असम में ₹778 करोड़ का निवेश: CM हिमंता सरमा बोले — खेत से 'लेज़' पैकेट तक पहुँची वैल्यू चेन
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को राज्य में ₹778 करोड़ के निजी निवेश की अहमियत को रेखांकित किया और बताया कि किस तरह असम के कृषि क्षेत्र को संगठित उपभोक्ता उत्पाद उद्योग से जोड़ने वाली एक मज़बूत वैल्यू चेन तैयार हो रही है। सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के ज़रिए इस निवेश की घोषणा करते हुए इसे स्थानीय रोज़गार और कृषि-आधारित उद्योग के विस्तार से जोड़ा।
मुख्यमंत्री का संदेश: खेत से बाज़ार तक
मुख्यमंत्री सरमा ने अपनी पोस्ट में कहा, 'अवसर के साथ विकास, ₹778 करोड़ का निवेश, स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अधिक अवसर।' उन्होंने असम के किसानों द्वारा उगाए जाने वाले आलू और उपभोक्ताओं की अलमारी तक पहुँचने वाले 'लेज़' के चिप्स पैकेट का उदाहरण देते हुए कहा, 'हमारे खेतों में उगने वाले आलू से लेकर आपकी अलमारी पर रखे 'लेज़' के पैकेट तक, यही अवसर है। असम में बना प्रोडक्ट, अब असम से बाहर तक पहुँच रहा है।' यह बयान राज्य में कृषि और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के बीच गहरे होते संबंध को दर्शाता है।
₹778 करोड़ के निवेश का महत्व
सरमा द्वारा उल्लेखित ₹778 करोड़ का निवेश असम की निवेश-आकर्षण रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें फूड प्रोसेसिंग, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य गैर-पारंपरिक क्षेत्रों पर विशेष ज़ोर दिया गया है। राज्य सरकार असम को एक उभरते हुए औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। गौरतलब है कि यह निवेश ऐसे समय में आया है जब उत्तर-पूर्व भारत में औद्योगिक विकास को केंद्र सरकार की 'एक्ट ईस्ट' नीति से भी बल मिल रहा है।
कृषि-उद्योग जुड़ाव: वैल्यू एडिशन की राह
मुख्यमंत्री की टिप्पणी ने राज्य के किसानों को संगठित फूड-प्रोसेसिंग और उपभोक्ता उत्पादों की सप्लाई चेन से जोड़ने की क्षमता की ओर भी इशारा किया। इस तरह के जुड़ाव से स्थानीय कृषि उत्पादों को व्यापक राष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँच मिल सकती है और राज्य के भीतर ही वैल्यू एडिशन के नए अवसर खुल सकते हैं। असम की भौगोलिक स्थिति, विविध कृषि उत्पादन और उभरती औद्योगिक नीतियाँ इस दिशा में सहायक मानी जा रही हैं।
रोज़गार और स्थानीय विकास पर असर
सरमा के अनुसार, इस निवेश से स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अधिक अवसर तैयार होंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य पारंपरिक कृषि-निर्भर अर्थव्यवस्था को विनिर्माण और प्रसंस्करण उद्योग से जोड़कर ग्रामीण युवाओं के लिए आजीविका के नए रास्ते खोलना है। यह पहल असम की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें निजी पूँजी को राज्य के कृषि और खाद्य क्षेत्र में लाने की कोशिश की जा रही है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की यह घोषणा राज्य में निवेशकों के बढ़ते विश्वास का संकेत देती है। असम में फूड प्रोसेसिंग और उपभोक्ता उत्पाद उद्योग के विस्तार से आने वाले समय में कृषि आय और औद्योगिक रोज़गार दोनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार की नज़र अब इस निवेश को ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वित करने और इसके दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करने पर होगी।