4 अक्टूबर 2026
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हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद पर CM धामी का कांग्रेस पर प्रहार: 'विपक्ष गढ़ता है मनगढ़ंत मुद्दे'

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हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद पर CM धामी का कांग्रेस पर प्रहार: 'विपक्ष गढ़ता है मनगढ़ंत मुद्दे'

सारांश

बनबसा में पहली बार हुई कैबिनेट बैठक के बाद CM धामी ने दोहरा दांव खेला — हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस को 'मनगढ़ंत मुद्दों की पार्टी' करार दिया और यूसीसी को उत्तराखंड की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। सीमांत क्षेत्रों से सरकार चलाने का यह प्रयोग 2027 चुनावों से पहले राजनीतिक संदेश भी है।

मुख्य बातें

CM पुष्कर सिंह धामी ने 4 अक्टूबर 2026 को बनबसा में उत्तराखंड की पहली सीमांत कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की।
हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले पर धामी ने कांग्रेस को घेरा, कहा — विपक्ष के पास मुद्दे नहीं इसलिए मनगढ़ंत विवाद खड़े किए जाते हैं।
मतदाता सूची से फर्जी, दिवंगत और बहु-स्थानीय वोट हटाने को चुनावी शुद्धता के लिए जरूरी बताया।
यूसीसी को उत्तराखंड की उपलब्धि बताया; कहा — रंजना प्रकाश देसाई समिति के मसौदे से अब गुजरात सहित कई राज्य प्रेरणा ले रहे हैं।
पूर्व NSA अजीत डोभाल और पूर्व CDS जनरल बिपिन रावत पर की गई टिप्पणियों को उत्तराखंड की जनता के दिल पर 'गहरा आघात' बताया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4 अक्टूबर 2026 को बनबसा में ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक के बाद हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले को लेकर कांग्रेस पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह मनगढ़ंत विवाद खड़े करता है। बनबसा-टनकपुर क्षेत्र में पहली बार आयोजित इस कैबिनेट बैठक को धामी ने सरकार के विकेंद्रीकरण के संकल्प का प्रतीक बताया।

बनबसा में कैबिनेट — क्यों है यह खास

बनबसा न केवल भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है, बल्कि यह मां पूर्णागिरी धाम, शारदा मैया के पौराणिक तट और आदि कैलाश यात्रा के मार्ग से जुड़ा क्षेत्र है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माणा गांव से घोषणा की थी कि सीमांत के गांव अब 'अंतिम गांव' नहीं, बल्कि 'पहले गांव' होंगे। बनबसा में कैबिनेट बैठक उसी संकल्प की अगली कड़ी है।

धामी ने कहा, 'सरकार का कार्य विकेंद्रित होना चाहिए। राज्य में बहुत से ऐसे स्थान हैं जहां पहले कोई नहीं गया — मैं उन स्थानों पर पहुंचा हूं और यह कोशिश आगे भी जारी रहेगी।' बैठक में राज्य एवं स्थानीय दोनों स्तरों पर निर्णय लिए गए।

हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद और सरकार का रुख

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हल्द्वानी में अनुसूचित समाज के शिल्पकार और वाल्मीकि बंधुओं ने शुद्धि हवन इसलिए किया क्योंकि उस स्थान पर कथित तौर पर जिहादी नारे लगाए गए थे और रैली के बाद शराब की बोतलें व कूड़ा फेंका गया था। उन्होंने कहा, 'दलित समाज के लोग उसमें शामिल थे, विपक्ष ने कार्यक्रम से पहले न कोई प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी, न कोई वीडियो।'

धामी के अनुसार, जब इस घटना की सच्चाई सामने आई तो कांग्रेस पूरी तरह बेनकाब हो गई। उन्होंने कहा, 'हम किसी भी जाति या धर्म का अपमान नहीं करते। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे मनगढ़ंत मुद्दे बनाते हैं और दो-चार दिन बाद मुंह की खानी पड़ती है।'

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर धामी का बयान

मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची से फर्जी नाम हटाए जाने के विरोध पर भी कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जिनका विवाह होकर दूसरी जगह चला गया, दिवंगत हो चुके हैं, या तीन-चार जगह वोट हैं — ऐसे नामों को हटाना चुनावी प्रक्रिया की शुद्धता के लिए आवश्यक है। धामी के मुताबिक, 'यह लोग घुसपैठियों के वोट बचाने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव आयोग, ईवीएम, प्रशासन — कोई संस्था नहीं बची जिस पर इनकी टिप्पणी न हो।'

यूसीसी पर उत्तराखंड की उपलब्धि

मुख्यमंत्री धामी ने समान नागरिक संहिता (UCC) का उल्लेख करते हुए बताया कि 2022 के चुनाव में उत्तराखंड की जनता को दिए वचन को उनकी सरकार ने पूरा किया। रंजना प्रकाश देसाई समिति की अध्यक्षता में तैयार यूसीसी का मसौदा सभी हितधारकों से परामर्श के बाद बना था। धामी ने कहा, 'आज यह पूरे देश में आगे बढ़ रहा है — गुजरात सहित अन्य राज्य भी इस दिशा में बढ़ रहे हैं।'

कांग्रेस और राहुल गांधी पर सीधा निशाना

धामी ने बिना नाम लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री एक बुजुर्ग माता को कुर्सी देते हैं तो उसकी कॉमेडी की जाती है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत के बारे में की गई टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए धामी ने कहा, 'उत्तराखंड वासी ऐसी भाषा को कभी माफ नहीं करेंगे।' यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।

आगे मुख्यमंत्री धामी के अनुसार राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास और यूसीसी के क्रियान्वयन को प्राथमिकता देती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन व्यावहारिक क्रियान्वयन की रिपोर्ट अभी भी सीमित है। मतदाता सूची शुद्धिकरण पर धामी का जोर महत्वपूर्ण है, पर बिना पारदर्शी आंकड़ों के यह भी विपक्ष को पलटवार का मौका देता है।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद क्या है?
हल्द्वानी में अनुसूचित समाज के शिल्पकार और वाल्मीकि बंधुओं ने एक स्थान पर शुद्धि हवन किया, जहां कथित तौर पर जिहादी नारे लगाए गए थे और रैली के बाद कूड़ा व शराब की बोतलें फेंकी गई थीं। CM धामी ने कहा कि इस मामले को कांग्रेस ने राजनीतिक रंग देने की कोशिश की, लेकिन सच्चाई सामने आने पर विपक्ष बेनकाब हो गया।
बनबसा में कैबिनेट बैठक क्यों हुई?
उत्तराखंड सरकार ने पहली बार 4 अक्टूबर 2026 को भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बनबसा में कैबिनेट बैठक की, ताकि सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने का संदेश दिया जा सके। CM धामी ने इसे प्रधानमंत्री मोदी के 'सीमांत गांव को पहला गांव' बनाने के संकल्प से जोड़ा।
उत्तराखंड की यूसीसी अन्य राज्यों के लिए कैसे मॉडल बनी?
उत्तराखंड ने 2022 के चुनावी वचन के बाद रंजना प्रकाश देसाई समिति की अध्यक्षता में समान नागरिक संहिता (UCC) का मसौदा तैयार किया और इसे लागू किया। CM धामी के अनुसार गुजरात सहित कई राज्य अब इसी ढांचे पर आगे बढ़ रहे हैं।
मतदाता सूची शुद्धिकरण पर धामी का क्या रुख है?
CM धामी ने कहा कि फर्जी, दिवंगत और तीन-चार जगह नाम दर्ज करा चुके मतदाताओं को सूची से हटाना चुनावी प्रक्रिया की अखंडता के लिए जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि विपक्ष इस साफ-सफाई का विरोध करके फर्जी मतदान को बचाना चाहता है।
धामी ने अजीत डोभाल और जनरल बिपिन रावत का जिक्र क्यों किया?
CM धामी ने कहा कि NSA अजीत डोभाल और पूर्व CDS जनरल बिपिन रावत उत्तराखंड के गौरव हैं, जिन्होंने अपना जीवन देश की सुरक्षा को समर्पित किया। उन पर की गई अपमानजनक टिप्पणियों को उन्होंने उत्तराखंड वासियों के दिल पर 'गहरा आघात' बताया और कहा कि इसे राज्य की जनता कभी माफ नहीं करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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