गुजरात डिप्टी सीएम हर्ष संघवी की जापान यात्रा: होंडा विस्तार से 4,000 नौकरियों की संभावना, वाइब्रेंट गुजरात 2027 की तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी 21 अक्टूबर 2026 को टोक्यो में एक महत्वपूर्ण राजनयिक और आर्थिक दौरे पर हैं, जिसका उद्देश्य 2027 में होने वाले वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट से पहले जापानी निवेश को आकर्षित करना है। इस यात्रा के दौरान होंडा की टीम के साथ हुई बैठक में गुजरात में कंपनी के विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा हुई, जिससे 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत तक 4,000 नए रोज़गार पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।
मुख्य बैठकें और घटनाक्रम
उपमुख्यमंत्री संघवी ने बुधवार को जापान के विदेश मामलों के राज्यमंत्री नाकासोने यासुताका, होंडा की टीम और इवाते प्रान्त के गवर्नर ताकुया तासो से अलग-अलग बैठकें कीं। इसके अतिरिक्त, जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय (METI) के व्यापार नीति ब्यूरो के महानिदेशक तनाका काजुशिगे के साथ भी भारत-जापान आर्थिक सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। यह दौरा जापान और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ से ठीक पहले हो रहा है, जो अगले वर्ष मनाई जाएगी।
होंडा विस्तार और रोज़गार की संभावना
संघवी ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा कि टोक्यो में होंडा की टीम के साथ गुजरात में विस्तार की योजनाओं पर चर्चा हुई और इससे 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत तक 4,000 नए रोज़गार के अवसर पैदा होने की संभावना है। उन्होंने इसे गुजरात के औद्योगिक इकोसिस्टम को मज़बूत करने और भारत-जापान आर्थिक साझेदारी को गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उल्लेखनीय है कि गुजरात में पहले से ही कई प्रमुख जापानी कंपनियाँ सक्रिय हैं।
जापानी मंत्री का बयान और सेमीकंडक्टर सहयोग
जापान के विदेश राज्यमंत्री नाकासोने यासुताका ने बैठक में कहा कि जापान और भारत अपनी 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' के तहत कई क्षेत्रों में सहयोग को गहरा कर रहे हैं। उन्होंने गुजरात के साथ आर्थिक सहयोग को और मज़बूत करने की इच्छा जताई, जिसमें विशेष रूप से सेमीकंडक्टर क्षेत्र का उल्लेख किया गया। नाकासोने ने क्षेत्रीय साझेदारियों और आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी ज़ोर दिया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सेमीकंडक्टर विनिर्माण में वैश्विक भागीदारी तेज़ी से बढ़ा रहा है।
वाइब्रेंट गुजरात 2027 की रणनीतिक तैयारी
इवाते प्रान्त के गवर्नर ताकुया तासो के साथ हुई बातचीत में भी भारत-जापान सहयोग को मज़बूत करने के नए रास्ते तलाशे गए। संघवी ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात के माध्यम से राज्य वैश्विक उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ संबंध मज़बूत कर रहा है और रणनीतिक साझेदारियाँ बना रहा है। METI के महानिदेशक तनाका के साथ भी निवेश, नवाचार और सतत विकास के नए अवसर तलाशने पर सहमति बनी। गौरतलब है कि वाइब्रेंट गुजरात समिट पिछले कई संस्करणों में जापान से उल्लेखनीय निवेश प्रतिबद्धताएँ हासिल करने में सफल रहा है।
आगे की राह
इस दौरे से वाइब्रेंट गुजरात 2027 की नींव मज़बूत होने की उम्मीद है। होंडा के साथ हुई बातचीत की औपचारिक घोषणा आने वाले महीनों में अपेक्षित है। यदि होंडा का विस्तार योजना के अनुसार आगे बढ़ता है, तो यह जापानी ऑटोमोटिव निवेश के क्षेत्र में गुजरात की स्थिति को और सुदृढ़ करेगा।