23 अक्टूबर 2026
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झामुमो जिलाध्यक्ष के बॉडीगार्ड निरंजन महतो की संदिग्ध मौत: BJP ने बनाई 5 सदस्यीय जांच समिति

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झामुमो जिलाध्यक्ष के बॉडीगार्ड निरंजन महतो की संदिग्ध मौत: BJP ने बनाई 5 सदस्यीय जांच समिति

सारांश

हजारीबाग के उरीमारी में झामुमो जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया के आवास पर उनके सरकारी बॉडीगार्ड निरंजन महतो का शव AK-47 से गोली लगने के बाद मिला। BJP ने पाँच सदस्यीय जांच समिति बनाई है जो 26 अक्टूबर तक रिपोर्ट देगी। पुलिस दुर्घटना, आत्महत्या और आपराधिक साजिश — तीनों संभावनाओं की जांच कर रही है।

मुख्य बातें

निरंजन महतो , झामुमो जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया के सरकारी बॉडीगार्ड, का शव 23 अक्टूबर 2026 को उरीमारी, हजारीबाग में बेदिया के आवास के बंद कमरे से बरामद हुआ।
शुरुआती जांच में AK-47 राइफल से गोली चलने की पुष्टि; मौत दुर्घटना, आत्महत्या या षड्यंत्र — तीनों पहलुओं की जांच जारी।
BJP झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर 5 सदस्यीय जांच समिति गठित, नेतृत्व नीलकंठ सिंह मुंडा को।
समिति को 26 अक्टूबर 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपनी है।
FSL टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए; पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

हजारीबाग जिले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया के सरकारी अंगरक्षक एवं जिला पुलिस बल के जवान निरंजन महतो की 23 अक्टूबर 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के झारखंड प्रदेश नेतृत्व ने इस मामले की स्वतंत्र पड़ताल के लिए एक पाँच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसे 26 अक्टूबर 2026 तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी।

मुख्य घटनाक्रम

गुरुवार की सुबह बड़कागांव थाना क्षेत्र के उरीमारी में झामुमो जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया के आवास पर उनके सरकारी बॉडीगार्ड निरंजन महतो का शव एक बंद कमरे से बरामद हुआ। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि मौत एके-47 राइफल से गोली चलने के कारण हुई। हालाँकि पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि यह हथियार की साफ-सफाई के दौरान हुई दुर्घटना थी, आत्महत्या थी, या इसके पीछे कोई आपराधिक षड्यंत्र है।

फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने घटनास्थल पर पहुँचकर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद मौत की प्रकृति स्पष्ट होने की संभावना है। झामुमो जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया सहित मौके पर उपस्थित लोगों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं।

BJP जांच समिति का गठन

BJP के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर गठित इस प्रदेश स्तरीय जांच समिति की अध्यक्षता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा को सौंपी गई है। समिति के अन्य सदस्यों में भानु प्रताप शाही (प्रदेश उपाध्यक्ष), गीता कोड़ा (प्रदेश उपाध्यक्ष), आरती कुजूर (प्रदेश प्रवक्ता) और विवेकानंद सिंह (हजारीबाग जिलाध्यक्ष) शामिल हैं।

यह समिति शीघ्र ही उरीमारी स्थित घटनास्थल का दौरा करेगी, पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात करेगी और घटना से जुड़े तमाम तथ्यों की पड़ताल करेगी। BJP ने माँग की है कि जवान की संदिग्ध मौत के हर पहलू की पारदर्शी जांच होनी चाहिए।

सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच के तीन संभावित पहलू — दुर्घटनावश मौत, आत्महत्या, अथवा आपराधिक साजिश — की जाँच की जा रही है। FSL टीम द्वारा एकत्रित साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलाकर जांच की दिशा तय होगी। गौरतलब है कि सरकारी बॉडीगार्ड की संदिग्ध मौत, विशेष रूप से सत्तारूढ़ दल के एक प्रमुख नेता के आवास पर, स्वाभाविक रूप से राजनीतिक संवेदनशीलता उत्पन्न करती है।

आम जनता और परिवार पर असर

निरंजन महतो जिला पुलिस बल के जवान थे और सरकारी ड्यूटी पर तैनात थे। उनके परिवार के लिए यह मामला न केवल व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि उन्हें मौत की सही वजह जानने का भी इंतजार है। BJP की जांच समिति पीड़ित परिवार से मिलने और उनकी बात सुनने का भी वादा कर चुकी है।

क्या होगा आगे

BJP की जांच समिति को 26 अक्टूबर 2026 तक अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपनी है। इसके समानांतर पुलिस की आधिकारिक जांच और FSL रिपोर्ट भी आने वाले दिनों में इस मामले की तस्वीर को स्पष्ट करेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों जांचों के निष्कर्ष एक-दूसरे से मेल खाते हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राज्य सरकार के अधीन है। असली सवाल यह है कि FSL और पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्या कहती हैं — क्योंकि बंद कमरे में सरकारी हथियार से हुई मौत के तीनों संभावित कारण अपने-अपने राजनीतिक निहितार्थ लेकर आते हैं। यदि जांच में देरी हुई या परिणाम अस्पष्ट रहे, तो यह मामला आगामी चुनावी मौसम में और अधिक विस्फोटक रूप ले सकता है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निरंजन महतो की मौत कैसे हुई?
निरंजन महतो झामुमो जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया के सरकारी बॉडीगार्ड थे। 23 अक्टूबर 2026 को हजारीबाग के उरीमारी में बेदिया के आवास पर उनका शव बंद कमरे से मिला। शुरुआती जांच में AK-47 राइफल से गोली चलने की बात सामने आई है।
BJP ने जांच समिति क्यों बनाई?
BJP के झारखंड प्रदेश नेतृत्व ने इस संदिग्ध मौत की पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए 5 सदस्यीय समिति गठित की है। पार्टी का कहना है कि जवान की मौत के हर पहलू की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
BJP की जांच समिति में कौन-कौन शामिल हैं?
समिति की अध्यक्षता पूर्व मंत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा कर रहे हैं। अन्य सदस्य हैं — भानु प्रताप शाही, गीता कोड़ा (दोनों प्रदेश उपाध्यक्ष), आरती कुजूर (प्रदेश प्रवक्ता) और विवेकानंद सिंह (हजारीबाग जिलाध्यक्ष)।
पुलिस इस मामले में किन संभावनाओं की जांच कर रही है?
पुलिस तीन संभावनाओं की जांच कर रही है — हथियार की साफ-सफाई के दौरान हुई दुर्घटना, आत्महत्या, या कोई आपराधिक षड्यंत्र। FSL टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है जो मौत की प्रकृति स्पष्ट करेगी।
BJP की जांच समिति कब तक रिपोर्ट देगी?
BJP की जांच समिति को 26 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश नेतृत्व को विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी है। इससे पहले समिति घटनास्थल का दौरा करेगी और पीड़ित परिवार से मुलाकात करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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