सहरसा में भाजयुमो जिला महासचिव अभिजीत सिंह राजपूत की संदिग्ध हत्या, सिर में गोली लगने की आशंका
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के सहरसा जिले में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला महासचिव अभिजीत सिंह राजपूत उर्फ राजा (26) का शव 18 सितंबर 2026 को उनके बंद घर के भीतर मिला। पुलिस के अनुसार, यह हत्या कथित तौर पर बुधवार को हुई थी और शव शुक्रवार दोपहर को बरामद किया गया।
घटनाक्रम: कैसे मिला शव
सदर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के गौतम नगर (वार्ड नंबर 15) में स्थित अभिजीत के किराये के मकान में शुक्रवार दोपहर एक मित्र पहुँचा। पिछले दो दिनों से फोन कॉल का कोई जवाब न मिलने पर उसने खिड़की से झाँककर देखा, तो अभिजीत बेडरूम में बेसुध हालत में पड़े दिखे। पुलिस को सूचना दी गई और मुख्य दरवाज़ा खुलवाने पर उन्हें मृत पाया गया।
स्थानीय निवासियों का दावा है कि मृतक के सिर में गोली लगी थी। सहरसा के एसडीपीओ पंकज कुमार सिंह ने सिर में चोट की पुष्टि की है, हालाँकि गोली लगने के तरीके के बारे में अन्य विवरण अभी साझा नहीं किए गए हैं। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को साक्ष्य संग्रह के लिए बुलाया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पार्टी में गए थे घटना से पहले
एसडीपीओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती जाँच से संकेत मिला है कि अभिजीत घटना वाली रात एक पार्टी में गए थे। जाँचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या पीड़ित अपने हमलावर को पहले से जानता था। रिपोर्टों के अनुसार, अभिजीत के नाम पर रिकॉर्ड में कुछ पुराने मामले भी दर्ज हैं।
भाजयुमो की प्रतिक्रिया
भाजयुमो के जिला अध्यक्ष सुरजीत सिंह कुशवाहा ने बताया कि अभिजीत पिछले दो दिनों से संपर्क में नहीं थे, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में चिंता बढ़ गई थी। उन्होंने इस घटना को संगठन के लिए एक बड़ा आघात बताया।
परिवार की पृष्ठभूमि और सदमा
मूल रूप से सुपौल जिले के गढ़बरुआरी गाँव के निवासी अभिजीत के माता-पिता दोनों का निधन हो चुका है। उनके पिता हर्षवर्धन सिंह, जो एक इंजीनियर थे, का 2018 में कैंसर से और उनकी माता का 2017 में निधन हुआ था। दो भाइयों में बड़े अभिजीत का छोटा भाई फिलहाल दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहा है।
उनके चाचा अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि परिवार इस घटना से गहरे सदमे में है। उन्होंने निष्पक्ष जाँच और ज़िम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की है।
पुलिस की जाँच जारी
पुलिस ने कहा है कि मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जाँच की जा रही है। एफएसएल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के निष्कर्ष मृत्यु की परिस्थितियों को स्पष्ट करने में निर्णायक भूमिका निभाएँगे। गौरतलब है कि बिहार में राजनीतिक कार्यकर्ताओं से जुड़ी हिंसा की घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रही हैं, और यह मामला एक बार फिर राज्य में कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मामले की दिशा तय होगी।