19 सितंबर 2026
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सहरसा में भाजयुमो जिला महासचिव अभिजीत सिंह राजपूत की संदिग्ध हत्या, सिर में गोली लगने की आशंका

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सहरसा में भाजयुमो जिला महासचिव अभिजीत सिंह राजपूत की संदिग्ध हत्या, सिर में गोली लगने की आशंका

सारांश

बिहार के सहरसा में भाजयुमो जिला महासचिव अभिजीत सिंह राजपूत (26) का शव शुक्रवार को बंद घर में मिला — कथित तौर पर बुधवार की हत्या, सिर में चोट, और पार्टी में जाने का सुराग। परिवार निष्पक्ष जाँच माँग रहा है, पुलिस एफएसएल रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है।

मुख्य बातें

भाजयुमो जिला महासचिव अभिजीत सिंह राजपूत (26) का शव 18 सितंबर 2026 को सहरसा के गौतम नगर स्थित उनके बंद घर में मिला।
पुलिस के अनुसार कथित हत्या बुधवार को हुई; सिर में चोट की पुष्टि, गोली लगने के तरीके की जाँच जारी।
एसडीपीओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि घटना से पहले अभिजीत एक पार्टी में गए थे।
एफएसएल टीम ने साक्ष्य एकत्र किए; शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
चाचा अवधेश कुमार सिंह ने निष्पक्ष जाँच और ज़िम्मेदारों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की।

बिहार के सहरसा जिले में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला महासचिव अभिजीत सिंह राजपूत उर्फ राजा (26) का शव 18 सितंबर 2026 को उनके बंद घर के भीतर मिला। पुलिस के अनुसार, यह हत्या कथित तौर पर बुधवार को हुई थी और शव शुक्रवार दोपहर को बरामद किया गया।

घटनाक्रम: कैसे मिला शव

सदर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के गौतम नगर (वार्ड नंबर 15) में स्थित अभिजीत के किराये के मकान में शुक्रवार दोपहर एक मित्र पहुँचा। पिछले दो दिनों से फोन कॉल का कोई जवाब न मिलने पर उसने खिड़की से झाँककर देखा, तो अभिजीत बेडरूम में बेसुध हालत में पड़े दिखे। पुलिस को सूचना दी गई और मुख्य दरवाज़ा खुलवाने पर उन्हें मृत पाया गया।

स्थानीय निवासियों का दावा है कि मृतक के सिर में गोली लगी थी। सहरसा के एसडीपीओ पंकज कुमार सिंह ने सिर में चोट की पुष्टि की है, हालाँकि गोली लगने के तरीके के बारे में अन्य विवरण अभी साझा नहीं किए गए हैं। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को साक्ष्य संग्रह के लिए बुलाया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

पार्टी में गए थे घटना से पहले

एसडीपीओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती जाँच से संकेत मिला है कि अभिजीत घटना वाली रात एक पार्टी में गए थे। जाँचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या पीड़ित अपने हमलावर को पहले से जानता था। रिपोर्टों के अनुसार, अभिजीत के नाम पर रिकॉर्ड में कुछ पुराने मामले भी दर्ज हैं।

भाजयुमो की प्रतिक्रिया

भाजयुमो के जिला अध्यक्ष सुरजीत सिंह कुशवाहा ने बताया कि अभिजीत पिछले दो दिनों से संपर्क में नहीं थे, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में चिंता बढ़ गई थी। उन्होंने इस घटना को संगठन के लिए एक बड़ा आघात बताया।

परिवार की पृष्ठभूमि और सदमा

मूल रूप से सुपौल जिले के गढ़बरुआरी गाँव के निवासी अभिजीत के माता-पिता दोनों का निधन हो चुका है। उनके पिता हर्षवर्धन सिंह, जो एक इंजीनियर थे, का 2018 में कैंसर से और उनकी माता का 2017 में निधन हुआ था। दो भाइयों में बड़े अभिजीत का छोटा भाई फिलहाल दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहा है।

उनके चाचा अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि परिवार इस घटना से गहरे सदमे में है। उन्होंने निष्पक्ष जाँच और ज़िम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की है।

पुलिस की जाँच जारी

पुलिस ने कहा है कि मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जाँच की जा रही है। एफएसएल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के निष्कर्ष मृत्यु की परिस्थितियों को स्पष्ट करने में निर्णायक भूमिका निभाएँगे। गौरतलब है कि बिहार में राजनीतिक कार्यकर्ताओं से जुड़ी हिंसा की घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रही हैं, और यह मामला एक बार फिर राज्य में कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मामले की दिशा तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हर बार जब किसी युवा नेता का शव दो दिन बाद बंद कमरे में मिलता है, तो सवाल उठता है कि स्थानीय पुलिस तंत्र की सक्रियता कहाँ थी। अभिजीत के दो दिन तक फोन न उठाने के बावजूद कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई — यह प्रशासनिक सुस्ती का संकेत है। एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही राजनीतिक बयानबाज़ी शुरू होना चिंताजनक है; असली ज़रूरत त्वरित, निष्पक्ष और तकनीक-आधारित जाँच की है, न महज़ दावों की।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सहरसा में भाजयुमो महासचिव की हत्या कैसे हुई?
अभिजीत सिंह राजपूत (26) का शव 18 सितंबर 2026 को सहरसा के गौतम नगर में उनके बंद घर के बेडरूम में मिला। पुलिस ने सिर में चोट की पुष्टि की है और स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्हें गोली मारी गई थी, हालाँकि आधिकारिक पुष्टि एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी।
अभिजीत सिंह राजपूत कौन थे?
अभिजीत सिंह राजपूत सुपौल जिले के गढ़बरुआरी गाँव के मूल निवासी और भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के सहरसा जिला महासचिव थे। वे 26 वर्ष के थे और अपने माता-पिता के निधन के बाद दो भाइयों में से बड़े थे।
पुलिस जाँच में अब तक क्या पता चला है?
एसडीपीओ पंकज कुमार सिंह के अनुसार, घटना से पहले अभिजीत एक पार्टी में गए थे। पुलिस यह पता लगा रही है कि पीड़ित हमलावर को जानता था या नहीं। एफएसएल टीम साक्ष्य एकत्र कर चुकी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार है।
परिवार ने क्या माँग की है?
अभिजीत के चाचा अवधेश कुमार सिंह ने निष्पक्ष जाँच और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की है। परिवार इस घटना से गहरे सदमे में है।
क्या अभिजीत के खिलाफ कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड था?
रिपोर्टों के अनुसार, अभिजीत के नाम पर रिकॉर्ड में कुछ पुराने मामले दर्ज थे। पुलिस इन पहलुओं की भी जाँच कर रही है, हालाँकि अभी तक कोई आधिकारिक विवरण साझा नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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