पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: फाल्टा सीट को छोड़ शेष प्रक्रिया पूर्ण, ECI ने विशेष पर्यवेक्षक सुभ्रत गुप्ता और एन.के. मिश्रा को कार्यमुक्त किया

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पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: फाल्टा सीट को छोड़ शेष प्रक्रिया पूर्ण, ECI ने विशेष पर्यवेक्षक सुभ्रत गुप्ता और एन.के. मिश्रा को कार्यमुक्त किया

सारांश

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 की प्रक्रिया लगभग समाप्त हो चुकी है — फाल्टा सीट एकमात्र अपवाद है जहाँ 21 मई को पुनर्मतदान होगा। ECI ने विशेष पर्यवेक्षकों को कार्यमुक्त किया और आचार संहिता हटाई, लेकिन न्यायमूर्ति शिवज्ञानम के अचानक इस्तीफे ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य बातें

चुनाव आयोग (ECI) ने 7 मई 2026 को विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुभ्रत गुप्ता और विशेष पुलिस पर्यवेक्षक एन.के.
मिश्रा को कार्यमुक्त किया।
पश्चिम बंगाल की 294 में से 293 सीटों की मतगणना 4 मई को हो चुकी है; फाल्टा सीट शेष है।
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को पुनर्मतदान और 24 मई को मतगणना निर्धारित।
फाल्टा को छोड़कर पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता हटाई गई।
कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टी.एस.
शिवज्ञानम ने अपीलीय न्यायाधिकरण के प्रमुख पद से निजी कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दिया।

चुनाव आयोग (ECI) ने 7 मई 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की समाप्ति के बाद विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुभ्रत गुप्ता और विशेष पुलिस पर्यवेक्षक एन.के. मिश्रा को उनके दायित्वों से औपचारिक रूप से कार्यमुक्त कर दिया। दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट को छोड़कर राज्य की शेष 293 सीटों पर चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के एक सूत्र ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों अधिकारियों को आयोग की ओर से कार्यमुक्ति पत्र जारी कर दिए गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में राज्य की कुल 294 सीटों में से 293 सीटों की मतगणना 4 मई को संपन्न हुई। फाल्टा सीट पर मतगणना स्थगित रही, क्योंकि चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर चुनावी अनियमितताओं की शिकायतें मिलने के बाद वहाँ पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया था। अब फाल्टा में 21 मई को पुनर्मतदान और 24 मई को मतगणना निर्धारित है।

चुनाव आयोग ने गुरुवार को फाल्टा को छोड़कर पूरे पश्चिम बंगाल में आदर्श आचार संहिता भी हटा ली, जिससे राज्य सरकार के नीतिगत फैसलों का रास्ता खुल गया।

तीन अधिकारियों की भूमिका

चुनाव आयोग ने इस बार अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण और रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत वाले चुनाव के पीछे तीन वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण माना है। इनमें पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुभ्रत गुप्ता और विशेष पुलिस पर्यवेक्षक एन.के. मिश्रा शामिल हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में पिछले चुनावों के दौरान हिंसा का लंबा इतिहास रहा है, इसलिए इस बार की शांतिपूर्ण प्रक्रिया को उल्लेखनीय माना जा रहा है।

न्यायमूर्ति शिवज्ञानम का इस्तीफा

इसी बीच एक अहम घटनाक्रम में कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवज्ञानम (सेवानिवृत्त) ने उस अपीलीय न्यायाधिकरण के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया, जो विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहा था। न्यायमूर्ति शिवज्ञानम सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित कलकत्ता हाई कोर्ट के तीन सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति का भी नेतृत्व कर रहे थे, जिसे अपीलीय न्यायाधिकरण की कार्यप्रणाली की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अपने इस्तीफे में उन्होंने निजी कारणों का हवाला दिया है।

आम जनता पर असर

फाल्टा क्षेत्र के मतदाताओं के लिए अनिश्चितता अभी बरकरार है — उन्हें 21 मई तक प्रतीक्षा करनी होगी और परिणाम 24 मई को आएगा। शेष राज्य में आदर्श आचार संहिता हटने से नई निर्वाचित सरकार के गठन और नीतिगत घोषणाओं की प्रक्रिया तेज़ होगी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में विकास योजनाओं को लेकर जनता की अपेक्षाएँ उच्च स्तर पर हैं।

आगे क्या होगा

फाल्टा में 21 मई को पुनर्मतदान के बाद 24 मई को परिणाम आने के साथ ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की पूरी प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। इसके बाद नई विधानसभा का गठन और सरकार का शपथ ग्रहण अगला महत्वपूर्ण पड़ाव होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि यदि एक सीट पर इतनी बड़ी अनियमितताएँ सामने आईं, तो क्या अन्य सीटों की जाँच पर्याप्त थी। न्यायमूर्ति शिवज्ञानम का 'निजी कारणों' से इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब SIR प्रक्रिया को लेकर पहले से विवाद था — यह संयोग प्रश्नचिह्न लगाता है। पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा का दशकों पुराना इतिहास देखते हुए इस बार की शांतिपूर्ण प्रक्रिया सकारात्मक है, परंतु संस्थागत जवाबदेही के लिए पारदर्शी मूल्यांकन ज़रूरी है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फाल्टा सीट पर पुनर्मतदान क्यों कराया जा रहा है?
चुनाव आयोग को 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के दौरान फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चुनावी अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में पुनर्मतदान का निर्णय लिया गया। यहाँ 21 मई को मतदान और 24 मई को मतगणना होगी।
पश्चिम बंगाल में आदर्श आचार संहिता कब हटाई गई?
चुनाव आयोग ने 7 मई 2026 को फाल्टा विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर पूरे पश्चिम बंगाल से आदर्श आचार संहिता हटा ली। फाल्टा में 21 मई के पुनर्मतदान तक आचार संहिता लागू रहेगी।
विशेष पर्यवेक्षक सुभ्रत गुप्ता और एन.के. मिश्रा को कार्यमुक्त क्यों किया गया?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की प्रक्रिया (फाल्टा को छोड़कर) पूरी होने के बाद चुनाव आयोग ने इन दोनों विशेष अधिकारियों की नियुक्ति का उद्देश्य पूरा हो जाने पर उन्हें कार्यमुक्ति पत्र जारी किए। ये अधिकारी चुनाव की निगरानी और समन्वय के लिए विशेष रूप से नियुक्त किए गए थे।
न्यायमूर्ति टी.एस. शिवज्ञानम ने किस पद से इस्तीफा दिया?
कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवज्ञानम (सेवानिवृत्त) ने उस अपीलीय न्यायाधिकरण के प्रमुख पद से इस्तीफा दिया, जो SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामलों की सुनवाई कर रहा था। उन्होंने इस्तीफे में निजी कारणों का हवाला दिया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की अंतिम मतगणना कब होगी?
राज्य की 293 सीटों की मतगणना 4 मई को हो चुकी है। शेष फाल्टा सीट की मतगणना 24 मई 2026 को होगी, जिसके बाद पूरे चुनाव के परिणाम औपचारिक रूप से पूर्ण माने जाएँगे।
राष्ट्र प्रेस
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