हरभजन सिंह का विपक्ष पर निशाना: 'सदन के बाहर बैठकर तमाशा करने का कोई मतलब नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
राज्यसभा सदस्य और टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज गेंदबाज हरभजन सिंह ने 7 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में विपक्षी दलों के संसद-बहिष्कार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सदन के बाहर बैठकर हंगामा करने से न जनता का भला होता है, न लोकतंत्र का। इससे पहले हरभजन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर नाश्ते की बैठक में शामिल होकर उन्हें अपना मार्गदर्शक बताया।
पीएम मोदी से मुलाकात: 'सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव'
हरभजन सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ नाश्ते की यह बैठक उनके लिए बेहद यादगार रही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनसे और अन्य सांसदों से खुलकर बातचीत की। हरभजन के अनुसार, 'प्रधानमंत्री के साथ रहने पर सकारात्मक ऊर्जा का अहसास होता है और काफी कुछ सीखने को मिलता है।'
सदन के बार-बार स्थगन पर नाराज़गी
विपक्षी हंगामे के चलते राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही लगातार बाधित होने पर हरभजन ने खुली नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा, 'सदन का न चलना मेरे हिसाब से किसी के लिए भी सही नहीं है। सदन में लोग इसलिए आते हैं कि वे अपनी और अपने राज्य की बात रख सकें — और अगर सदन चलेगा ही नहीं, तो किसी की भी बात नहीं रखी जा सकेगी।'
उन्होंने सार्वजनिक धन की बर्बादी का मुद्दा भी उठाया। हरभजन ने कहा कि सदन चलाने में जो करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, वे व्यर्थ जा रहे हैं — जो अंततः आम नागरिकों का नुकसान है।
विपक्ष को सीधी चुनौती
हरभजन सिंह ने विपक्षी नेताओं को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'इस तरह से सदन के बाहर बैठकर तमाशा करने का कोई मतलब नहीं है। यह चीजें करके आप किसी के भी सामने अच्छी छवि पेश नहीं कर रहे हैं।' उन्होंने जोड़ा कि यदि विपक्ष को वास्तव में कोई समस्या है, तो उसे सदन के भीतर आकर बात करनी चाहिए — बाहर बैठकर मुद्दे बनाने से बेहतर है कि संसद के मंच का उपयोग किया जाए।
देश हित सर्वोपरि: हरभजन का संदेश
पूर्व क्रिकेटर ने अपनी बात को राष्ट्रीय एकता के सूत्र से जोड़ा। उन्होंने कहा, 'हम इस देश के नागरिक हैं और इसको अच्छा दिखाना हम सभी का काम है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस पार्टी से हैं — देश सबसे ऊपर है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र विपक्षी विरोध-प्रदर्शनों के कारण बार-बार बाधित हो रहा है। गौरतलब है कि हरभजन सिंह आम आदमी पार्टी (AAP) के कोटे से राज्यसभा सदस्य हैं, जो स्वयं विपक्षी खेमे का हिस्सा है — ऐसे में यह टिप्पणी राजनीतिक रूप से उल्लेखनीय मानी जा रही है।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या विपक्षी दल संसद की कार्यवाही में भाग लेने का फैसला करते हैं या बहिष्कार जारी रखते हैं।