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PM मोदी ने NCPI और शिवसेना सांसदों संग की बैठक, संसदीय जिम्मेदारी और निर्वाचन क्षेत्र विकास पर मंथन

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PM मोदी ने NCPI और शिवसेना सांसदों संग की बैठक, संसदीय जिम्मेदारी और निर्वाचन क्षेत्र विकास पर मंथन

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी की यह बैठक महज औपचारिकता नहीं — यह एनडीए के नए और बागी सांसदों को एकजुट रखने की सुनियोजित रणनीति है। मानसून सत्र के बीच NCPI और शिवसेना के सांसदों को साथ बिठाकर मोदी ने गठबंधन की एकजुटता का स्पष्ट संकेत दिया।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 7 अगस्त को अपने आवास पर NCPI और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नए सांसदों के साथ बैठक की।
NCPI सांसद शताब्दी रॉय ने बताया कि PM ने सभी से गर्मजोशी से बातचीत की और चाय पर निर्वाचन क्षेत्र विकास पर चर्चा हुई।
इससे पहले बुधवार को PM ने BJP के 37 सांसदों के साथ नाश्ते पर बातचीत की थी, जिसमें तरुण चुघ , विनोद तावड़े और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल थे।
PM ने सांसदों को 'दिल्ली के नैरेटिव के जाल' से बचने और विपक्ष से सौहार्दपूर्ण संबंध रखने की सलाह दी।
यह बैठकें मानसून सत्र के दौरान एनडीए गठबंधन में समन्वय बनाए रखने की व्यापक पहल का हिस्सा हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 7 अगस्त की सुबह अपने सरकारी आवास पर एनडीए के नवनिर्वाचित और नए सहयोगी सांसदों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में नेशनल कांग्रेस पार्टी (इंडिया) — NCPI में शामिल हुए पूर्व तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में आए शिवसेना (यूबीटी) के पूर्व सांसद उपस्थित रहे। बैठक में संसदीय जिम्मेदारियों, निर्वाचन क्षेत्र विकास और सत्ताधारी गठबंधन के भीतर तालमेल को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में क्या हुआ

NCPI सांसद शताब्दी रॉय ने संसद के बाहर पत्रकारों को बताया कि प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से अत्यंत गर्मजोशी के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने सभी से गर्मजोशी से बातचीत की और विस्तार से चर्चा की। हम सबने साथ बैठकर चाय पी और उन्होंने सभी से कहा कि उनका योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस बात पर भी चर्चा की कि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास के लिए क्या योजना बना रहे हैं और कैसे काम कर रहे हैं। हमारे सभी सांसद वहाँ मौजूद थे।"

किन्हें बुलाया गया था

यह निमंत्रण विशेष रूप से एनडीए में नए शामिल हुए लोकसभा सांसदों को दिया गया था। इनमें वे बागी तृणमूल कांग्रेस सांसद शामिल हैं जो NCPI में शामिल होकर एनडीए को समर्थन दे रहे हैं, तथा वे सांसद भी जो हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) से अलग होकर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए हैं। यह बैठक गठबंधन के नए सदस्यों को एकजुट करने की व्यापक पहल का हिस्सा बताई जा रही है।

बुधवार की बैठक से संदर्भ

गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने संसद के मानसून सत्र के दौरान अपने आवास पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 37 सांसदों के साथ नाश्ते पर बातचीत की थी। उस बैठक में NCPI गठबंधन से जुड़े भाजपा सांसद, भाजपा में शामिल पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) नेता, वरिष्ठ भाजपा नेता तरुण चुघ, विनोद तावड़े और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद थे।

PM मोदी की सलाह और संदेश

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने सांसदों के साथ अपने निजी अनुभव साझा किए और अनौपचारिक माहौल में कई मुद्दों पर बातचीत की। उन्होंने सांसदों को "दिल्ली के नैरेटिव के जाल" में न फंसने और विपक्षी सदस्यों के साथ भी सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने की सलाह दी। संसदीय कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी पर जोर देते हुए उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वे अपने समय का उपयोग "सीखने" और "देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करने" में करें।

बैठकों का उद्देश्य

यह बातचीत प्रधानमंत्री की सांसदों के साथ चल रही अनौपचारिक मुलाकातों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका मकसद सत्ताधारी गठबंधन के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना और संसदीय कामकाज में सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र के दौरान संसद में विपक्ष के साथ तीखी नोकझोंक जारी है और सरकार अपने गठबंधन सहयोगियों को एकजुट रखने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सक्रिय संसदीय भागीदार के रूप में देखना चाहती है। हालाँकि, 'दिल्ली के नैरेटिव के जाल' वाली सलाह यह भी दर्शाती है कि PM को पता है कि नए सहयोगियों पर मीडिया और विपक्ष का दबाव बना रहता है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह सौहार्द मानसून सत्र की विधायी चुनौतियों में भी टिका रहता है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने 7 अगस्त को किन सांसदों के साथ बैठक की?
PM मोदी ने 7 अगस्त को अपने आवास पर NCPI में शामिल हुए पूर्व तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों और एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए शिवसेना (यूबीटी) के पूर्व सांसदों से मुलाकात की। ये सभी एनडीए के नए सहयोगी सांसद हैं।
बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई?
बैठक में संसदीय जिम्मेदारियों, निर्वाचन क्षेत्र विकास की योजनाओं और एनडीए गठबंधन में समन्वय पर चर्चा हुई। PM ने सांसदों को 'दिल्ली के नैरेटिव के जाल' से बचने और विपक्षी सदस्यों से अच्छे संबंध रखने की सलाह भी दी।
NCPI सांसद शताब्दी रॉय ने बैठक के बारे में क्या कहा?
शताब्दी रॉय ने संसद के बाहर बताया कि PM ने सभी से गर्मजोशी से बातचीत की, साथ चाय पी और सभी सांसदों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सभी सांसद बैठक में मौजूद थे।
बुधवार की बैठक और शुक्रवार की बैठक में क्या अंतर था?
बुधवार की बैठक में BJP के 37 सांसदों के साथ नाश्ते पर बातचीत हुई थी, जिसमें तरुण चुघ, विनोद तावड़े और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल थे। शुक्रवार की बैठक विशेष रूप से एनडीए के नए सहयोगी — NCPI और शिंदे-शिवसेना के सांसदों — के लिए आयोजित की गई थी।
इन बैठकों का उद्देश्य क्या है?
ये बैठकें मानसून सत्र के दौरान एनडीए गठबंधन के भीतर तालमेल मजबूत करने और नए सहयोगी सांसदों को संसदीय कामकाज में सक्रिय रूप से जोड़ने के लिए आयोजित की जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार, PM इस श्रृंखला में विभिन्न सहयोगी दलों के सांसदों से मिलते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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