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वलसाड में ₹14.20 लाख की शराब बरामद, चावल के छिलके में छिपाकर हो रही थी तस्करी; एक गिरफ्तार

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वलसाड में ₹14.20 लाख की शराब बरामद, चावल के छिलके में छिपाकर हो रही थी तस्करी; एक गिरफ्तार

सारांश

गुजरात के वलसाड में एलसीबी ने चावल के छिलके की आड़ में सिलवासा से ऊना ले जाई जा रही ₹14.20 लाख की शराब पकड़ी। 203 बक्सों में 8,940 बोतलें और कैन — कुल ₹22.57 लाख की संपत्ति जब्त। चालक गिरफ्तार, दो आरोपी फरार।

मुख्य बातें

एलसीबी वलसाड ने राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर टाटा टेम्पो रोककर ₹14,20,944 मूल्य की आईएमएफएल जब्त की।
शराब को चावल के छिलके से भरे 100 बोरों में छिपाया गया था; 203 बक्सों में 8,940 बोतलें और कैन (कुल 1,809.360 लीटर ) बरामद।
खेप सिलवासा से ऊना ले जाई जा रही थी।
चालक हिम्मत सोलंकी (38) , निवासी मोती फाफनी गाँव, कोडिनार, गिर सोमनाथ — मौके पर गिरफ्तार।
जब्त समस्त संपत्ति का कुल मूल्य ₹22,57,444 ; दो वांछित आरोपी — केवल मनुभाई और एक अज्ञात सहयोगी — अभी फरार।
मामला गुजरात निषेध कानून के तहत डूंगरी पुलिस स्टेशन में दर्ज।

गुजरात के वलसाड जिले में स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने 27 जुलाई 2025 को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹14,20,944 मूल्य की भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) जब्त की। शराब को पकड़े जाने से बचाने के लिए उसे चावल के छिलके से भरे 100 प्लास्टिक बोरों में छिपाकर सिलवासा से ऊना ले जाया जा रहा था। राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन को रोकते ही पूरे तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया।

कैसे हुई कार्रवाई

सूरत रेंज के पुलिस महानिरीक्षक प्रेम वीर सिंह और वलसाड के पुलिस अधीक्षक युवराजसिंह जडेजा के निर्देशानुसार जिले में शराबबंदी विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एलसीबी पुलिस इंस्पेक्टर एयू रोज की देखरेख में और पीएसआई जेजी वासावा के नेतृत्व में टीम निषेध गश्त पर थी।

गश्त के दौरान सहायक पुलिस कांस्टेबल तेजपालसिंह महेंद्रसिंह को एक वाहन में अवैध शराब ले जाए जाने की विशेष सूचना मिली। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए टीम ने मुंबई-सूरत मार्ग पर डूंगरी स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर फेयर कंपनी के पास एक भूरे रंग के टाटा टेम्पो को रोका।

मुख्य बरामदगी का ब्यौरा

वाहन की तलाशी में चावल के छिलके से भरे 100 प्लास्टिक बोरों के नीचे व्हिस्की, वोदका और बीयर से भरे 203 बक्से मिले। इस खेप में कुल 8,940 बोतलें और कैन थे, जिनकी मात्रा 1,809.360 लीटर और कीमत ₹14,20,944 आँकी गई।

इसके अलावा पुलिस ने चालक की तलाशी के दौरान ₹8 लाख मूल्य का वाहन, ₹31,500 मूल्य के चावल के छिलके के बोरे और ₹5,000 मूल्य का एक मोबाइल फोन भी जब्त किया। जब्त की गई समस्त संपत्ति का कुल मूल्य ₹22,57,444 आँका गया है।

गिरफ्तारी और वांछित आरोपी

वाहन चालक की पहचान गिर सोमनाथ जिले के कोडिनार तालुका के मोती फाफनी गाँव निवासी हिम्मत सोलंकी (38 वर्ष) के रूप में हुई। उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने दो वांछित आरोपियों के नाम भी सामने रखे हैं। पहले आरोपी की पहचान गिर सोमनाथ जिले के ऊना निवासी केवल मनुभाई के रूप में हुई है, जिन पर शराब की खेप के परिवहन और खरीद की व्यवस्था करने का आरोप है। दूसरा आरोपी मनुभाई का एक अज्ञात सहयोगी है, जिसने कथित तौर पर परिवहन के लिए इस्तेमाल वाहन उपलब्ध कराया था।

कानूनी कार्रवाई

सहायक पुलिस कांस्टेबल तेजपालसिंह महेंद्रसिंह ने गुजरात निषेध कानून की संबंधित धाराओं के तहत डूंगरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। जब्त संपत्ति और गिरफ्तार आरोपी को डूंगरी पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है। वांछित आरोपियों की तलाश जारी है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि गुजरात में शराबबंदी लागू होने के बावजूद सिलवासा जैसे पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेशों से शराब की तस्करी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि तस्कर अब परिष्कृत तरीकों — जैसे कृषि उत्पादों की आड़ — का सहारा ले रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे तस्करी नेटवर्क की जाँच की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि गुजरात की शराबबंदी नीति की एक बड़ी खामी को उजागर करता है — सिलवासा जैसे निकटवर्ती केंद्र शासित प्रदेश वर्षों से तस्करी के प्रवेश द्वार बने हुए हैं। चावल के छिलके जैसे कृषि उत्पाद की आड़ लेना दर्शाता है कि तस्करी नेटवर्क लगातार परिष्कृत होते जा रहे हैं। दो वांछित आरोपियों का अभी भी फरार होना यह सवाल उठाता है कि क्या आपूर्ति श्रृंखला के ऊपरी सिरे तक कार्रवाई पहुँच पाएगी, या केवल वाहन चालक ही कानून की पकड़ में आएगा।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वलसाड में जब्त की गई शराब की कीमत कितनी थी और क्या बरामद हुआ?
एलसीबी ने ₹14,20,944 मूल्य की आईएमएफएल जब्त की, जिसमें व्हिस्की, वोदका और बीयर के 203 बक्सों में 8,940 बोतलें और कैन (1,809.360 लीटर) शामिल थे। वाहन, बोरे और मोबाइल फोन सहित कुल जब्त संपत्ति का मूल्य ₹22,57,444 आँका गया।
शराब को छिपाने के लिए किस तरकीब का इस्तेमाल किया गया?
तस्करों ने शराब के बक्सों को चावल के छिलके से भरे 100 प्लास्टिक बोरों के नीचे दबाकर छिपाया था। यह तरकीब इसलिए अपनाई गई ताकि वाहन की सतही जाँच में शराब नज़र न आए।
इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए और कितने फरार हैं?
वाहन चालक हिम्मत सोलंकी (38), निवासी मोती फाफनी गाँव, कोडिनार, गिर सोमनाथ, को मौके पर गिरफ्तार किया गया। दो वांछित आरोपी — केवल मनुभाई (ऊना निवासी) और उनका एक अज्ञात सहयोगी — अभी भी फरार हैं।
यह खेप कहाँ से कहाँ ले जाई जा रही थी?
शराब की यह खेप सिलवासा (दादरा और नगर हवेली) से गुजरात के ऊना (गिर सोमनाथ जिला) ले जाई जा रही थी। मुंबई-सूरत मार्ग पर डूंगरी स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर वाहन को रोका गया।
गुजरात में शराबबंदी के बावजूद तस्करी क्यों होती है?
गुजरात में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध है, लेकिन सिलवासा जैसे पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेशों में शराब की बिक्री कानूनी है। इस भौगोलिक विषमता का फायदा उठाकर तस्कर राज्य में शराब की आपूर्ति करते हैं, जिससे निषेध कानून को लागू करना एक निरंतर चुनौती बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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