PM मोदी शुक्रवार को NDA के नए लोकसभा सांसदों के साथ करेंगे नाश्ता बैठक, संसद सत्र से पहले रणनीति पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 8 अगस्त की सुबह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नवनिर्वाचित लोकसभा सांसदों के साथ नाश्ते पर मुलाकात करेंगे — यह बैठक संसद के आगामी सत्र से ठीक पहले आयोजित की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस अनौपचारिक मेल-मिलाप में संसदीय प्रक्रियाओं, सांसदों की जिम्मेदारियों और सत्ताधारी गठबंधन की रणनीति पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।
बैठक में कौन शामिल होंगे
यह आमंत्रण NDA के अंतर्गत आने वाले सभी नए लोकसभा सांसदों को भेजा गया है। इसमें NCP (अजित पवार गुट) के सदस्य भी शामिल हैं, जिन्हें उन तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसदों का समर्थन प्राप्त है जो NDA के साथ आ गए हैं। इसके अलावा, शिवसेना (UBT) से अलग होकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए नए लोकसभा सांसदों को भी इस बैठक में आमंत्रित किया गया है।
मानसून सत्र में जारी है संपर्क अभियान
यह बैठक प्रधानमंत्री मोदी के उस व्यापक संपर्क अभियान की कड़ी है जो मानसून सत्र के दौरान चल रहा है। इससे पहले बुधवार को प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक आवास पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 37 सांसदों के साथ नाश्ते पर बातचीत की थी। उस बैठक में NCP गठबंधन से जुड़े BJP सांसद, आम आदमी पार्टी (AAP) से BJP में आए पूर्व नेता, और वरिष्ठ BJP नेता तरुण चुघ, विनोद तावड़े तथा BJP प्रमुख नितिन नवीन शामिल थे।
PM मोदी का सांसदों को संदेश
बुधवार की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को सलाह दी कि वे 'दिल्ली के नैरेटिव के जाल' में न फंसें और विपक्षी सदस्यों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखें। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वे संसदीय कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी निभाएँ और अपने समय का सदुपयोग सीखने तथा देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करने में करें।
बैठकों का उद्देश्य
इन अनौपचारिक नाश्ता बैठकों का मकसद सत्ताधारी गठबंधन के भीतर तालमेल को मजबूत करना और संसदीय कार्यवाही के दौरान अधिक समन्वित भागीदारी सुनिश्चित करना है। गौरतलब है कि यह बैठकें ऐसे समय में हो रही हैं जब मानसून सत्र में विपक्ष की ओर से सरकार पर दबाव बढ़ा हुआ है। यह श्रृंखला प्रधानमंत्री की उस कार्यशैली को दर्शाती है जिसमें वे सांसदों से सीधे संवाद को प्राथमिकता देते हैं।
आगे क्या
शुक्रवार की बैठक के बाद NDA के नए सांसदों के आगामी संसद सत्र में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की उम्मीद है। सरकार के भीतरी सूत्रों के अनुसार, इस तरह की बैठकें सत्र के दौरान भी जारी रह सकती हैं।