24 अक्टूबर 2026
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गुजरात में ₹500 करोड़ से अधिक की स्वास्थ्य परियोजनाएं समर्पित, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने किया उद्घाटन

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गुजरात में ₹500 करोड़ से अधिक की स्वास्थ्य परियोजनाएं समर्पित, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने किया उद्घाटन

सारांश

गुजरात में एक दिन में ₹500 करोड़ से अधिक की स्वास्थ्य परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास — 255 नई सुविधाएं, एक अत्याधुनिक तंत्रिका विज्ञान केंद्र, और ₹3,000 करोड़ की दो नई मेडिसिटी की घोषणा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का यह दांव राज्य की स्वास्थ्य अवसंरचना को नई दिशा देने का प्रयास है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 24 अक्टूबर 2026 को गुजरात को ₹500 करोड़ से अधिक की स्वास्थ्य परियोजनाएं समर्पित कीं।
₹185 करोड़ की लागत से निर्मित 255 स्वास्थ्य सुविधाओं का ई-उद्घाटन; ₹347 करोड़ की 45 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।
अहमदाबाद में ₹223 करोड़ के तंत्रिका विज्ञान एवं अनुसंधान केंद्र की नींव — 521 बिस्तर , 13 ऑपरेशन थिएटर और 58,831 वर्ग मीटर में निर्मित होगा।
गुजरात में मेडिकल कॉलेज 2001-02 में 8 से बढ़कर 2025-26 में 43 ; एमबीबीएस सीटें 1,375 से 7,525 हुईं।
आयुष्मान भारत के तहत गुजरात में 2.87 करोड़ से अधिक नागरिकों को कार्ड जारी; पात्र लाभार्थियों को ₹10 लाख तक मुफ्त इलाज।
वसई और कामरेज में ₹3,000 करोड़ की लागत से नई मेडिसिटी स्थापित करने की योजना।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 24 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद में आयोजित एक भव्य समारोह में गुजरात की जनता को ₹500 करोड़ से अधिक की स्वास्थ्य विकास परियोजनाएं समर्पित कीं। इनमें 255 नवनिर्मित स्वास्थ्य सुविधाओं का ई-उद्घाटन और 45 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखना शामिल रहा। यह आयोजन राज्य में रोग निवारण, स्वास्थ्य संवर्धन और किफायती उपचार की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

समारोह में ₹185 करोड़ की लागत से निर्मित 255 स्वास्थ्य सुविधाओं का ई-उद्घाटन किया गया, जबकि ₹347 करोड़ की लागत वाली 45 नई स्वास्थ्य परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। इसके अतिरिक्त, अहमदाबाद सिविल अस्पताल परिसर में ₹223 करोड़ की लागत से विकसित होने वाले तंत्रिका विज्ञान एवं अनुसंधान केंद्र संस्थान की नींव भी रखी गई।

यह तंत्रिका विज्ञान केंद्र 58,831 वर्ग मीटर में फैला होगा और इसमें 521 बिस्तर की क्षमता होगी — जिनमें 288 सामान्य वार्ड बेड, 160 आईसीयू बेड, 57 विशेष और अर्ध-विशेष बिस्तर और 16 ट्राइएज बिस्तर शामिल हैं। केंद्र में 13 अंतरराष्ट्रीय मानकीकृत ऑपरेशन थिएटर, आपातकालीन रेडियोलॉजी, उन्नत प्रयोगशालाएं, रक्त बैंक, न्यूरो-पुनर्वास केंद्र और वायवीय ट्यूब प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी।

मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को अब ₹10 लाख तक का मुफ्त इलाज प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि गुजरात में अब तक 2.87 करोड़ से अधिक नागरिकों को आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिससे गंभीर बीमारियों के कारण परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ में काफी कमी आई है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 2001-02 में मात्र 8 थी, जो 2025-26 तक बढ़कर 43 हो गई है। इसी अवधि में एमबीबीएस सीटों की संख्या 1,375 से बढ़कर 7,525 हो गई है — यह लगभग साढ़े पाँच गुना की वृद्धि है।

भविष्य की स्वास्थ्य अवसंरचना योजनाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजकोट में एम्स अब पूरी तरह चालू हो चुका है और जामनगर में विश्व का पहला वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र विकसित किया जा रहा है। अहमदाबाद मॉडल की तर्ज पर वसई और कामरेज में लगभग ₹3,000 करोड़ की अनुमानित लागत से नई मेडिसिटी स्थापित करने की योजना है।

गांधीनगर और सूरत में भी कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी सेवाओं का विस्तार किया जाना प्रस्तावित है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने बताया कि अहमदाबाद सिविल परिसर में ही भविष्य में एक सुसज्जित स्पाइन अस्पताल स्थापित करने की भी योजना है।

स्वास्थ्य संकेतकों में प्रगति

स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने बताया कि गुजरात ने तपेदिक नियंत्रण, चांदीपुरा वायरस और मलेरिया पर अंकुश लगाने तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। उन्होंने यह भी कहा कि अंगदान में गुजरात के अस्पताल देश में प्रथम स्थान पर हैं।

राज्य में 108 आपातकालीन सेवा के तहत 1,400 से अधिक एम्बुलेंस चौबीसों घंटे आपातकालीन देखभाल सुनिश्चित कर रही हैं। गौरतलब है कि यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

आम जनता पर असर

नई परियोजनाओं से विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अब तक जटिल तंत्रिका संबंधी विकारों के इलाज के लिए बड़े शहरों में जाना पड़ता था। नया तंत्रिका विज्ञान केंद्र स्ट्रोक, मस्तिष्क ट्यूमर, रीढ़ की हड्डी के विकारों और दुर्घटना-जनित तंत्रिका चोटों के इलाज की सुविधा गुजरात और पड़ोसी राज्यों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराएगा।

आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन और उनकी गुणवत्ता ही यह तय करेगी कि राज्य का 'स्वस्थ गुजरात' का विजन ज़मीनी स्तर पर किस हद तक साकार होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि ये परियोजनाएं तय समयसीमा और गुणवत्ता के साथ पूरी हों। गुजरात में मेडिकल सीटों की पाँच गुना वृद्धि निस्संदेह उल्लेखनीय है, परंतु डॉक्टरों की ग्रामीण तैनाती और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की वास्तविक कार्यक्षमता जैसे सवाल इस घोषणा में अनुत्तरित रहे। ₹3,000 करोड़ की मेडिसिटी योजनाएं दीर्घकालिक दृष्टि को दर्शाती हैं, लेकिन वसई और कामरेज जैसे क्षेत्रों की आबादी के लिए इनकी वास्तविक पहुँच और सामर्थ्य सुनिश्चित करना ही इस निवेश की सार्थकता तय करेगा।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुजरात में कितनी स्वास्थ्य परियोजनाएं समर्पित कीं?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 24 अक्टूबर 2026 को ₹500 करोड़ से अधिक की स्वास्थ्य परियोजनाएं समर्पित कीं। इनमें ₹185 करोड़ की लागत से बनी 255 नई स्वास्थ्य सुविधाओं का ई-उद्घाटन और ₹347 करोड़ की 45 परियोजनाओं की आधारशिला शामिल है।
अहमदाबाद में नए तंत्रिका विज्ञान केंद्र की क्या विशेषताएं हैं?
अहमदाबाद सिविल अस्पताल परिसर में ₹223 करोड़ की लागत से बनने वाला यह केंद्र 58,831 वर्ग मीटर में फैला होगा और इसमें 521 बिस्तर व 13 अंतरराष्ट्रीय मानकीकृत ऑपरेशन थिएटर होंगे। यह केंद्र स्ट्रोक, मस्तिष्क ट्यूमर, रीढ़ की हड्डी के विकारों और तंत्रिका संबंधी चोटों के उन्नत उपचार की सुविधा प्रदान करेगा।
गुजरात में आयुष्मान भारत योजना की स्थिति क्या है?
गुजरात में अब तक 2.87 करोड़ से अधिक नागरिकों को आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ₹10 लाख तक का मुफ्त इलाज प्रदान किया जाता है, जिससे गंभीर बीमारियों के चलते परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम हुआ है।
गुजरात में नई मेडिसिटी कहाँ बनाई जाएगी?
अहमदाबाद मॉडल की तर्ज पर वसई और कामरेज में लगभग ₹3,000 करोड़ की अनुमानित लागत से नई मेडिसिटी स्थापित करने की योजना है। इसका उद्देश्य एक ही छत के नीचे व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
गुजरात में मेडिकल कॉलेजों और एमबीबीएस सीटों में कितनी वृद्धि हुई है?
गुजरात में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 2001-02 में मात्र 8 थी, जो 2025-26 तक बढ़कर 43 हो गई है। इसी अवधि में एमबीबीएस सीटें 1,375 से बढ़कर 7,525 हो गई हैं, जो लगभग साढ़े पाँच गुना की वृद्धि दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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