पश्चिम बंगाल चुनाव मतगणना: झाड़ग्राम सीट पर भाजपा 900 से अधिक वोटों से आगे, TMC पीछे
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों में झाड़ग्राम सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बढ़त बना ली है। चुनाव आयोग (ECI) के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, 4 मई को सुबह 9:30 बजे IST तक भाजपा उम्मीदवार लक्ष्मीकांत साव को 900 से अधिक वोट मिल चुके थे, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार मंगल सारेन पीछे चल रहे थे।
मतगणना प्रक्रिया और नई व्यवस्था
राज्य में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में हुए विधानसभा चुनाव की वोटों की गिनती सोमवार सुबह 8 बजे IST से शुरू हुई। पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की गई, इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के वोटों की गिनती आरंभ हुई। इस बार चुनाव आयोग ने मतगणना प्रक्रिया में बदलाव किया — सुबह 8 बजे से 8:30 बजे तक केवल पोस्टल बैलेट गिने गए, और उसके बाद दोनों की गिनती एक साथ शुरू कर दी गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के एक अधिकारी के अनुसार, इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पोस्टल बैलेट की गिनती समय पर पूरी हो सके। यदि किसी काउंटिंग रूम में पोस्टल बैलेट की गिनती अंतिम दो राउंड से पहले पूरी नहीं होती, तो EVM वोटों की गिनती कुछ समय के लिए रोककर पहले पोस्टल बैलेट पूरे किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि इस नई प्रक्रिया से दोपहर तक नतीजों का स्पष्ट रुझान सामने आ जाएगा।
फाल्टा सीट पर अलग व्यवस्था
इस बार एक विशेष स्थिति यह है कि राज्य की 294 में से केवल 293 सीटों पर ही मतगणना हो रही है। दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट पर चुनाव आयोग ने 21 मई को दोबारा मतदान (री-पोल) कराने का फैसला किया है, और इस सीट के नतीजे 24 मई को घोषित किए जाएंगे।
राजनीतिक परिदृश्य और मुख्य मुकाबला
पश्चिम बंगाल में इस बार मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच माना जा रहा है। 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 216 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा को 77 सीटें और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (AISF) को 1 सीट मिली थी। उस चुनाव में कांग्रेस और वाम मोर्चा दोनों एक भी सीट जीतने में नाकाम रहे थे।
इस बार कांग्रेस और वाम मोर्चा अलग-अलग चुनावी मैदान में उतरे हैं, जबकि वाम मोर्चा ने AISF के साथ सीट-शेयरिंग की है। दोनों दलों का मुख्य लक्ष्य विधानसभा में अपनी उपस्थिति फिर से दर्ज कराना है।
मतदान और एग्जिट पोल
राज्य में इस बार दो चरणों में करीब 93 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। अधिकांश एग्जिट पोल्स ने 15 साल से सत्ता में काबिज तृणमूल कांग्रेस सरकार के अंत और भाजपा के सत्ता में आने की संभावना जताई है, हालांकि अंतिम तस्वीर नतीजों के साथ ही स्पष्ट होगी। यह ऐसे समय में आया है जब बंगाल की राजनीति में एक दशक से अधिक समय बाद बड़े बदलाव की अटकलें तेज हैं।