नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प: पुंछ ताइक्वांडो क्लब में 150 युवाओं ने सुना PM मोदी का संदेश
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प' अभियान की 2 अगस्त 2026 को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले स्थित पुंछ ताइक्वांडो क्लब में लाइव स्ट्रीमिंग की गई, जिसमें करीब 150 युवाओं ने भाग लेकर पीएम का संदेश सुना। 'माय भारत' और पुंछ ताइक्वांडो मैनेजमेंट के संयुक्त आयोजन में यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर एक साथ आयोजित इस अभियान का हिस्सा रहा।
अभियान का उद्देश्य और पुंछ में आयोजन
यह अभियान देशभर के युवाओं को नशे की लत से दूर रखने और उन्हें खेल व सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किया गया है। पुंछ एक सीमावर्ती जिला है जहाँ नशे की लत की समस्या बढ़ रही है, ऐसे में यह आयोजन स्थानीय युवाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। क्लब में एकत्र युवाओं ने प्रधानमंत्री के संबोधन को ध्यान से सुना और नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
कोच राजिंदर सिंह की प्रतिक्रिया
ताइक्वांडो कोच राजिंदर सिंह ने कहा, 'युवा पीढ़ी किसी भी देश का भविष्य होती है। अगर नशे की वजह से युवा पीढ़ी पीछे जाती है, तो हमारा देश पीछे हो जाएगा।' उन्होंने आगे कहा कि पीएम के संदेश को बच्चे समाज में फैलाएंगे, जिससे नशे के खिलाफ व्यापक जागरूकता आएगी। राजिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री को इस अभियान की शुरुआत के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं था। उनके अनुसार, 'विरोध करना आपका अधिकार है, लेकिन भाषा की मर्यादा होनी चाहिए।'
समुदाय की आवाज़ें
सैयद आज़ाद अली ने कहा कि प्रधानमंत्री ने युवाओं से नशा छोड़कर खेल गतिविधियों में सक्रिय होने की अपील की है। उन्होंने पुंछ जिले के सभी अभिभावकों से अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों को नशे से दूर रखें और खेल से जोड़ें। उनके शब्दों में, 'अगर हम किसी खेल को अपने जीवन का हिस्सा नहीं बनाएंगे, तो नशा हमें अपनी गिरफ्त में ले लेगा।'
ताइक्वांडो खिलाड़ी वंशिका शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के संबोधन ने यह स्पष्ट किया कि नशा किस तरह जीवन को बर्बाद करता है। उन्होंने सभी माता-पिता से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों से नियमित संवाद बनाए रखें और उन्हें नशे से दूर रहने की प्रेरणा दें।
सीमावर्ती क्षेत्र में नशे की चुनौती
गौरतलब है कि पुंछ जैसे सीमावर्ती इलाकों में नशे की समस्या एक गंभीर सामाजिक चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे इस अभियान का स्थानीय प्रभाव दीर्घकालिक हो सकता है, यदि समुदाय, खेल संस्थाएँ और परिवार मिलकर इसे आगे बढ़ाएँ। यह अभियान इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि यह युवाओं को केवल नशे से दूर करने तक सीमित नहीं, बल्कि उन्हें 'विकसित भारत' के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाने की व्यापक सोच पर आधारित है।
आगे की राह
क्लब के आयोजकों ने संकेत दिया है कि इस अभियान के तहत आने वाले समय में और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें स्कूली बच्चों और अभिभावकों को भी शामिल किया जाएगा। युवाओं में नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने की यह मुहिम पुंछ के सामाजिक परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।