19 अक्टूबर 2026
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ओसाका में हर्ष संघवी का जापानी निवेशकों को न्योता: 'गुजरात है उभरते अवसरों की भूमि'

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ओसाका में हर्ष संघवी का जापानी निवेशकों को न्योता: 'गुजरात है उभरते अवसरों की भूमि'

सारांश

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने ओसाका में जापानी उद्योगपतियों को 'उभरते अवसरों की भूमि' का निमंत्रण दिया — सेमीकंडक्टर, EV और ग्रीन एनर्जी में साझेदारी पर ज़ोर देते हुए। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट से पहले यह रोडशो राज्य की वैश्विक निवेश कूटनीति का अहम हिस्सा है।

मुख्य बातें

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 19 अक्टूबर 2026 को ओसाका में 'इन्वेस्ट इन गुजरात' राउंडटेबल की अध्यक्षता की।
गुजरात भारत की जीडीपी में 8% से अधिक, औद्योगिक उत्पादन में 18% और कुल निर्यात में एक-तिहाई का योगदान देता है।
राज्य की 65% ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से और कार्गो हैंडलिंग का 40% गुजरात के बंदरगाहों से संचालित।
सुजुकी, बुलेट ट्रेन परियोजना और जापानी औद्योगिक पार्क मौजूदा जापान-गुजरात साझेदारी के उदाहरण।
भविष्य के लक्षित क्षेत्र: सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, EV और इलेक्ट्रॉनिक्स ।

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 19 अक्टूबर 2026 को ओसाका में जापान के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ एक उच्च स्तरीय 'इन्वेस्ट इन गुजरात' राउंडटेबल बैठक की अध्यक्षता की। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के तहत आयोजित इस बैठक का उद्देश्य गुजरात और जापान के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर ले जाना था।

बैठक में क्या हुआ

उपमुख्यमंत्री संघवी ने वैश्विक उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी और सरदार पटेल की भूमि गुजरात की ओर से हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'जापान उगते सूर्य का देश है और गुजरात उभरते अवसरों की भूमि है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत और जापान के बीच संबंध केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि परस्पर विश्वास, सम्मान और साझा सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित हैं।

गुजरात की आर्थिक ताकत के आँकड़े

संघवी ने राज्य की औद्योगिक क्षमता के ठोस आँकड़े प्रस्तुत किए। उनके अनुसार, देश की केवल 5 प्रतिशत जनसंख्या वाला गुजरात भारत की जीडीपी में 8 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है। राज्य की देश के कुल औद्योगिक उत्पादन में 18 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि भारत का लगभग एक-तिहाई निर्यात अकेले गुजरात से होता है।

इसके अतिरिक्त, भारत की कुल कार्गो हैंडलिंग का 40 प्रतिशत गुजरात के बंदरगाहों से संचालित होता है और राज्य की 65 प्रतिशत ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त होती है। गौरतलब है कि ये आँकड़े गुजरात को भारत के सबसे औद्योगिक रूप से सक्रिय राज्यों में स्थापित करते हैं।

जापान-गुजरात की मौजूदा साझेदारी

उपमुख्यमंत्री ने सुजुकी, बुलेट ट्रेन परियोजना और जापानी औद्योगिक पार्क का उल्लेख करते हुए कहा कि जापान गुजरात में पहले से ही घर जैसा माहौल महसूस करता है। उन्होंने गुजरात को 'स्पीड, स्केल और स्टेबिलिटी' के रूप में परिभाषित किया — यानी तेज़ निर्णय, पारदर्शी नीतियाँ और औद्योगिक स्थिरता।

भविष्य के निवेश क्षेत्र

संघवी ने सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स को भविष्य के प्रमुख निवेश क्षेत्र बताया। उनका कहना था कि जापान के पास अत्याधुनिक तकनीक है और गुजरात के पास उत्कृष्ट प्रतिभा — दोनों की शक्तियाँ मिलकर वैश्विक नेतृत्व की नींव बन सकती हैं।

वाइब्रेंट गुजरात समिट का निमंत्रण

बैठक के समापन में उपमुख्यमंत्री ने जापान के निवेशकों को वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में आमंत्रित किया। उन्होंने कहा — 'आइए, देखिए, निवेश कीजिए और हमारे साथ विकास कीजिए।' यह यात्रा समिट से पूर्व वैश्विक निवेशकों को साधने की सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें आने वाले हफ्तों में अन्य देशों में भी इसी तरह के रोडशो अपेक्षित हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जापानी साझेदारी के प्रतीक, और 'स्पीड, स्केल, स्टेबिलिटी' का नारा। असल सवाल यह है कि सुजुकी-युग की मौजूदा साझेदारी से आगे जाकर नई जापानी पूँजी — खासकर सेमीकंडक्टर में — वास्तव में कितनी आती है। गुजरात की प्रतिस्पर्धा तमिलनाडु और तेलंगाना जैसे राज्यों से भी है जो उसी वैश्विक तकनीकी निवेश के लिए उतनी ही आक्रामकता से रोडशो कर रहे हैं। जब तक समिट में ठोस निवेश प्रतिबद्धताएँ सामने नहीं आतीं, यह यात्रा एक सुनियोजित कूटनीतिक संकेत से अधिक नहीं।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'इन्वेस्ट इन गुजरात' राउंडटेबल क्या था?
यह 19 अक्टूबर 2026 को ओसाका में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक थी जिसमें गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने जापान के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को गुजरात में निवेश के लिए आमंत्रित किया। यह बैठक वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की तैयारी के तहत आयोजित की गई।
गुजरात और जापान के बीच मौजूदा आर्थिक संबंध कैसे हैं?
सुजुकी का गुजरात में दीर्घकालिक विनिर्माण आधार, भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना (अहमदाबाद-मुंबई) में जापानी सहयोग, और जापानी औद्योगिक पार्क मौजूदा साझेदारी के प्रमुख उदाहरण हैं। संघवी के अनुसार यह साझेदारी व्यापार से परे साझा मूल्यों और विश्वास पर आधारित है।
गुजरात में किन क्षेत्रों में जापानी निवेश की संभावना है?
उपमुख्यमंत्री संघवी ने सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स को प्राथमिक निवेश क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि जापानी तकनीक और गुजराती प्रतिभा मिलकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा में नेतृत्व कर सकते हैं।
गुजरात भारत की अर्थव्यवस्था में कितना योगदान देता है?
संघवी द्वारा प्रस्तुत आँकड़ों के अनुसार, गुजरात भारत की जीडीपी में 8% से अधिक, औद्योगिक उत्पादन में 18% और कुल निर्यात में लगभग एक-तिहाई का योगदान देता है। इसके अलावा देश की 40% कार्गो हैंडलिंग गुजरात के बंदरगाहों से होती है।
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट क्या है?
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट गुजरात सरकार द्वारा आयोजित एक प्रमुख निवेश शिखर सम्मेलन है जो वैश्विक निवेशकों, उद्योगपतियों और नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाता है। ओसाका रोडशो इसी समिट के लिए अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित करने की पूर्व-तैयारी का हिस्सा था।
राष्ट्र प्रेस
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