वाइब्रेंट गुजरात समिट: हर्ष संघवी ने टोक्यो में निप्पॉन स्टील अध्यक्ष से की उच्चस्तरीय बैठक
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को टोक्यो स्थित निप्पॉन स्टील कॉर्पोरेशन के मुख्यालय का दौरा किया और कंपनी के अध्यक्ष ईजी हाशिमोतो से शिष्टाचार भेंट की। यह दौरा आगामी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट से पहले जापान में वैश्विक निवेशकों को गुजरात की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से किए जा रहे राजनयिक प्रयासों की एक कड़ी है।
बैठक का विवरण
निप्पॉन स्टील के मुख्यालय में अध्यक्ष ईजी हाशिमोतो के साथ शिष्टाचार भेंट के पश्चात उप मुख्यमंत्री संघवी ने कंपनी के मैनेजिंग एग्जीक्यूटिव ऑफिसर हिदेकी ओगावा सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आमने-सामने बैठक की। इस बैठक में गुजरात में स्टील उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और भविष्य में विस्तार की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
संघवी ने बैठक में गुजरात के विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचे, बंदरगाह कनेक्टिविटी और उद्योग-अनुकूल कारोबारी माहौल की जानकारी दी। उन्होंने निप्पॉन स्टील को गुजरात के साथ अपनी साझेदारी और प्रगाढ़ करने तथा आगामी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में सहभागिता के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया।
ओसाका में राउंडटेबल और जापानी निवेशकों से संवाद
इससे एक दिन पूर्व सोमवार को ओसाका में आयोजित एक उच्चस्तरीय राउंडटेबल बैठक में संघवी ने जापानी उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ रणनीतिक साझेदारी और नए निवेश अवसरों पर व्यापक संवाद किया। उन्होंने विशेष रूप से सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया।
संघवी ने इस राउंडटेबल में कहा, 'जापान उगते सूरज की धरती है और गुजरात उभरते अवसरों की धरती है।' उन्होंने भारत और जापान के बीच दशकों पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए व्यापार, प्रौद्योगिकी और उद्योग के क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
गुजरात की आर्थिक ताकत: संघवी के प्रमुख तर्क
जापानी निवेशकों के समक्ष गुजरात की आर्थिक प्रासंगिकता को स्थापित करने के लिए संघवी ने कई आँकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि गुजरात देश की कुल जनसंख्या के लगभग 5 प्रतिशत की भागीदारी के बावजूद भारत की GDP में 8 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है। राज्य देश के कुल औद्योगिक उत्पादन का लगभग 18 प्रतिशत अंशदान करता है और भारत के करीब एक-तिहाई निर्यात की उत्पत्ति गुजरात से होती है।
संघवी ने दोनों देशों के संबंधों को केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि पारस्परिक विश्वास, सम्मान, साझा मूल्यों और सांस्कृतिक जुड़ाव पर आधारित बताया। उनका कहना था कि इस मज़बूत नींव पर आर्थिक सहयोग को और अधिक ऊँचाई तक ले जाने की पर्याप्त संभावनाएँ मौजूद हैं।
वाइब्रेंट गुजरात समिट से पहले निवेश-कूटनीति
यह जापान दौरा वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट से पहले गुजरात सरकार की सक्रिय निवेश-कूटनीति का हिस्सा है। निप्पॉन स्टील विश्व की अग्रणी इस्पात उत्पादक कंपनियों में शुमार है और गुजरात में उसकी संभावित निवेश-भागीदारी राज्य के औद्योगिक परिदृश्य के लिए महत्त्वपूर्ण हो सकती है। यह बैठक इस बात का संकेत है कि आगामी समिट से पहले गुजरात सरकार प्रमुख वैश्विक कंपनियों से सीधे संवाद कर निवेश प्रतिबद्धताएँ सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।