आश्विन नवरात्रि 2026: हिमाचल के 7 शक्तिपीठों में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन, नैना देवी में सर्वाधिक भीड़
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के सात प्रमुख मंदिरों और शक्तिपीठों में आश्विन नवरात्रि के नौ दिवसीय उत्सव (11 से 19 अक्टूबर 2026) के दौरान 10 लाख 25 हजार 726 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। राज्य सरकार ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस अवधि में कुल 1,04,520 वाहन भी दर्ज किए गए।
मंदिरवार श्रद्धालुओं की संख्या
बिलासपुर जिले की पहाड़ी पर स्थित नैना देवी मंदिर में सबसे अधिक 3 लाख 95 हजार 226 श्रद्धालु पहुँचे, जो कि कुल तीर्थयात्रियों का लगभग 38 प्रतिशत है। इसके बाद कांगड़ा जिले के श्री ज्वालामुखी मंदिर में 1 लाख 80 हजार और ऊना जिले के चिंतपूर्णी मंदिर में 1 लाख 39 हजार श्रद्धालु आए।
त्रिलोकपुर के बाला सुंदरी मंदिर में 1 लाख 6 हजार 600 तीर्थयात्री पहुँचे, जबकि चामुंडा देवी मंदिर में 70,500, ब्रजेश्वरी देवी मंदिर में 69,400 और बगलामुखी मंदिर में 65,000 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
पुलिस और प्रशासन की तैयारी
भीड़ और यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए। सरकार के अनुसार, पुलिस कर्मियों को कतार प्रबंधन, पार्किंग नियंत्रण और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए तैनात किया गया था। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन पहाड़ी मंदिरों में की गई जहाँ संकरे रास्ते और सीमित पार्किंग सुविधा चुनौती पेश करती है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पुलिस, जिला प्रशासन, मंदिर ट्रस्टों, होम गार्ड और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की सराहना की। उन्होंने कहा कि 'बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।'
मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सुक्खू ने त्योहार के दौरान लंबी पारियों में काम करने वाले पुलिसकर्मियों के साथ-साथ मंदिर प्रशासन, स्वयंसेवकों और स्थानीय निवासियों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने आम लोगों और तीर्थयात्रियों से अपील की कि आपात स्थिति में पुलिस, दमकल या एम्बुलेंस के लिए 24 घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन 112 का उपयोग करें।
हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सराहना पुलिसकर्मियों को और अधिक समर्पण और पेशेवर तरीके से जनता की सेवा करने की प्रेरणा देगी। तिवारी ने त्योहार के दौरान तैनात जिला पुलिस प्रमुखों और पर्यवेक्षी अधिकारियों की भी तारीफ की।
आम जनता और पर्यटन पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश धार्मिक पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। गौरतलब है कि नवरात्रि जैसे बड़े धार्मिक आयोजन राज्य के होटल, परिवहन और स्थानीय व्यापार क्षेत्र को सीधे लाभ पहुँचाते हैं।
आगे आने वाले शीतकालीन महीनों में यात्रा की संख्या प्रभावित हो सकती है, लेकिन राज्य सरकार का इरादा इस सफल प्रबंधन मॉडल को भविष्य के बड़े धार्मिक आयोजनों में भी लागू करने का है।