22 अक्टूबर 2026
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हजारीबाग: झामुमो जिलाध्यक्ष के बॉडीगार्ड निरंजन महतो की गोली लगने से मौत, पुलिस जांच जारी

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हजारीबाग: झामुमो जिलाध्यक्ष के बॉडीगार्ड निरंजन महतो की गोली लगने से मौत, पुलिस जांच जारी

सारांश

हजारीबाग में झामुमो जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया के सरकारी बॉडीगार्ड निरंजन महतो की 22 अक्टूबर को उरीमारी स्थित आवास पर संदिग्ध गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस जाँच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

मुख्य बातें

निरंजन महतो , झारखंड पुलिस के जवान व झामुमो जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया के बॉडीगार्ड, की 22 अक्टूबर 2026 को गोली लगने से मौत हो गई।
घटना हजारीबाग के बड़कागांव थाना क्षेत्र के उरीमारी स्थित जिलाध्यक्ष आवास पर सुबह करीब 10 बजे हुई।
गोली चलने की परिस्थितियाँ अभी अस्पष्ट; पुलिस दुर्घटना, चूक या अन्य कारण की जाँच कर रही है।
अस्पताल पहुँचने से पहले ही मौत; शव हजारीबाग सदर हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पुलिस अधिकारियों ने अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया है।

झारखंड के हजारीबाग जिले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया के बॉडीगार्ड निरंजन महतो की 22 अक्टूबर 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। यह घटना बड़कागांव थाना क्षेत्र के उरीमारी स्थित जिलाध्यक्ष के आवास पर सुबह करीब 10 बजे हुई। गोली चलने की परिस्थितियों और कारण को लेकर पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

घटनाक्रम

बताया जा रहा है कि उरीमारी स्थित जिलाध्यक्ष के आवास पर गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग वहाँ पहुँचे, तो निरंजन महतो फर्श पर घायल अवस्था में पड़े मिले। अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई।

उरीमारी ओपी की पुलिस को सूचना मिलते ही जवान मौके पर पहुँचे और जाँच शुरू कर दी। पंचनामे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग सदर हॉस्पिटल भेजने की तैयारी की जा रही थी।

पुलिस की जांच

पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों की बारीकी से पड़ताल कर रही है। जाँचकर्ता यह स्थापित करने की कोशिश में हैं कि गोली किस हथियार से चली और घटना के वक्त आवास पर कौन-कौन मौजूद था।

पुलिस के अनुसार यह जाँच की जा रही है कि गोली चलने के पीछे दुर्घटना, हथियार संचालन में चूक या कोई अन्य कारण था। संबंधित लोगों से पूछताछ के ज़रिये भी घटनाक्रम की कड़ियाँ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

निरंजन महतो कौन थे

निरंजन महतो झारखंड पुलिस के जवान थे और झामुमो के हजारीबाग जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया की सुरक्षा में तैनात थे। उनकी मौत की खबर फैलते ही इलाके में हलचल मच गई और घटना को लेकर चर्चाएँ शुरू हो गई हैं।

आगे क्या

मौत की वास्तविक वजह और गोली चलने की परिस्थितियाँ जाँच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मामले की जाँच में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पुलिस अधिकारियों ने अभी तक घटना पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या इसके पीछे कोई और वजह है? झारखंड में राजनीतिक हिंसा और हथियारों के दुरुपयोग की छिटपुट घटनाओं के बीच यह मामला और संवेदनशील हो जाता है। पुलिस का अभी तक कोई स्पष्ट बयान न आना जाँच की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। पोस्टमार्टम और हथियार फोरेंसिक रिपोर्ट ही बताएगी कि यह दुर्घटना थी या कुछ और।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हजारीबाग में झामुमो जिलाध्यक्ष के बॉडीगार्ड की मौत कैसे हुई?
झारखंड पुलिस के जवान निरंजन महतो को 22 अक्टूबर 2026 को हजारीबाग के उरीमारी स्थित झामुमो जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया के आवास पर गोली लगी और उनकी मौत हो गई। गोली चलने की सटीक परिस्थितियाँ जाँच के दायरे में हैं।
घटना की जाँच कौन कर रही है?
उरीमारी ओपी पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गोली किस हथियार से चली और घटना के समय वहाँ कौन मौजूद था।
क्या पुलिस ने गोली चलने का कारण बताया है?
अभी तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जाँचकर्ता दुर्घटना, हथियार संचालन में चूक या किसी अन्य कारण की सभी संभावनाएँ खँगाल रहे हैं।
मामले में आगे क्या होगा?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और हथियार की फोरेंसिक जाँच मौत की वास्तविक परिस्थितियाँ स्पष्ट करेगी। संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है और पुलिस की विस्तृत रिपोर्ट आने का इंतजार है।
राष्ट्र प्रेस
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