कितने बड़े थे?
हादसे में तीन भारी गार्डर गिरे, जिनमें से प्रत्येक की लंबाई 50 फीट से अधिक बताई जा रही है। वेस्टर्न रेलवे के अनुसार ब्रिज का एप्रोच गार्डर सेक्शन प्रभावित हुआ है।
वेस्टर्न रेलवे ने इस घटना पर क्या कहा?
वेस्टर्न रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अनुभव सक्सेना ने इसे 'माइनर इंसिडेंट' बताया और कहा कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परियोजना समय पर पूरी की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद तय की जाएगी।
इस हादसे की जांच कौन कर रहा है?
रेलवे विभाग ने पूरे मामले की विस्तृत तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। प्रांत अधिकारी, डीवाईएसपी और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। जांच में ब्रिज के ढहने के कारणों का पता लगाया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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