गुजरात में 'आई-खेदुत' पोर्टल २७ मार्च से शुरू, किसानों के लिए १४८ घटकों में आवेदन
सारांश
Key Takeaways
- गुजरात सरकार का 'आई-खेदुत' पोर्टल २७ मार्च से खुल रहा है।
- किसान १४८ घटकों के तहत ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
- आवेदन प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाने का प्रयास किया गया है।
- आवेदन के तुरंत बाद सब्सिडी और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
- कृषि क्षेत्र में आधुनिक उपकरणों के लिए सहायता भी मिलेगी।
गांधीनगर, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात सरकार २७ मार्च से २६ अप्रैल तक 'आई-खेदुत' पोर्टल का संचालन करेगी, जिससे कृषि, बागवानी और पशुपालन योजनाओं के तहत १४८ घटकों में सहायता की आवश्यकता रखने वाले किसानों और पशुपालकों से ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री जीतू वाघाणी ने जानकारी दी कि किसान कृषि क्षेत्र के लिए ४२ घटकों, बागवानी के लिए ९४ घटकों और पशुपालन के लिए १२ घटकों पर आवेदन कर सकते हैं।
मंत्री ने कहा, "बजट पारित होने के कुछ ही दिनों बाद, कृषि विभाग राज्य का पहला विभाग होगा जो नए साल के लिए पोर्टल शुरू करेगा। विभाग वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही योजनाओं के लाभ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदनों पर क्रमबद्ध तरीके से कार्यवाही की जाएगी। "जैसे ही आवेदन प्राप्त और सत्यापित होंगे, पात्र किसानों को तुरंत सब्सिडी और सहायता दी जाएगी, बिना अंतिम तिथि का इंतजार किए," उन्होंने कहा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य लाभों की समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित करना है। प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे किसान आधार कार्ड प्रमाणीकरण का उपयोग कर स्वयं या ग्राम पंचायत के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।
मंत्री ने आवेदकों से अनुरोध किया कि वे अंतिम तिथि तक इंतज़ार न करें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म जल्द सबमिट करें ताकि अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सके।
इन योजनाओं के तहत किसान आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए ट्रैक्टर, कंबाइन हार्वेस्टर, रोटावेटर, लेजर लैंड लेवलर, पावर टिलर, ऑयल इंजन और स्मार्टफोन जैसे उपकरण खरीदने के लिए सहायता प्राप्त कर सकते हैं। सुरक्षात्मक उपायों के लिए कांटेदार बाड़, फसल भंडारण संरचनाएं, सौर ऊर्जा इकाइयां और पंप सेट के लिए भी सहायता उपलब्ध है।
बागवानी क्षेत्र में २० पीटीओ हॉर्सपावर तक के मिनी ट्रैक्टर, नेट हाउस, पॉलीहाउस और कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं उपलब्ध हैं, साथ ही फलों, फूलों और सब्जियों की खेती के लिए भी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
इन योजनाओं में ड्रैगन फ्रूट और ऑयल पाम जैसी फसलों के लिए प्रोत्साहन भी शामिल हैं। पशुपालकों के लिए मवेशी बाड़े के निर्माण, दुधारू पशुओं के लिए डेयरी फार्म, मुर्गी पालन प्रशिक्षण छात्रवृत्ति, बछड़ा पालन और बकरी पालन इकाइयों के लिए सहायता प्रदान की जाएगी।
यह घोषणा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा कृषि को आधुनिक बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों के तहत की गई है।