30 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एसआईआर-ईवीएम पर कांग्रेस की दोहरी चाल: तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंद्र राव का तीखा हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एसआईआर-ईवीएम पर कांग्रेस की दोहरी चाल: तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंद्र राव का तीखा हमला

सारांश

इंडिया गठबंधन की ECI बैठक से पहले तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंद्र राव ने कांग्रेस पर सीधा वार किया — जब जीतो तो ईवीएम-एसआईआर पर चुप्पी, जब हारो तो ठीकरा फोड़ो। कांग्रेस नेताओं के अपने पुराने बयानों को ही उनके खिलाफ इस्तेमाल करते हुए राव ने 'दोहरे मानदंड' का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंद्र राव ने 30 सितंबर 2026 को हैदराबाद में इंडिया गठबंधन पर एसआईआर और ईवीएम मुद्दे पर दोहरे मानदंड का आरोप लगाया।
राव का दावा — गठबंधन केवल BJP-शासित राज्यों में एसआईआर का विरोध करता है, अपने शासित राज्यों में नहीं।
कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी , सचिन पायलट और रमेश चेन्निथला ने पहले खुद फर्जी मतदाताओं को हटाने की माँग की थी।
केरल के पूर्व मंत्री चेन्निथला ने कहा था कि एसआईआर की वजह से वे चुनाव जीते — राव ने इसी बयान को कांग्रेस के खिलाफ हथियार बनाया।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के मुस्लिम नेतृत्व संबंधी दावे को राव ने सिरे से खारिज किया; BJP ने अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा स्थापित अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय का हवाला दिया।

तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष रामचंद्र राव ने 30 सितंबर 2026 को हैदराबाद में विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन पर तीखा हमला बोला, यह आरोप लगाते हुए कि गठबंधन विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के मुद्दों पर चुनिंदा राजनीति कर रहा है। उनका यह बयान उस अहम बैठक से ठीक पहले आया, जो भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए इंडिया गठबंधन द्वारा बुधवार को बुलाई गई है।

रामचंद्र राव के मुख्य आरोप

राव ने कहा कि इंडिया गठबंधन एसआईआर प्रक्रिया को केवल उन्हीं राज्यों में मुद्दा बना रहा है, जहाँ BJP की सरकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन राज्यों में इंडिया गठबंधन की सरकार है, वहाँ यह मुद्दा नहीं उठाया जा रहा — जो उनके अनुसार विपक्ष की 'चुनिंदा राजनीति' का प्रमाण है।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं के ही पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा, कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी, पूर्व टीएमसी सांसद जवाहर सरकार, कांग्रेस नेता सचिन पायलट और रमेश चेन्निथला — इन सभी ने खुद डुप्लीकेट, दोहरी एंट्री वाले और मृत मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में हटाने की माँग की थी।

केरल का उदाहरण और कांग्रेस की 'दोहरी नीति'

राव ने केरल का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ के पूर्व मंत्री रमेश चेन्निथला ने स्वयं कहा था कि वे एसआईआर की वजह से चुनाव जीते, अन्यथा बड़ी संख्या में फर्जी वोट पड़े होते। राव ने सवाल उठाया कि यदि यही बात एक कांग्रेस नेता कह चुके हैं, तो आज पार्टी एसआईआर का विरोध क्यों कर रही है?

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की यह पुरानी आदत रही है — चुनाव हारने पर एसआईआर, ईवीएम या चुनाव आयोग पर ठीकरा फोड़ना, लेकिन जीतने पर इन्हीं संस्थाओं पर कोई सवाल नहीं उठाना।

संवैधानिक संस्थाओं पर BJP का रुख

राव ने जोर दिया कि BJP हमेशा संवैधानिक संस्थाओं के साथ खड़ी रही है और उनका सम्मान किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि इंडिया गठबंधन का व्यवहार जानबूझकर लोगों का इन संस्थाओं से भरोसा उठाने की कोशिश है, जिससे देश में अराजकता फैल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि BJP इसका मुंहतोड़ जवाब देगी।

ओवैसी के दावे पर पलटवार

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के इस दावे पर — कि BJP के शासन में मुस्लिम नेतृत्व नहीं पनप रहा — राव ने कड़ा प्रतिवाद किया। उन्होंने कहा कि BJP 'सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास' के मंत्र में विश्वास रखती है और पार्टी ने कभी भी विकास के कामों को धार्मिक आधार पर नहीं देखा।

राव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा स्थापित अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय के माध्यम से केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों के विकास के लिए भारी रकम आवंटित कर रही है। उन्होंने ओवैसी पर यह भी आरोप लगाया कि वे कांग्रेस की तर्ज पर धार्मिक आधार पर देश को बाँटने की कोशिश कर रहे हैं।

आगे क्या होगा

इंडिया गठबंधन की यह बैठक ECI से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की रणनीति तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। BJP ने संकेत दिया है कि वह विपक्ष के हर दावे का तथ्यात्मक खंडन करने के लिए तैयार है। यह विवाद आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले चुनावी विमर्श को और तीखा बना सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब तक अधूरा है जब तक आँकड़े सार्वजनिक और सत्यापन-योग्य न हों। असली सवाल यह नहीं कि एसआईआर हो या न हो — सवाल यह है कि किन नामों को कैसे हटाया गया, इसकी जाँच स्वतंत्र रूप से हो सकती है या नहीं। इंडिया गठबंधन की बैठक अगर केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित रही, तो वह भी उतनी ही कमज़ोर साबित होगी।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण वह प्रक्रिया है जिसके तहत भारतीय निर्वाचन आयोग वोटर लिस्ट से फर्जी, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाता है। विवाद इस बात को लेकर है कि विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया BJP-शासित राज्यों में चुनावी लाभ के लिए दुरुपयोग हो रही है, जबकि BJP का कहना है कि यह संवैधानिक और तकनीकी प्रक्रिया है।
तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंद्र राव ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
रामचंद्र राव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हारने पर ईवीएम और एसआईआर पर दोष मढ़ती है, लेकिन जीतने पर चुप रहती है। उन्होंने कांग्रेस के अपने नेताओं — अभिषेक मनु सिंघवी, सचिन पायलट और रमेश चेन्निथला — के पुराने बयानों का हवाला दिया जिनमें उन्होंने खुद फर्जी मतदाताओं को हटाने की माँग की थी।
केरल के उदाहरण से राव ने कांग्रेस को कैसे घेरा?
राव ने बताया कि केरल के पूर्व मंत्री रमेश चेन्निथला ने स्वयं कहा था कि वे एसआईआर की वजह से चुनाव जीते, अन्यथा बड़ी संख्या में फर्जी वोट पड़े होते। राव ने सवाल उठाया कि यदि एसआईआर से कांग्रेस को फायदा हुआ तो आज उसी प्रक्रिया का विरोध क्यों किया जा रहा है।
AIMIM प्रमुख ओवैसी के दावे पर रामचंद्र राव की क्या प्रतिक्रिया थी?
असदुद्दीन ओवैसी के इस दावे पर कि BJP शासन में मुस्लिम नेतृत्व नहीं पनप रहा, राव ने कहा कि यह पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि BJP 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र में यकीन रखती है और अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा स्थापित अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय के जरिए अल्पसंख्यकों के विकास पर भारी रकम खर्च हो रही है।
इंडिया गठबंधन की बैठक में क्या चर्चा होने की उम्मीद है?
इंडिया गठबंधन की यह बैठक भारतीय निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों — खासतौर पर एसआईआर प्रक्रिया — पर विपक्ष की साझा रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई है। इस बैठक में ईवीएम पारदर्शिता और वोटर लिस्ट प्रक्रिया पर विपक्षी दलों का रुख स्पष्ट होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 1 साल पहले