गुजरात में एकीकृत CCTV डैशबोर्ड की योजना, उपमुख्यमंत्री संघवी ने छात्रों की तकनीक को पुलिसिंग से जोड़ने का संकल्प लिया
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने राज्य भर के समस्त CCTV कैमरों को एक केंद्रीकृत डैशबोर्ड से जोड़ने और युवा नवप्रवर्तकों द्वारा तैयार सॉफ्टवेयर समाधानों को पुलिस प्रक्रियाओं में एकीकृत करने का लक्ष्य घोषित किया है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 11 अक्टूबर 2026 को सूरत स्थित सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (SVNIT) में आयोजित ई-रक्षक हैकाथॉन के समापन समारोह में यह घोषणा की। इस पहल के अंतर्गत FIR पंजीकरण और साइबर अपराध समाधान जैसे क्षेत्रों में छात्र-निर्मित तकनीक को सीधे पुलिस तंत्र में उतारने की योजना है।
हैकाथॉन का स्वरूप और भागीदारी
ई-रक्षक हैकाथॉन का आयोजन सूरत शहर पुलिस और SVNIT की नेक्सस इकाई ने संयुक्त रूप से किया। देश भर के कॉलेजों से 458 छात्रों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 6 राज्यों के 13 से अधिक विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों की 31 टीमों के 150 छात्र सूरत में आयोजित ग्रैंड फाइनल में पहुँचे। इन टीमों ने साइबर सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध रोकथाम से जुड़े प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए।
पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) बिशाखा जैन ने बताया कि आयोजकों ने पुलिस थानों में सर्वेक्षण करके नौ से दस समस्या-कथन चिह्नित किए, जो नागरिकों की रोज़मर्रा की कठिनाइयों और पुलिसकर्मियों की परिचालन चुनौतियों पर केंद्रित थे।
सरकार की प्राथमिकता: सॉफ्टवेयर बनाम हार्डवेयर
उपमुख्यमंत्री संघवी ने स्पष्ट किया कि प्रमुख कंपनियों द्वारा हार्डवेयर और कैमरा मॉडल में बार-बार बदलाव करने से सरकारी खर्च बढ़ता है। इसलिए स्थायी सॉफ्टवेयर समाधान सरकार की प्राथमिकता बन गए हैं। उन्होंने यातायात प्रबंधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को CCTV से एकीकृत करने की संभावना रेखांकित की और कहा कि ट्रैफिक सिग्नल पर प्रतीक्षा समय में केवल 15 सेकंड की कमी भी लाखों लोगों का अमूल्य समय और ईंधन बचा सकती है।
स्टार्टअप नीति और उद्यमिता को बढ़ावा
संघवी ने प्रतिभागी छात्रों को गुजरात की औद्योगिक एवं स्टार्टअप नीतियों, MSME पहलों और विज्ञान व प्रौद्योगिकी क्षेत्र की योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना के अतिरिक्त पात्र उद्यमियों को कार्यालय किराया, विपणन, परिचालन व्यय, वेतन और क्लाउड सब्सक्रिप्शन के लिए भी सहायता मिल सकती है। उन्होंने महिला उद्यमियों के लिए विशेष प्रावधानों का भी उल्लेख किया।
संघवी ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार जोखिम भागीदार के रूप में स्टार्टअप्स के साथ खड़ी है और नवोन्मेषी विचारों को व्यावहारिक समाधानों में बदलने के जोखिम साझा करने को तैयार है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत भर में पुलिस-तकनीक सहयोग के मॉडल उभर रहे हैं।
सूरत साइबर क्राइम टीम की सराहना
सूरत पुलिस आयुक्त वाबंग जामीर ने कहा कि हैकाथॉन का उद्देश्य कॉलेज छात्रों को साइबर सुरक्षा और अपराध रोकथाम के व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करना है। उपमुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर अपराध गिरोहों का भंडाफोड़ करने के लिए सूरत साइबर क्राइम टीम की विशेष प्रशंसा की।
आगे की राह
गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब राज्य की पुलिस व्यवस्था को तकनीकी दृष्टि से आधुनिक बनाने की माँग देशभर में तेज हो रही है। एकीकृत CCTV डैशबोर्ड और AI-आधारित यातायात प्रबंधन के क्रियान्वयन की समयसीमा अभी सरकार द्वारा स्पष्ट नहीं की गई है, लेकिन संघवी के बयान संकेत देते हैं कि छात्रों द्वारा विकसित श्रेष्ठ प्रोटोटाइप को वास्तविक पुलिसिंग ढाँचे में शामिल करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।