गुजरात में उमरेठ उपचुनाव: छह उम्मीदवारों ने दाखिल किए नामांकन पत्र

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गुजरात में उमरेठ उपचुनाव: छह उम्मीदवारों ने दाखिल किए नामांकन पत्र

सारांश

गुजरात के उमरेठ विधानसभा उपचुनाव में सोमवार को छह उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए हैं, जबकि मतदान 23 अप्रैल को होगा। क्या यह चुनाव गुजरात की राजनीतिक दिशा को बदलने में सक्षम होगा? जानिए पूरी खबर।

Key Takeaways

  • उमरेठ उपचुनाव के लिए छह उम्मीदवार ने नामांकन पत्र दाखिल किए।
  • मतदान की तारीख 23 अप्रैल है।
  • भ्रष्टाचार और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा हुई।
  • कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपने उम्मीदवारों का चयन कर लिया है।
  • यह चुनाव राज्य की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है।

आणंद (गुजरात), 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात की उमरेठ विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए सोमवार को कुल छह उम्मीदवारों ने आठ नामांकन पत्र दाखिल किए। चुनाव आयोग द्वारा जारी की गई समय सारणी के अनुसार मतदान 23 अप्रैल को होना है। 30 मार्च को नोटिफिकेशन जारी होने के बाद नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हुई थी।

अधिकारियों के मुताबिक, 6 अप्रैल को नामांकन पत्र जमा करने वालों में जितेश कुमार सेवक (इंडिपेंडेंट), महेंद्र परमार (इंडिपेंडेंट), भृगुराज सिंह चौहान (कांग्रेस), रजनी कुमारी चौहान (कांग्रेस), निरूपाबेन मधु (इंडिपेंडेंट), और सुनील कुमार भट्ट (राइट टू रिकॉल पार्टी) शामिल हैं।

चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सभी उम्मीदवारों को अपने नामांकन पत्र के साथ फॉर्म-26 में एक एफिडेविट भी जमा करना अनिवार्य है।

कांग्रेस के उम्मीदवार भृगुराज सिंह चौहान ने अपनी जीत को लेकर आश्वस्तता व्यक्त की। फाइलिंग से पूर्व, एक बैठक 'विजय विश्वास सम्मेलन' के नाम से आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

इस दौरान, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने भाजपा पर वार करते हुए कहा कि उसके नेता 'सत्ता के कारण घमंडी और निरकुंश' हो गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यह उपचुनाव सरकार को तुरंत बदल नहीं सकता, लेकिन भविष्य की दिशा को निश्चित रूप से प्रभावित करेगा। उन्होंने आगे कहा कि यह केवल दो उम्मीदवारों के बीच की लड़ाई नहीं है, बल्कि गुजरात के लोगों की पीड़ा, गुस्से और न्याय की मांग की आवाज उठाने की लड़ाई है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार से प्राप्त कमीशन का पैसा सीधे ‘कमलम’ तक पहुंचता है, और पूरा तंत्र इसमें संलग्न है।

कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता जैसे तुषार चौधरी, भरत सिंह सोलंकी, जगदीश ठाकोर, और इमरान खेड़ावाला नामांकन के समय आणंद जिले के पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ उपस्थित थे।

वहीं, भाजपा ने दिवंगत विधायक गोविंद परमार के बेटे हर्षद परमार को उनके पिता के निधन के कारण होने वाले उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

Point of View

बल्कि राज्य की राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी पार्टी अपने वादों को पूरा कर पाती है।
NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

उमरेठ उपचुनाव कब हो रहा है?
उमरेठ उपचुनाव 23 अप्रैल को होगा।
कितने उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है?
उमरेठ उपचुनाव में कुल छह उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है।
कांग्रेस के उम्मीदवार कौन हैं?
कांग्रेस के उम्मीदवार भृगुराज सिंह चौहान हैं।
भाजपा ने अपने उम्मीदवार के लिए किसे चुना है?
भाजपा ने दिवंगत विधायक गोविंद परमार के बेटे हर्षद परमार को अपना उम्मीदवार बनाया है।
नामांकन की प्रक्रिया कब शुरू हुई थी?
नामांकन की प्रक्रिया 30 मार्च को शुरू हुई थी।
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