गुजरात में खाद्य सुरक्षा अभियान: 1,407 हॉस्टल-कैंटीन जांचे, 5 लाइसेंस सस्पेंड
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के फूड एंड ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (FDCA) ने 14 से 28 सितंबर 2026 के बीच राज्यव्यापी खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत 1,407 हॉस्टल और कैंटीन का निरीक्षण किया, जिसमें 328 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए, 459 स्थानों से खाद्य नमूने लिए गए और 5 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। राज्य सरकार ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को गांधीनगर में आयोजित समीक्षा बैठक में यह जानकारी साझा की।
अभियान का विस्तार और दायरा
FDCA ने इस अभियान में 259 सरकारी, 303 अर्ध-सरकारी और 845 निजी हॉस्टल एवं कैंटीन की जाँच की। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान 16 प्रतिष्ठानों ने जाँच से पहले ही स्वेच्छा से अपना कामकाज बंद कर दिया — जो खुद इस बात का संकेत है कि मानकों का उल्लंघन व्यापक था।
गौरतलब है कि यह अभियान नवरात्रि पर्व से ठीक पहले शुरू किया गया था, जब सार्वजनिक स्थानों और धार्मिक आयोजनों में खाद्य सामग्री की माँग चरम पर होती है।
मंत्री की समीक्षा और निर्देश
इन आँकड़ों की समीक्षा गांधीनगर में स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में की गई, जिसमें FDCA कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में नवरात्रि के दौरान और उसके बाद स्वच्छ, सुरक्षित और मिलावट-मुक्त भोजन उपलब्ध कराने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।
पानशेरिया ने कहा कि नवरात्रि के दौरान पूरे राज्य में मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन तैनात की जाएंगी, जो मिठाई, फरसान, दूध, घी और अन्य खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता की मौके पर ही जाँच करेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया, 'ये वैन मौके पर ही सैंपल की जांच करेंगी और मिलावटी या घटिया खाना बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।'
साल भर अभियान की माँग
मंत्री ने इस बात पर विशेष ज़ोर दिया कि खाद्य सुरक्षा अभियान केवल त्योहारी मौसम तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे पूरे वर्ष निरंतर चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और सुरक्षित भोजन तक पहुँच सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
पानशेरिया ने उपभोक्ताओं से भी अपील की कि वे होटल और रेस्टोरेंट की रसोई की स्वच्छता पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी साफ-सफाई की कमी दिखे तो गांधीनगर स्थित FDCA कार्यालय को तत्काल सूचना दी जाए।
शहरी निकायों की सराहना
समीक्षा बैठक में मंत्री ने सूरत, अहमदाबाद और वडोदरा के नगर निगम की टीमों के खाद्य सुरक्षा कार्य की विशेष सराहना की। राज्य सरकार के अनुसार, इन शहरों की टीमों ने अभियान के दौरान लगातार और प्रभावी निगरानी का काम किया।
यह अभियान ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में मिलावटी खाद्य पदार्थों को लेकर जनता में चिंता बढ़ रही है। राज्य सरकार की यह पहल, विशेषकर शैक्षणिक संस्थानों के हॉस्टलों को केंद्र में रखकर, छात्रों एवं कामगारों के स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। आगे की कार्रवाई और जाँच रिपोर्टों के परिणाम आने के साथ और प्रतिष्ठानों पर कड़े कदम उठाए जाने की संभावना है।