सुपारी देकर हत्या की योजना: छत्तीसगढ़ में आरोपी गिरफ्तार, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की कार्रवाई

Click to start listening
सुपारी देकर हत्या की योजना: छत्तीसगढ़ में आरोपी गिरफ्तार, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की कार्रवाई

सारांश

छत्तीसगढ़ में हत्या और लूट के एक मामले में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में कई सालों तक अनसुलझा रह गया था, लेकिन अब इसे सुलझा लिया गया है।

Key Takeaways

  • छत्तीसगढ़ में हत्या और लूट का मामला
  • मुख्य आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
  • परिवारिक विवाद का गहरा प्रभाव
  • आरोपियों द्वारा डिजिटल चुप्पी अपनाना
  • पुलिस की सक्रियता से गिरफ्तारी

अहमदाबाद, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ में 2021 में घटित एक हत्या और लूट के मामले, जो लगभग पांच साल तक अनसुलझा रहा, के मुख्य आरोपी को अब अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।

आरोपी की पहचान अजयकुमार उर्फ ​​लक्ष्मीसागर उर्फ ​​किमतीश्री मिश्रा के रूप में हुई है। उसे रायपुर के टिकरापारा में अपराध करने के बाद कई वर्षों तक गिरफ्तारी से बचते रहने के बाद अहमदाबाद के नरोडा क्षेत्र से पकड़ा गया।

जांचकर्ताओं ने बताया कि यह मामला संपत्ति से जुड़े लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद से संबंधित है। अमर यादव की विधवा शकुंतला यादव अपने छोटे बेटे अमित यादव के साथ रहती थीं, जबकि उनका बड़ा बेटा अजय यादव 2017 से अलग रह रहा था। पुलिस के अनुसार, शकुंतला और अमित अक्सर संपत्ति के मामलों को लेकर अजय से झगड़ते थे और कथित तौर पर उसकी हत्या की साजिश रची थी।

अमित यादव, जो रायपुर के नारायण अस्पताल में कार्यरत था, ने मिश्रा के साथ संपर्क किया। मिश्रा उस समय वहां सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहा था। अधिकारियों ने बताया कि उसने अजय यादव की हत्या के लिए उसे 4 लाख रुपए में सुपारी दी और 1 लाख रुपए नकद बतौर एडवांस दिए। पुलिस ने आगे बताया कि मिश्रा ने एडवांस तो ले लिया, लेकिन बिना योजना को अंजाम दिए अपने पैतृक स्थान भाग गया। महीनों बाद, शकुंतला और अमित वहां गए और उस पर दबाव डाला कि या तो वह हत्या को अंजाम दे या पैसे वापस करे। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह जल्द ही काम पूरा कर देगा।

लगभग चार महीने बाद, मिश्रा अपने साथी, उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के रहने वाले केतन उर्फ ​​केटी रामसुंदर तिवारी के साथ, सुपारी को अंजाम देने के बहाने शकुंतला के घर गया।

डीसीपी (क्राइम) अजीत राजियन ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस को बताया कि तब तक अमित यादव एक अन्य अपराध के सिलसिले में जेल जा चुका था, जिससे शकुंतला घर पर अकेली रह गई थी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने हत्या की सुपारी वाली योजना को छोड़ दिया और इसके बजाय लूटपाट करने का फैसला किया।

राजियन ने आगे बताया कि वे रात भर घर में रुके और अगली सुबह, कथित तौर पर शकुंतला का तकिए से गला घोंटकर हत्या कर दी, और फिर लगभग 10 लाख रुपए नकद और 30 से 35 तोला सोने के गहने लेकर फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि चोरी किया गया सोना बाद में कौशांबी में बेच दिया गया।

गिरफ्तारी से बचने के लिए, मिश्रा ने वह तरीका अपनाया जिसे अधिकारियों ने डिजिटल चुप्पी कहा। आरोपी ने मोबाइल फोन का उपयोग करना बंद कर दिया और पैन या आधार कार्ड जैसे पहचान पत्रों का उपयोग करने से भी परहेज किया। उन्होंने अपनी पहचान छिपाते हुए, गोवा और मुंबई सहित कई जगहों पर ठिकाने बदले और अंततः 2022 में अहमदाबाद में बस गए।

अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी जानकारी और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर आरोपी का पता लगाया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने आगे बताया कि आरोपी की कस्टडी (हिरासत) रायपुर पुलिस को सौंपने के लिए उनके साथ तालमेल बिठाया जा रहा है, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।

Point of View

बल्कि यह भी दर्शाती है कि पारिवारिक विवाद किस हद तक पहुंच सकते हैं। इस प्रकार के अपराधों की रोकथाम के लिए कानूनी ढांचे को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
NationPress
22/03/2026

Frequently Asked Questions

इस हत्या का मुख्य आरोपी कौन है?
मुख्य आरोपी का नाम अजयकुमार उर्फ लक्ष्मीसागर उर्फ किमतीश्री मिश्रा है।
यह हत्या कब हुई थी?
यह हत्या 2021 में हुई थी।
आरोपियों ने हत्या के बाद क्या किया?
आरोपियों ने हत्या के बाद लगभग 10 लाख रुपए नकद और 30 से 35 तोला सोने के गहने लूटकर फरार हो गए।
आरोपियों को कैसे पकड़ा गया?
आरोपियों को तकनीकी जानकारी और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया गया।
क्या यह मामला अभी भी अदालत में है?
जी हाँ, आरोपी की कस्टडी रायपुर पुलिस को सौंपने के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Nation Press