1 अक्टूबर 2026
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गुजरात: सास की हत्या की झूठी सूचना देने वाले माधवदास ने खुद 2022 में तीन हत्याओं का किया कबूलनामा

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गुजरात: सास की हत्या की झूठी सूचना देने वाले माधवदास ने खुद 2022 में तीन हत्याओं का किया कबूलनामा

सारांश

सूरत में सास की हत्या की शिकायत लेकर खुद क्राइम ब्रांच पहुँचा माधवदास साधु पूछताछ में 2022 की तीन हत्याओं का असली आरोपी निकला। झूठी सूचना से पत्नी और रिश्तेदार को फँसाने की कोशिश उल्टी पड़ी और उसने अपनी माँ, सास और साली की हत्या कबूल की।

मुख्य बातें

माधवदास भक्तिराम साधु ने अहमदाबाद क्राइम ब्रांच में सास की हत्या की झूठी सूचना दी, जो खुद उसी पर उल्टी पड़ी।
पूछताछ में माधवदास ने कथित तौर पर 2022 में तीन महिलाओं — अपनी माँ, सास और साली — की हत्या करना स्वीकार किया।
7 अक्टूबर 2022 की रात शांताबेन गंभीरभाई वसावा की तकिए से गला घोंटकर हत्या का आरोप; शव को सीमेंट से भरे ड्रम में छिपाया गया।
माधवदास ने अपनी पत्नी उर्मिला उर्फ जया और चचेरे भाई अफजल उर्फ पोटो दीवान को झूठा फँसाने की कोशिश की थी।
एसीपी भरत पटेल के अनुसार अफजल से पूछताछ में उसकी कोई संलिप्तता नहीं पाई गई, जिसके बाद माधवदास पर संदेह गहराया।

सूरत जिले में अपनी 85 वर्षीय सास की हत्या की जानकारी लेकर अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच पहुँचा व्यक्ति माधवदास भक्तिराम साधु कथित तौर पर खुद ही 2022 में की गई तीन हत्याओं का अपराधी निकला। 30 सितंबर 2026 को पूछताछ के दौरान माधवदास ने स्वीकार किया कि उसने अपनी पत्नी और एक रिश्तेदार को फँसाने के लिए झूठी सूचना दी थी।

मामले का नाटकीय मोड़

माधवदास अहमदाबाद क्राइम ब्रांच में यह आरोप लेकर आया था कि सूरत जिले के मंगरोल तालुका के कोसंबा स्थित कब्रिस्तान फलिया निवासी शांताबेन गंभीरभाई वसावा की हत्या उसकी पत्नी उर्मिला उर्फ जया और चचेरे भाई अफजल उर्फ पोटो दीवान ने मिलकर चार-पाँच वर्ष पहले की थी और शव को घर के भीतर सीमेंट के नीचे दफना दिया था।

क्राइम ब्रांच ने सूचना के आधार पर अफजल को पूछताछ के लिए बुलाया। जाँचकर्ताओं के अनुसार, अफजल ने इस हत्या से किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया और पूछताछ में उसकी संलिप्तता साबित नहीं हुई।

माधवदास पर संदेह और विस्तृत पूछताछ

एसीपी (क्राइम ब्रांच) भरत पटेल ने बताया कि जब अफजल के खिलाफ कोई प्रमाण नहीं मिला, तो जाँच का रुख सूचना देने वाले माधवदास की ओर मोड़ा गया। विस्तृत पूछताछ में माधवदास ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने अफजल का नाम झूठा बताया था।

पुलिस के अनुसार, माधवदास की पत्नी उर्मिला अपने बेटे के साथ सोने-चाँदी के गहने और नकदी लेकर करीब नौ महीने से अलग रह रही थी। माधवदास ने कथित तौर पर कबूल किया कि वह पत्नी और अफजल दोनों से बदला लेने की नीयत से झूठी सूचना लेकर पुलिस के पास पहुँचा था।

तीन हत्याओं का खुलासा

पटेल के अनुसार, माधवदास ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने और उर्मिला ने मिलकर 2022 में तीन महिलाओं की हत्या की — जिनमें उसकी माँ, सास और साली शामिल हैं।

पहले मामले में, पुलिस ने आरोप लगाया है कि माधवदास और उर्मिला ने 7 अक्टूबर 2022 की रात को शांताबेन की तकिए से गला घोंटकर हत्या की। इसके बाद शव को एक ड्रम में रखकर उसमें सीमेंट और पानी की तीन बोरियाँ डाली गईं और ड्रम को घर के भीतर ही छिपाया गया।

आरोपों के अनुसार, लगभग साढ़े तीन महीने बाद ड्रम को काटकर शव को सीमेंट के ब्लॉक समेत घर के बरामदे में खोदे गए गड्ढे में दफना दिया गया।

अब आगे क्या

क्राइम ब्रांच की जाँच अब तीनों हत्याओं के विवरण और शवों की बरामदगी की दिशा में आगे बढ़ रही है। माधवदास की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी उर्मिला की भूमिका की भी जाँच की जा रही है। यह मामला आपराधिक न्याय प्रणाली में झूठी सूचना देने और उल्टा फँस जाने का एक असाधारण उदाहरण बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अहमदाबाद क्राइम ब्रांच का यह मामला दिखाता है कि क्रॉस-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया कितनी महत्वपूर्ण है। साथ ही, यह तथ्य कि तीन हत्याएँ वर्षों तक अनजान रहीं और शव घर के भीतर दफन थे, स्थानीय निगरानी तंत्र की गंभीर खामियों को रेखांकित करता है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माधवदास साधु ने क्या कबूल किया?
माधवदास भक्तिराम साधु ने अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की पूछताछ में कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने और उसकी पत्नी उर्मिला ने मिलकर 2022 में तीन महिलाओं — अपनी माँ, सास और साली — की हत्या की थी। उसने यह भी कबूल किया कि वह अपनी पत्नी और चचेरे भाई को झूठा फँसाने के इरादे से शिकायत लेकर पुलिस के पास गया था।
शांताबेन की हत्या कैसे की गई और शव कहाँ छिपाया गया?
पुलिस के अनुसार, 7 अक्टूबर 2022 की रात शांताबेन गंभीरभाई वसावा की तकिए से गला घोंटकर हत्या की गई। शव को एक ड्रम में रखकर उसमें सीमेंट और पानी भर दिया गया और घर के भीतर रखा गया; करीब साढ़े तीन महीने बाद शव को सीमेंट के ब्लॉक समेत बरामदे में दफना दिया गया।
माधवदास ने झूठी शिकायत क्यों दी?
पुलिस के अनुसार, माधवदास की पत्नी उर्मिला उसके बेटे के साथ सोने-चाँदी के गहने और नकदी लेकर करीब नौ महीने से अलग रह रही थी। माधवदास को अपनी पत्नी और चचेरे भाई अफजल दोनों से बदला लेना था, इसलिए उसने उन्हें हत्या में फँसाने की कोशिश की।
अफजल को क्यों छोड़ा गया?
एसीपी भरत पटेल के अनुसार, अफजल से विस्तृत पूछताछ के बाद शांताबेन की हत्या में उसकी किसी भी प्रकार की संलिप्तता के कोई साक्ष्य नहीं मिले। इसके बाद जाँचकर्ताओं का ध्यान सूचनाकर्ता माधवदास की ओर गया, जिससे यह पूरा मामला उजागर हुआ।
इस मामले में आगे क्या होगा?
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच तीनों हत्याओं के विवरण की जाँच और शवों की बरामदगी की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। माधवदास की पत्नी उर्मिला की भूमिका की भी जाँच जारी है, क्योंकि कबूलनामे के अनुसार वह भी हत्याओं में कथित तौर पर शामिल बताई गई है।
राष्ट्र प्रेस
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