मोदी सरकार के 12 साल पूरे: 'राष्ट्र प्रथम से राष्ट्र निर्माण तक' थीम पर BJP का राष्ट्रव्यापी अभियान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 9 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक व्यापक राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की, जिसमें सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, नीतिगत सुधारों और कल्याणकारी पहलों को रेखांकित किया गया है। यह अभियान '12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के' थीम के अंतर्गत चलाया जा रहा है, जो समावेशी विकास और नागरिक सशक्तीकरण पर सरकार के जोर को प्रतिबिंबित करता है।
अभियान की रूपरेखा और पाँच विशेष पुस्तिकाएँ
इस अभियान के तहत केंद्र सरकार ने हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू और कई अन्य भारतीय भाषाओं में पाँच विशेष पुस्तिकाएँ जारी की हैं। इनका उद्देश्य सरकार के बारह वर्षीय सफर का व्यापक और सुलभ विवरण आम नागरिकों तक पहुँचाना है। ये पुस्तिकाएँ बुनियादी ढाँचे के विस्तार, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों और राष्ट्र निर्माण की दिशा में उठाए गए कदमों पर केंद्रित हैं। विश्लेषकों के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार के प्रयासों ने भारत के विकास पथ को निर्णायक रूप से आकार दिया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक उपलब्धियाँ
'राष्ट्र प्रथम' शीर्षक वाली पुस्तिका राष्ट्रीय हित पर केंद्रित ऐतिहासिक निर्णयों और सुरक्षा पहलों को उजागर करती है। इसमें सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर सहित महत्वपूर्ण सैन्य उपलब्धियों का विशेष उल्लेख किया गया है। यह पुस्तिका भारत की रणनीतिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने और वैश्विक मंच पर देश की स्थिति को मज़बूत बनाने के लिए उठाए गए कदमों को भी रेखांकित करती है।
आर्थिक सुधार, अवसंरचना और डिजिटल परिवर्तन
'राष्ट्र निर्माण ही मिशन है' नामक पुस्तिका में आधुनिक, आत्मविश्वासी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारत के दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया गया है। इसमें नई अर्थव्यवस्था, विश्व स्तरीय अवसंरचना, तकनीकी परिवर्तन, व्यापार में सुगमता, जीवन में सुगमता और पूर्वोत्तर भारत के विकास जैसे प्रमुख लक्ष्यों को विस्तार से दर्शाया गया है। 'राष्ट्र निर्माण' पुस्तिका में सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे, बंदरगाह, ऊर्जा, आवास और डिजिटल कनेक्टिविटी क्षेत्रों में पिछले बारह वर्षों में की गई प्रमुख परियोजनाओं का विस्तृत विवरण दिया गया है। इसमें यह भी बताया गया है कि अवसंरचना विकास को आर्थिक विकास, रोज़गार सृजन और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार का केंद्रीय माध्यम माना गया है।
महिला सशक्तीकरण और सांस्कृतिक विरासत
'सशक्तीकरण से समृद्धि तक' पुस्तिका महिला-केंद्रित नीतियों और कार्यक्रमों पर केंद्रित है। इसमें शिक्षा, उद्यमिता, शासन और कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की पहलों के साथ-साथ महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और नेतृत्व के अवसरों को प्रोत्साहन देने के प्रयासों का उल्लेख किया गया है। 'विरासत भी, विकास भी' नामक पुस्तिका भारत की सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत के संरक्षण के साथ-साथ आधुनिकीकरण को संतुलित करने के सरकार के दृष्टिकोण को सामने रखती है। इसमें ऐतिहासिक स्थलों, सांस्कृतिक परंपराओं और आध्यात्मिक केंद्रों के जीर्णोद्धार एवं संरक्षण की पहलों को प्रदर्शित किया गया है।
समावेशी विकास और आगे की राह
इस अभियान का एक प्रमुख विषय सार्वजनिक सेवा और समावेशी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता है। प्रचार सामग्री में 'स्वस्थ भारत, मजबूत भारत' की परिकल्पना के अंतर्गत गरीबी उन्मूलन, किसानों के कल्याण, मध्यम वर्ग के समर्थन और स्वास्थ्य सेवा विस्तार पर केंद्रित पहलों को रेखांकित किया गया है। यह अभियान न केवल बीते बारह वर्षों का लेखा-जोखा है, बल्कि आने वाले समय में सरकार की प्राथमिकताओं का संकेत भी देता है।