नशामुक्त युवा ही विकसित भारत-2047 की असली ताकत: मणिपुर CM युमनाम खेमचंद सिंह
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 3 अगस्त 2025 को स्पष्ट किया कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य तभी हासिल हो सकता है जब देश का युवा वर्ग शारीरिक, मानसिक रूप से स्वस्थ और नशे की लत से पूरी तरह मुक्त हो। वे इंफाल स्थित मणिपुर विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' के राष्ट्रव्यापी शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे।
अभियान का शुभारंभ और राष्ट्रीय संदर्भ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से देशभर के युवाओं से संवाद करते हुए इस अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना पूरा करने के लिए यह अनिवार्य है कि युवा पीढ़ी आत्मविश्वास से भरी हो और मादक पदार्थों जैसी विनाशकारी आदतों से हमेशा के लिए दूर रहे। प्रधानमंत्री ने प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं से, इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
यह कार्यक्रम केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के तत्वावधान में राज्य एनएसएस सेल के सहयोग से मणिपुर विश्वविद्यालय के एनएसएस सेल द्वारा आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत अनुभव और युवाओं से अपील
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने समारोह में अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि मादक पदार्थों के दुरुपयोग के चरम दौर में उन्होंने जानबूझकर नशे से दूर रहने का विकल्प चुना, ताकि वे स्वयं को जनसेवा के लिए समर्पित कर सकें। उन्होंने मणिपुर के युवाओं से आग्रह किया कि वे भी ऐसे ही जिम्मेदार विकल्प चुनें और राज्य तथा देश के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाएँ।
उन्होंने मादक पदार्थों की तस्करी के संगठित नेटवर्क पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के साथ हुई बातचीत में ऐसे चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं, जिनमें युवाओं को विभिन्न माध्यमों से नशीले पदार्थ उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार तस्करी के विरुद्ध अपनी लड़ाई और तेज करेगी।
मणिपुर की रणनीतिक भूमिका और विकास की राह
एक्ट ईस्ट पॉलिसी के अंतर्गत मणिपुर के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य दक्षिणपूर्व एशिया के प्रवेश द्वार के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार दिसंबर 2028 तक इम्फाल तक रेलवे नेटवर्क चालू करने की दिशा में काम कर रही है, जिससे मोरेह और पड़ोसी देशों के साथ कनेक्टिविटी, व्यापार और आर्थिक अवसरों को नई गति मिलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन अवसरों का पूरा लाभ तभी मिलेगा जब युवा पीढ़ी नशे से मुक्त रहे।
जातीय संकट और शांति की अपील
मुख्यमंत्री ने पिछले तीन वर्षों में मणिपुर को प्रभावित करने वाले अभूतपूर्व जातीय संकट का उल्लेख करते हुए सभी समुदायों से आपसी समझ के साथ आगे बढ़ने और स्थायी शांति बहाल करने के लिए मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने दोहराया कि सरकार हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध न्याय सुनिश्चित करेगी और समुदायों के बीच विश्वास की कमी को दूर करने के प्रयास जारी रहेंगे।
खेमचंद सिंह ने अपने संबोधन का समापन इस संदेश के साथ किया कि 'शांति ही विकास की नींव है' — और नशामुक्त युवा इस नींव को और मजबूत बनाने की कुंजी हैं।