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गुजरात: CM भूपेंद्र पटेल ने आदिवासी जिलों के लिए 51 मोबाइल हेल्थ यूनिट्स और 9 वैन रवाना कीं

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गुजरात: CM भूपेंद्र पटेल ने आदिवासी जिलों के लिए 51 मोबाइल हेल्थ यूनिट्स और 9 वैन रवाना कीं

सारांश

गुजरात के आदिवासी और दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए CM भूपेंद्र पटेल ने 51 दोपहिया मोबाइल हेल्थ यूनिट्स और 9 वैन रवाना कीं। डिजिटल निगरानी और CM डैशबोर्ड से जुड़ी यह पहल मातृ-शिशु स्वास्थ्य और शीघ्र निदान को केंद्र में रखती है।

मुख्य बातें

CM भूपेंद्र पटेल ने 17 जून 2026 को गांधीनगर से 51 दोपहिया मोबाइल हेल्थ यूनिट्स और 9 मोबाइल हेल्थ वैन रवाना कीं।
दोपहिया यूनिट्स विशेष रूप से उन आदिवासी बस्तियों के लिए हैं जहाँ चार पहिया वाहन नहीं पहुंच सकते।
प्रत्येक यूनिट में डिजिटल ब्लड प्रेशर मॉनिटर , ग्लूकोमीटर, हीमोग्लोबिन मीटर सहित आवश्यक चिकित्सा उपकरण मौजूद हैं।
प्रणाली को डिजिटल डेटा एंट्री और मुख्यमंत्री के डैशबोर्ड से जोड़ा गया है।
गर्भवती महिलाओं , नवजात शिशुओं , किशोरियों और एनीमिया पीड़ितों को प्राथमिकता दी जाएगी।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 17 जून 2026 को गांधीनगर से राज्य के दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए 51 दोपहिया मोबाइल हेल्थ यूनिट्स और 9 नई मोबाइल हेल्थ वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल उन आदिवासी बस्तियों को लक्षित करती है जहाँ दुर्गम भूभाग और खराब सड़क संपर्क के कारण अब तक चिकित्सा सुविधाएं नहीं पहुंच पाती थीं।

मुख्य घटनाक्रम

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया की उपस्थिति में गांधीनगर से इस बेड़े को रवाना किया गया। राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित यह कार्यक्रम आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं सीधे निवासियों के द्वार तक पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

राज्य सरकार के अनुसार, यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समर्थित समग्र स्वास्थ्य सेवा दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।

दोपहिया यूनिट्स की विशेषताएं

51 दोपहिया मोबाइल हेल्थ यूनिट्स विशेष रूप से उन स्थानों के लिए विकसित की गई हैं जहाँ चार पहिया चिकित्सा वाहनों का पहुंचना संभव नहीं है। प्रत्येक यूनिट में आवश्यक दवाओं और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल उपकरणों से युक्त एक मेडिकल बॉक्स है।

इन यूनिट्स में डिजिटल ब्लड प्रेशर मॉनिटर, स्टेथोस्कोप, ग्लूकोमीटर, क्लिनिकल थर्मामीटर, हीमोग्लोबिन मीटर, नी हैमर, नीडल कटर, इंस्ट्रूमेंट ट्रे और टॉर्च शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार इन यूनिट्स का उपयोग नियमित चिकित्सा सहायता के साथ-साथ आपातकालीन स्थितियों में भी किया जाएगा।

गौरतलब है कि इस प्रणाली को डिजिटल डेटा एंट्री सुविधाओं से एकीकृत किया गया है और निगरानी के लिए इसे मुख्यमंत्री के डैशबोर्ड से जोड़ा गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की रीयल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी।

आम जनता पर असर

सरकार के अनुसार, इस पहल से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच स्थानीय स्तर पर होगी। ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, मलेरिया और मूत्र संबंधी समस्याओं की प्राथमिक जांच गांव स्तर पर उपलब्ध होगी।

विशेष उपचार की आवश्यकता वाले मरीजों को तुरंत निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में रेफर किया जाएगा। इसके अलावा, किशोरियों और महिलाओं पर विशेष ध्यान देते हुए एनीमिया, पोषण, किशोर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पर मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।

क्या होगा आगे

अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यक्रम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य परिणामों में सुधार अपेक्षित है, क्योंकि समय पर चिकित्सा सहायता और देखभाल में होने वाली देरी में कमी आएगी। यह पहल गुजरात के आदिवासी जिलों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और इसके विस्तार की संभावनाएं भविष्य में अन्य दुर्गम क्षेत्रों तक भी देखी जा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

एनीमिया में कमी — को मापती है। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़े गुजरात के आदिवासी जिलों में पोषण और मातृ स्वास्थ्य संकेतकों में अभी भी पिछड़ेपन की ओर इशारा करते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में 51 दोपहिया मोबाइल हेल्थ यूनिट्स क्या हैं?
ये विशेष रूप से डिज़ाइन की गई दोपहिया चिकित्सा इकाइयाँ हैं जिन्हें गुजरात के उन आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में भेजा गया है जहाँ चार पहिया वाहन नहीं पहुंच सकते। प्रत्येक यूनिट में मेडिकल बॉक्स, डिजिटल उपकरण और आवश्यक दवाएं हैं।
इस पहल से किन लोगों को फायदा होगा?
इस कार्यक्रम का मुख्य लाभ गुजरात के आदिवासी जिलों में रहने वाले निवासियों को मिलेगा, विशेषकर गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, बच्चों और किशोरियों को। एनीमिया, पोषण और परिवार कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मोबाइल हेल्थ यूनिट्स में कौन-कौन से उपकरण हैं?
इन यूनिट्स में डिजिटल ब्लड प्रेशर मॉनिटर, स्टेथोस्कोप, ग्लूकोमीटर, क्लिनिकल थर्मामीटर, हीमोग्लोबिन मीटर, नी हैमर, नीडल कटर, इंस्ट्रूमेंट ट्रे और टॉर्च शामिल हैं। ये ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, मलेरिया और मूत्र संबंधी जांच के लिए सक्षम हैं।
इस कार्यक्रम की निगरानी कैसे होगी?
इस प्रणाली को डिजिटल डेटा एंट्री सुविधाओं से एकीकृत किया गया है और इसे मुख्यमंत्री के डैशबोर्ड से जोड़ा गया है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की रीयल-टाइम निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
9 मोबाइल हेल्थ वैन और 51 दोपहिया यूनिट्स में क्या अंतर है?
9 मोबाइल हेल्थ वैन चार पहिया वाहन हैं जो अपेक्षाकृत बेहतर सड़क संपर्क वाले क्षेत्रों में सेवा देंगी, जबकि 51 दोपहिया यूनिट्स उन अत्यंत दुर्गम बस्तियों के लिए हैं जहाँ बड़े वाहन नहीं पहुंच सकते। दोनों मिलकर आदिवासी जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक कवरेज सुनिश्चित करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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