गुजरात: सास की हत्या की झूठी सूचना देने वाले माधवदास ने खुद 2022 में तीन हत्याओं का किया कबूलनामा
सारांश
मुख्य बातें
सूरत जिले में अपनी 85 वर्षीय सास की हत्या की जानकारी लेकर अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच पहुँचा व्यक्ति माधवदास भक्तिराम साधु कथित तौर पर खुद ही 2022 में की गई तीन हत्याओं का अपराधी निकला। 30 सितंबर 2026 को पूछताछ के दौरान माधवदास ने स्वीकार किया कि उसने अपनी पत्नी और एक रिश्तेदार को फँसाने के लिए झूठी सूचना दी थी।
मामले का नाटकीय मोड़
माधवदास अहमदाबाद क्राइम ब्रांच में यह आरोप लेकर आया था कि सूरत जिले के मंगरोल तालुका के कोसंबा स्थित कब्रिस्तान फलिया निवासी शांताबेन गंभीरभाई वसावा की हत्या उसकी पत्नी उर्मिला उर्फ जया और चचेरे भाई अफजल उर्फ पोटो दीवान ने मिलकर चार-पाँच वर्ष पहले की थी और शव को घर के भीतर सीमेंट के नीचे दफना दिया था।
क्राइम ब्रांच ने सूचना के आधार पर अफजल को पूछताछ के लिए बुलाया। जाँचकर्ताओं के अनुसार, अफजल ने इस हत्या से किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया और पूछताछ में उसकी संलिप्तता साबित नहीं हुई।
माधवदास पर संदेह और विस्तृत पूछताछ
एसीपी (क्राइम ब्रांच) भरत पटेल ने बताया कि जब अफजल के खिलाफ कोई प्रमाण नहीं मिला, तो जाँच का रुख सूचना देने वाले माधवदास की ओर मोड़ा गया। विस्तृत पूछताछ में माधवदास ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने अफजल का नाम झूठा बताया था।
पुलिस के अनुसार, माधवदास की पत्नी उर्मिला अपने बेटे के साथ सोने-चाँदी के गहने और नकदी लेकर करीब नौ महीने से अलग रह रही थी। माधवदास ने कथित तौर पर कबूल किया कि वह पत्नी और अफजल दोनों से बदला लेने की नीयत से झूठी सूचना लेकर पुलिस के पास पहुँचा था।
तीन हत्याओं का खुलासा
पटेल के अनुसार, माधवदास ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने और उर्मिला ने मिलकर 2022 में तीन महिलाओं की हत्या की — जिनमें उसकी माँ, सास और साली शामिल हैं।
पहले मामले में, पुलिस ने आरोप लगाया है कि माधवदास और उर्मिला ने 7 अक्टूबर 2022 की रात को शांताबेन की तकिए से गला घोंटकर हत्या की। इसके बाद शव को एक ड्रम में रखकर उसमें सीमेंट और पानी की तीन बोरियाँ डाली गईं और ड्रम को घर के भीतर ही छिपाया गया।
आरोपों के अनुसार, लगभग साढ़े तीन महीने बाद ड्रम को काटकर शव को सीमेंट के ब्लॉक समेत घर के बरामदे में खोदे गए गड्ढे में दफना दिया गया।
अब आगे क्या
क्राइम ब्रांच की जाँच अब तीनों हत्याओं के विवरण और शवों की बरामदगी की दिशा में आगे बढ़ रही है। माधवदास की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी उर्मिला की भूमिका की भी जाँच की जा रही है। यह मामला आपराधिक न्याय प्रणाली में झूठी सूचना देने और उल्टा फँस जाने का एक असाधारण उदाहरण बन गया है।