हजारीबाग: झामुमो जिलाध्यक्ष के बॉडीगार्ड निरंजन महतो की गोली लगने से मौत, पुलिस जांच जारी
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के हजारीबाग जिले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया के बॉडीगार्ड निरंजन महतो की 22 अक्टूबर 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। यह घटना बड़कागांव थाना क्षेत्र के उरीमारी स्थित जिलाध्यक्ष के आवास पर सुबह करीब 10 बजे हुई। गोली चलने की परिस्थितियों और कारण को लेकर पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
घटनाक्रम
बताया जा रहा है कि उरीमारी स्थित जिलाध्यक्ष के आवास पर गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग वहाँ पहुँचे, तो निरंजन महतो फर्श पर घायल अवस्था में पड़े मिले। अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
उरीमारी ओपी की पुलिस को सूचना मिलते ही जवान मौके पर पहुँचे और जाँच शुरू कर दी। पंचनामे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग सदर हॉस्पिटल भेजने की तैयारी की जा रही थी।
पुलिस की जांच
पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों की बारीकी से पड़ताल कर रही है। जाँचकर्ता यह स्थापित करने की कोशिश में हैं कि गोली किस हथियार से चली और घटना के वक्त आवास पर कौन-कौन मौजूद था।
पुलिस के अनुसार यह जाँच की जा रही है कि गोली चलने के पीछे दुर्घटना, हथियार संचालन में चूक या कोई अन्य कारण था। संबंधित लोगों से पूछताछ के ज़रिये भी घटनाक्रम की कड़ियाँ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
निरंजन महतो कौन थे
निरंजन महतो झारखंड पुलिस के जवान थे और झामुमो के हजारीबाग जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया की सुरक्षा में तैनात थे। उनकी मौत की खबर फैलते ही इलाके में हलचल मच गई और घटना को लेकर चर्चाएँ शुरू हो गई हैं।
आगे क्या
मौत की वास्तविक वजह और गोली चलने की परिस्थितियाँ जाँच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मामले की जाँच में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पुलिस अधिकारियों ने अभी तक घटना पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।