हजारीबाग में मां ने बेटी की बलि दी: जेएमएम-भाजपा के आरोप-प्रत्यारोप

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हजारीबाग में मां ने बेटी की बलि दी: जेएमएम-भाजपा के आरोप-प्रत्यारोप

सारांश

झारखंड के हजारीबाग में एक मां द्वारा अपनी बेटी की बलि देने की घटना ने राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया है। जेएमएम और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप में स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है। जानिए इस वीभत्स घटना के पीछे की सच्चाई और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ।

मुख्य बातें

हजारीबाग में मां द्वारा बेटी की बलि दी गई।
इस मामले में तांत्रिक का भी हाथ है।
राजनीतिक नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं।
पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इस वीभत्स कांड में कठोर सजा की मांग की जा रही है।

रांची, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के हजारीबाग के विष्णुगढ़ में एक मां द्वारा अपनी बेटी की बलि देने की घटना ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। जेएमएम के प्रवक्ता मनोज पांडे ने भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राज्य सरकार की कानून व्यवस्था और राजस्व संग्रह के प्रदर्शन का समर्थन किया। दूसरी ओर, भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने इस घटना को अत्यंत वीभत्स बताया और भाजपा कार्यकर्ताओं के शामिल होने के आरोप को सख्ती से खारिज किया।

मनोज पांडे ने कहा, "विष्णुगढ़ नरबलि कांड में भाजपा का एक सक्रिय कार्यकर्ता पकड़ा गया है। आरोपी हमेशा सांसद और प्रदेश अध्यक्ष के आसपास पाया जाता था। जिस अपराधी भीमराम को भाजपा ने बंदी बनाया था, उसने इस कांड में मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि यह व्यभिचारियों का जमावड़ा है।" भाजपा द्वारा आरोपी को सक्रिय कार्यकर्ता न बताने पर पांडे ने कहा कि वे झूठ बोल रहे हैं। सोशल मीडिया पर मौजूद तस्वीरें सच्चाई बयां कर रही हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड में अपराधी नहीं बच पाएंगे।

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा, "हजारीबाग के विष्णुगढ़ में जो कुछ हुआ, वह बेहद अकल्पनीय है। एक मां ने तांत्रिक के कहने पर अपनी बेटी की बलि दी। इस वीभत्स कांड के सभी आरोपियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए। इस मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए।"

विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय बच्ची की नृशंस हत्या का मामला पुलिस ने खुलासा किया है। तांत्रिक क्रिया के दौरान बच्ची की बलि दी गई थी, और इस साजिश में उसकी मां भी शामिल थी। हजारीबाग पुलिस ने मृतका की मां रेशमी देवी, महिला तांत्रिक शांति देवी और उसके सहयोगी भीम राम को गिरफ्तार कर लिया है।

हजारीबाग के एसपी अंजनी अंजन के अनुसार, बच्ची की मां रेशमी देवी अपने बेटे की बीमारी से परेशान थी। वह पिछले एक साल से तांत्रिक शांति देवी के संपर्क में थी, जिसने उसे बताया कि बेटे के ठीक होने के लिए "कुंवारी कन्या" की बलि आवश्यक है। इसी अंधविश्वास के चलते उसने 24 मार्च को अपनी बेटी की बलि चढ़ा दी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इससे राजनीतिक स्थिति भी प्रभावित हुई है। जेएमएम और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप से इस मुद्दे का राजनीतिककरण हो रहा है। यह आवश्यक है कि कानून व्यवस्था को बनाए रखा जाए और इस कांड में शामिल सभी व्यक्तियों को उचित सजा मिले।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हजारीबाग नरबलि कांड क्या है?
यह घटना है जिसमें एक मां ने तांत्रिक के कहने पर अपनी बेटी की बलि दी।
इस मामले में किस-किसको गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने मृतका की मां रेशमी देवी, महिला तांत्रिक शांति देवी और उसके सहयोगी भीम राम को गिरफ्तार किया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ क्या हैं?
जेएमएम और भाजपा के प्रवक्ताओं ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं, जिससे राजनीतिक विवाद बढ़ गया है।
क्या इस घटना में भाजपा का कोई कार्यकर्ता शामिल था?
जेएमएम प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि भाजपा का एक सक्रिय कार्यकर्ता इस मामले में शामिल था।
क्या इस कांड में राजनीतिकरण हो रहा है?
जी हां, यह घटना दोनों दलों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का कारण बन गई है।
राष्ट्र प्रेस
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