उपचुनाव 2026: 5 विधानसभा और नागांव लोकसभा सीट पर मतदान जारी, पश्चिम बंगाल में विवाद
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2026 — पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और असम में कुल 5 विधानसभा और 1 लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मंगलवार को सुबह 7 बजे से मतदान आरंभ हो गया। चुनाव आयोग (ECI) ने सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम (EVM) और वीवीपीएटी (VVPAT) के उपयोग की पुष्टि की है। पश्चिम बंगाल में मतदान के दौरान विपक्षी नेताओं ने पुलिस पर धांधली के आरोप लगाए, जिससे चुनावी माहौल गरमा गया है।
किन सीटों पर हो रहा है मतदान
पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी, जबकि रेजीनगर सीट आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई।
तमिलनाडु में मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर मतदान जारी है। धारापुरम में 320 मतदान केंद्रों पर 2.23 लाख योग्य मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं और इस सीट पर 22 उम्मीदवार मैदान में हैं। 3,500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
पुडुचेरी की थट्टनचावडी विधानसभा सीट और असम की नागांव लोकसभा सीट पर भी मतदान हो रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार, नागांव संसदीय सीट सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी।
पश्चिम बंगाल में विवाद और आरोप-प्रत्यारोप
AJUP अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने सोमपारा-1 ग्राम पंचायत कार्यालय में मतदान करने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, 'यह वोटिंग नहीं है। पुलिस गड़बड़ी कर रही है। पुलिस आम वोटरों को खुलेआम परेशान कर रही है।' उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों से 64 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से सभी मुस्लिम हैं। कबीर ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को सर्वोच्च संवैधानिक पद से हटाने की माँग भी की।
गौरतलब है कि रविवार को मुख्यमंत्री अधिकारी ने नंदीग्राम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार हसिरानी रथ के समर्थन में पैदल मार्च निकाला था। हसिरानी रथ, चंद्रनाथ रथ की माँ हैं, जो अधिकारी के पूर्व सहयोगी थे और विधानसभा चुनाव में जीत के कुछ समय बाद उनकी हत्या कर दी गई थी।
चुनाव आयोग की तैयारियाँ
चुनाव आयोग ने पहले ही स्पष्ट किया था कि उपचुनाव में सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपीएटी का उपयोग किया जाएगा। आयोग के बयान के अनुसार, पर्याप्त संख्या में मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं और मतदान सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब देश में विपक्षी दलों की ओर से ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर समय-समय पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। आयोग का वीवीपीएटी पर ज़ोर उसी पारदर्शिता की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
आम जनता पर असर और राजनीतिक महत्त्व
ये उपचुनाव महज़ सीटों की भरपाई नहीं हैं — इनके परिणाम संबंधित राज्यों में सत्ताधारी दलों की ज़मीनी पकड़ का संकेतक माने जाएँगे। पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम की सियासी अहमियत पहले से ही बेहद संवेदनशील रही है, क्योंकि यह वही सीट है जहाँ से अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था। ऐसे में यहाँ का नतीजा BJP और तृणमूल कांग्रेस (TMC) दोनों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है।
मतगणना की तिथि की आधिकारिक घोषणा चुनाव आयोग द्वारा की जाएगी। इन नतीजों से यह भी स्पष्ट होगा कि किस दल का जनाधार इन क्षेत्रों में मजबूत हुआ है।