जोया अहमद हुसैन की पहली किताब 'वाह री जिंदगी' का विमोचन, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में जुटीं साहित्य-मीडिया जगत की हस्तियाँ
सारांश
मुख्य बातें
वरिष्ठ पत्रकार जोया अहमद हुसैन की पहली पुस्तक 'वाह री जिंदगी' का विमोचन 16 जून 2026 को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में हुआ। यह पुस्तक सात कहानियों का एक भावनात्मक संग्रह है, जो वास्तविक जीवन के अनुभवों से प्रेरित है। कार्यक्रम में मीडिया, साहित्य, कला और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी अनेक प्रतिष्ठित हस्तियाँ उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का आगाज़
विमोचन समारोह की शुरुआत एक विशेष ऑडियो-विजुअल संगीत प्रस्तुति से हुई, जिसमें प्रसिद्ध पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य के स्वर में एक गीत प्रस्तुत किया गया। इस गीत के बोल पुस्तक के शीर्षक 'वाह री जिंदगी' की थीम पर रचे गए थे, जिसने माहौल को भावनात्मक रूप से समृद्ध बना दिया।
कार्यक्रम का संचालन आज तक के एग्जीक्यूटिव एडिटर और वरिष्ठ एंकर सईद अंसारी ने किया। बीएजी फिल्म्स एंड मीडिया लिमिटेड की चेयरपर्सन अनुराधा प्रसाद ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया।
मंच पर उपस्थित गणमान्य अतिथि
इस अवसर पर कुंवर शेखर विजेंद्र, वरिष्ठ पत्रकार-लेखक और पूर्व राज्यसभा सांसद शाहिद सिद्दीकी, व्यंग्यकार प्रेम जनमेजय, वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखिका जयन्ती रंगनाथन, जेएनयू के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज की प्रोफेसर अंशु जोशी और वरिष्ठ पत्रकार कादंबिनी शर्मा मंच पर उपस्थित रहीं।
इसके अतिरिक्त टीवी टुडे के वाइस प्रेसिडेंट रेहान किदवई, थिएटर कलाकार सलीम आरिफ, फिल्म अभिनेता नासिर अब्दुल्ला, वीडियो सेक्शन एडिटर शाजी जमान और वरिष्ठ पत्रकार रमेश मेनन, अमिताभ श्रीवास्तव, शिशिर सिन्हा, प्रबल प्रताप सिंह, अनुज खरे, विभास अवस्थी, बिचित्रमणि रथ, पीयूष पांडे, परवेज सागर, रफे सुल्तान, रविंदर बावा, सुमन कंसरा, कृपाल सिंह और क्षेत्रीय पीएफ कमिश्नर आलोक यादव सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए।
वक्ताओं की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने पुस्तक की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे जीवन के अनुभवों, भावनाओं, रिश्तों और संघर्षों का संवेदनशील चित्रण बताया। लेखिका की सहज और प्रवाहमयी लेखन शैली की विशेष सराहना की गई। यह ऐसे समय में आया है जब हिंदी साहित्य में पत्रकार-लेखकों की रचनाओं को पाठकों का बढ़ता हुआ समर्थन मिल रहा है।
लेखिका की बात
जोया अहमद हुसैन ने बताया कि 'वाह री जिंदगी' में सात कहानियाँ हैं, जो जीवन के विभिन्न पहलुओं को उजागर करती हैं। उन्होंने कहा, 'ये कहानियाँ काल्पनिक हैं, लेकिन वास्तविक जीवन के अनुभवों पर आधारित हैं।' गौरतलब है कि एक वरिष्ठ पत्रकार के रूप में दशकों के अनुभव के बाद यह उनकी पहली साहित्यिक कृति है, जो उनकी रचनात्मक यात्रा का नया अध्याय है।