हरियाणा पुलिस ने बिजली हड़ताल के बीच 100 से अधिक गाँवों की आपूर्ति बहाल की
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा पुलिस ने 23 अक्टूबर 2026 को बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से उपजे संकट के बीच कैथल, रेवाड़ी, हिसार, पानीपत और करनाल सहित प्रदेश के कई जिलों में बिजली आपूर्ति बहाल कराने में निर्णायक भूमिका निभाई। पुलिस ने सेवानिवृत्त बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों के सहयोग से 20 से अधिक फीडर चालू कराए और 100 से अधिक गाँवों को राहत दिलाई।
जिलेवार कार्रवाई का ब्यौरा
कैथल जिले में बलीयर कलां 66 केवी सब-स्टेशन के 4 में से 3 फीडर चालू कराए गए। रेवाड़ी में पुलिस की सक्रियता से 20 से अधिक बिजली फीडर पुनः चालू कर 100 से अधिक गाँवों को बिजली मिली। पानीपत में भी आपूर्ति बहाली के लिए तेज़ी से कदम उठाए गए।
हिसार में थाना आदमपुर पुलिस ने बिजली विभाग के अधिकारियों से समन्वय कर थाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों की आपूर्ति बहाल की। इसके साथ ही महावीर कॉलोनी में वाटर वर्क्स का जनरेटर ठीक कराकर पेयजल आपूर्ति भी शुरू करवाई गई, जिससे स्थानीय निवासियों को दोहरी राहत मिली।
करनाल जिले में विभिन्न पावर हाउसों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। थाना असंध, थाना निसिंग और चौकी सदर बाजार की टीमों ने बिजली संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आवश्यक समन्वय किया।
हरियाणा पुलिस का आधिकारिक बयान
हरियाणा पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'बिजली संकट के बीच हरियाणा पुलिस संकटमोचक बनी। कैथल में 3 फीडर, रेवाड़ी में 20 से अधिक बिजली फीडर चालू कराए गए। हिसार में बिजली आपूर्ति बहाल करने के साथ महावीर कॉलोनी में पेयजल सप्लाई भी शुरू कराई गई। करनाल में पावर हाउसों की सुरक्षा के साथ बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान में सहयोग किया जा रहा है। कानून-व्यवस्था के साथ जनसेवा के लिए भी हरियाणा पुलिस 24×7 तत्पर है।'
हरियाणा पुलिस के पीआरओ के अनुसार सेवानिवृत्त कर्मचारियों और तकनीकी विशेषज्ञों को जोड़कर फॉल्ट सुधारने का यह प्रयास दर्शाता है कि आपातकाल में पुलिस बल की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रही।
हड़ताल की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब हरियाणा के बिजली कर्मचारी हड़ताल पर हैं और प्रदेश के कई हिस्सों में लंबे पावर कट से आम जनजीवन प्रभावित है। गौरतलब है कि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान आवश्यक सेवाओं का संचालन सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए हमेशा बड़ी चुनौती रही है। पुलिस का इस तरह तकनीकी समन्वय में उतरना परिस्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
आम जनता पर असर
बिजली आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीण इलाकों में सिंचाई, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाएँ प्रभावित हुई थीं। पुलिस की पहल से 100 से अधिक गाँवों में रोशनी लौटी और पेयजल सप्लाई बहाल हुई। अधिकारियों के अनुसार बिजली संकट के इस दौर में हर संभव मदद जारी रहेगी।
आगे की स्थिति
फिलहाल विभिन्न जिलों में पुलिस की तैनाती और तकनीकी समन्वय जारी है। हड़ताल समाप्त होने तक प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास जारी रहने की उम्मीद है।