गुरु रविदास महाराज के 650वें प्रकाश पर्व पर पटियाला में मैराथन, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने दी हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने 1 सितंबर 2026 को पटियाला के पोलो ग्राउंड में गुरु रविदास महाराज के 650वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी, युवा और खेल प्रेमी सम्मिलित हुए। मैराथन का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को गुरु रविदास महाराज की शिक्षाओं से जोड़ना और उन्हें नशे तथा सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का संदेश देना था।
गुरु रविदास महाराज की शिक्षाएँ और प्रासंगिकता
मैराथन को रवाना करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि गुरु रविदास महाराज ने समानता, मानवता और भाईचारे का संदेश दिया था, जो 650 वर्ष बाद भी समाज के लिए उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने समाज में व्याप्त भेदभाव और नफरत के विरुद्ध आवाज़ उठाई और प्रत्येक मनुष्य को समान दृष्टि से देखने की प्रेरणा दी। आज भी ऐसी चुनौतियाँ बनी हुई हैं, इसलिए उनकी शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाना आवश्यक है।
युवाओं पर ऑनलाइन गेमिंग और साइबर खतरे
स्वास्थ्य मंत्री ने बच्चों में बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग की प्रवृत्ति और साइबर अपराधों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ बच्चों के सामने नई चुनौतियाँ खड़ी हो रही हैं — कई मामलों में बच्चे मानसिक और सामाजिक परेशानियों में फँस जाते हैं और परिवारों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और समाज से मिलकर बच्चों को इन चुनौतियों से बचाने का आह्वान किया।
नशे के विरुद्ध खेल और शिक्षा का संदेश
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि नशा पंजाब के सामने एक गंभीर सामाजिक चुनौती है और इससे निपटने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी ज़रूरी है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यदि बच्चों को बचपन से ही खेल और शिक्षा से जोड़ा जाए, तो उन्हें नशे और अन्य बुराइयों से दूर रखने में प्रभावी मदद मिल सकती है। उनके अनुसार, 'स्वस्थ युवा ही मज़बूत पंजाब का निर्माण कर सकते हैं।'
राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर मंत्री की प्रतिक्रिया
पंजाब यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी चुनावों से जुड़े विवाद पर डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद विद्यार्थी नेताओं की ज़िम्मेदारी और बढ़ जाती है तथा उन्हें विद्यार्थी कल्याण को राजनीति से ऊपर रखना चाहिए। अकाली नेता विक्रम मजीठिया से संबंधित सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार और खेल जैसे वास्तविक मुद्दों पर गंभीर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे-जैसे पंजाब में चुनाव निकट आएँगे, राजनीतिक सरगर्मियाँ बढ़ेंगी, लेकिन समाज को नफरत और विभाजन की राजनीति से दूर रखना सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है।
जीडीपी और रोज़गार पर सवाल
देश की जीडीपी और रोज़गार के मुद्दे पर भी मंत्री ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यदि जीडीपी में वृद्धि हो रही है, तो उसका असर रोज़गार के अवसरों और आम नागरिक की क्रय शक्ति में भी दिखाई देना चाहिए। बेरोज़गारी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेने की ज़रूरत उन्होंने रेखांकित की। आयोजन के अंत में उन्होंने दोहराया कि बच्चों को नशे और सामाजिक बुराइयों से बचाकर शिक्षा एवं खेलों से जोड़ना ही स्वस्थ, सुरक्षित और मज़बूत पंजाब की नींव है।