गुजरात CM भूपेंद्र पटेल ने तापी में 317 बेड अस्पताल का उद्घाटन, ₹910 करोड़ के 800 बेड हॉस्पिटल की रखी नींव
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 22 सितंबर 2026 को तापी जिले के व्यारा में 317 बेड वाले ट्रांजिशनल हॉस्पिटल का उद्घाटन किया और 800 बेड वाले नए अस्पताल की आधारशिला रखी। इस स्वास्थ्य परियोजना से तापी जिले एवं गुजरात-महाराष्ट्र सीमा से सटे आदिवासी क्षेत्रों के 8 लाख से अधिक लोगों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।
मुख्य घटनाक्रम
नया ट्रांजिशनल हॉस्पिटल मौजूदा व्यारा जनरल हॉस्पिटल परिसर में स्थापित किया गया है, ताकि 800 बेड की बड़ी सुविधा के निर्माण के दौरान चिकित्सा सेवाएँ बाधित न हों। यह उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत किया गया। मुख्यमंत्री पटेल ने इस परियोजना को क्षेत्र के आदिवासी एवं ग्रामीण समुदायों को समर्पित किया।
यह परियोजना राज्य सरकार और यूएनएम फाउंडेशन द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत विकसित की जा रही है। यूएनएम फाउंडेशन, टोरेंट ग्रुप के प्रवर्तक मेहता परिवार का सामाजिक संगठन है।
अस्पताल की सुविधाएँ और आधारभूत ढाँचा
9,986 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले ट्रांजिशनल हॉस्पिटल में 271 सामान्य वार्ड बेड और 46 क्रिटिकल केयर बेड सहित कुल 317 बेड हैं। आउटपेशेंट विभाग की क्षमता प्रतिदिन लगभग 700 से बढ़कर 1,200 मरीज हो गई है, जिसमें 24 ओपीडी कक्ष और 17 नैदानिक विशेषज्ञताएँ शामिल हैं।
इस अस्पताल में 4 ऑपरेशन थिएटर हैं — तीन बड़ी सर्जरी के लिए और एक प्रसूति एवं सिजेरियन सेवाओं के लिए — इसके अतिरिक्त एक आपातकालीन माइनर ऑपरेशन थिएटर और एक पोस्टमॉर्टम ऑपरेशन थिएटर भी हैं। क्रिटिकल केयर ढाँचे में 34 आईसीयू बेड, 12 एनआईसीयू/पीआईसीयू बेड और 6 आपातकालीन विभाग बेड शामिल हैं।
अन्य सुविधाओं में उन्नत पैथोलॉजी एवं माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला, ब्लड स्टोरेज सेंटर, एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड सेवाएँ, 8 बेड की डायलिसिस यूनिट, केंद्रीय नसबंदी सेवा विभाग, कंगारू मदर केयर कक्ष और एनआरसी वार्ड शामिल हैं।
₹910 करोड़ की समग्र स्वास्थ्य परियोजना
व्यारा में प्रस्तावित स्वास्थ्य हब में 800 बेड का जनरल हॉस्पिटल, 150 सीटों वाला एमबीबीएस मेडिकल कॉलेज और एक छात्रावास शामिल होगा। यूएनएम फाउंडेशन इस परियोजना का नेतृत्व कर रहा है जिसकी अनुमानित लागत ₹910 करोड़ है। टोरेंट ग्रुप के निदेशक जिनल मेहता ने कहा, 'ट्रांजिशनल हॉस्पिटल का उद्घाटन और नए यूएनएम जनरल हॉस्पिटल की नींव रखना व्यारा और आसपास के इलाकों के लिए स्वास्थ्य सेवा में एक नया अध्याय है।'
गौरतलब है कि यूएनएम फाउंडेशन की स्वास्थ्य पहलों में अहमदाबाद में यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर, सूरत के कामरेज में यूएनएम चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल और अहमदाबाद में संकलन न्यूरो रिहैबिलिटेशन सेंटर भी शामिल हैं।
आम जनता पर असर
अभी तक तापी जिले में जिन मरीजों को विशेष उपचार की आवश्यकता होती थी, उन्हें लगभग 75 किलोमीटर दूर सूरत जाना पड़ता था। नई सुविधा से गुजरात-महाराष्ट्र सीमावर्ती आदिवासी क्षेत्रों के निवासियों को घर के नज़दीक उन्नत उपचार और आपातकालीन देखभाल मिल सकेगी। यह परियोजना प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के माध्यम से आदिवासी छात्रों के लिए चिकित्सा शिक्षा को भी उनके क्षेत्र में सुलभ बनाएगी।
क्या होगा आगे
₹910 करोड़ की लागत से बनने वाले 800 बेड के अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का निर्माण आने वाले वर्षों में पूरा होना अपेक्षित है। यह परियोजना पूरी होने पर व्यारा को आदिवासी बहुल सीमावर्ती क्षेत्र का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र बनाने का लक्ष्य है।