हरियाणा बिजली हड़ताल: ऊर्जा मंत्री अनिल विज बोले — धारा 108 से रद्द होगा आदेश, आज 3 बजे बैठक
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने 23 अक्टूबर 2026 को पंचकूला में मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार निजी बिजली लाइसेंस जारी करने के फैसले को रद्द करने के लिए बिजली अधिनियम की धारा 108 का इस्तेमाल करने को तैयार है। उन्होंने बताया कि हड़ताल को समाप्त करने और बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए दोपहर 3 बजे पंचकूला रेस्ट हाउस में यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बैठक निर्धारित की गई है।
हड़ताल की पृष्ठभूमि
हरियाणा के बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बिजली क्षेत्र के कथित निजीकरण के विरोध में हड़ताल शुरू की है। कर्मचारियों ने कामकाज पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे कई जिलों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है और आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
गौरतलब है कि कर्मचारी यूनियन ने पहले से ही माँग रखी थी कि राज्य सरकार विवादित आदेश को रद्द करने के लिए धारा 108 का उपयोग करे। विज ने पुष्टि की कि यूनियन की यह माँग सरकार द्वारा मानी जा सकती है।
अनिल विज का बयान
विज ने कहा, 'यह मामला लगभग सुलझ गया है। मैंने कर्मचारी यूनियन के नेताओं से बात की है। मैं उन्हें पहले दिन से ही कह रहा हूँ कि हड़ताल कोई समाधान नहीं है। आइए, बैठकर बातचीत करें। अगर आप कोई और हल सुझाते हैं, तो हम उस पर भी विचार करने को तैयार हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैंने मुख्यमंत्री से भी बात की है और आज सुबह सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है कि हम धारा 108 का इस्तेमाल करेंगे। मुझे पूरा भरोसा है कि कुछ ही घंटों में हड़ताल खत्म हो जाएगी।'
धारा 108 का कानूनी प्रावधान
बिजली अधिनियम की धारा 108 के अनुसार, जनहित से जुड़े नीतिगत मामलों में राज्य विद्युत नियामक आयोग को राज्य सरकार के निर्देशों का पालन करना होगा। कोई मामला जनहित का है या नहीं, इस पर सरकार का निर्णय अंतिम माना जाएगा। विज ने बताया कि इसी प्रावधान के तहत विवादित लाइसेंस आदेश को वापस लिया जा सकता है।
विज ने बिजली कर्मियों से अपील भी की कि 'सरकार आपकी माँग पर विचार कर रही है, इसलिए हड़ताल वापस लें और बिजली आपूर्ति सुचारू करें।'
भाजपा संगठन और स्मृति ईरानी की नियुक्ति
विज ने इस अवसर पर यह भी कहा कि स्मृति ईरानी को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हरियाणा प्रभारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा, 'वह एक बहुत ही सक्षम और अनुभवी राजनेता हैं। उनके मार्गदर्शन में संगठन मजबूत होगा और सरकार को भी अपने कामकाज में काफी सहयोग मिलेगा।'
आगे क्या होगा
यदि दोपहर की बैठक सफल रहती है और यूनियन हड़ताल वापस लेती है, तो प्रभावित जिलों में बिजली आपूर्ति जल्द बहाल होने की उम्मीद है। विज के भरोसेमंद बयान के बाद बैठक के नतीजे पर सभी की नजरें टिकी हैं।