26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आदिल हुसैन: 'अभिनय मुझे स्वयं की रूढ़ियों से मुक्त करता है' — 'मैक्स, मिन और म्याऊजाकी' प्रमोशन में खुलासा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आदिल हुसैन: 'अभिनय मुझे स्वयं की रूढ़ियों से मुक्त करता है' — 'मैक्स, मिन और म्याऊजाकी' प्रमोशन में खुलासा

सारांश

आदिल हुसैन के लिए अभिनय महज़ पेशा नहीं — यह आत्म-मुक्ति का रास्ता है। 'मैक्स, मिन और म्याऊजाकी' के प्रमोशन में उन्होंने बताया कि कैसे कला उन्हें पीढ़ियों की रूढ़ियों से आज़ाद करती है और क्यों पछतावे की उनके जीवन में कोई जगह नहीं।

मुख्य बातें

आदिल हुसैन ने मुंबई में 'मैक्स, मिन और म्याऊजाकी' के प्रमोशन के दौरान अपना अभिनय-दर्शन साझा किया।
उनके अनुसार अभिनय उन्हें पीढ़ियों से चली आ रही व्यक्तिगत रूढ़ियों से मुक्त करता है।
उन्होंने अभिनय को 'पेशा' नहीं, बल्कि 'आत्म-अभिव्यक्ति' कहना पसंद किया।
एक शिक्षक की सीख के बाद उन्होंने अपराधबोध और पछतावे को जीवन से बाहर कर दिया।
फिल्म पद्मकुमार नरसिम्हमूर्ति द्वारा निर्देशित है और एसएसओ प्रोडक्शंस के बैनर तले निर्मित है।

अभिनेता आदिल हुसैन ने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'मैक्स, मिन और म्याऊजाकी' के प्रमोशन के दौरान मुंबई में अपनी अभिनय-दर्शन को लेकर गहरी बात की। उन्होंने बताया कि वे अभिनय को केवल पेशे के रूप में नहीं, बल्कि 'आत्म-अभिव्यक्ति' के माध्यम के रूप में देखते हैं — एक ऐसा माध्यम जो उन्हें पीढ़ियों से चली आ रही व्यक्तिगत रूढ़ियों से मुक्त करता है।

अभिनय को लेकर आदिल हुसैन का नज़रिया

आदिल हुसैन ने कहा, 'जीवन जीने के बुनियादी सिद्धांतों को लेकर मैं बहुत सख्त रहा हूं, और इसलिए मुझे बहुत मेहनत करनी पड़ी, बल्कि अभी भी करनी पड़ रही है। और मैं भाग्यशाली हूं क्योंकि मेरा पेशा, या जैसा कि मैं इसे कहना पसंद करता हूं, 'आत्म-अभिव्यक्ति', कला के माध्यम से है, और विशेष रूप से अभिनय की कला के माध्यम से।'

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका यह विचार सार्वभौमिक नहीं है। उनके अनुसार, 'जिस तरह के अभिनय में मैं विश्वास रखता हूं, जरूरी नहीं कि अन्य अभिनेताओं का भी यही मानना हो, लेकिन जिस तरह के अभिनय में मैं विश्वास रखता हूं, वह मुझे स्वयं से, मेरी उन व्यक्तिगत रूढ़ियों से मुक्त करता है जिन्हें मैं पीढ़ियों से ढो रहा हूं।'

बड़े और छोटे दिल का रूपक

अभिनय की गहराई को समझाते हुए आदिल ने एक रोचक रूपक का सहारा लिया। उनके अनुसार, एक सच्चे अभिनेता को 'बड़े दिल वाले व्यक्ति' की ओर चलते हुए 'छोटे दिल वाले व्यक्ति' का किरदार निभाने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'एक छोटा दिल वाला व्यक्ति बड़े दिल वाले व्यक्ति को गले नहीं लगा सकता। आप देखिए, इसका विपरीत संभव है।' यह विचार उनकी उस अभिनय-पद्धति को दर्शाता है जिसमें कलाकार अपनी सीमाओं से परे जाकर किरदार में समाता है।

अपराधबोध और पछतावे से परे

आदिल हुसैन ने यह भी बताया कि वे अपराधबोध और पश्चाताप जैसी भावनाओं से विचलित नहीं होते। उन्होंने अपने एक शिक्षक का किस्सा साझा करते हुए कहा, 'मैं अभिनय कर रहा था और कुछ गलत हो गया, तो मैंने कहा, 'हे भगवान, मुझे बहुत खेद है।' तब उन्होंने कहा, 'आदिल, क्षमा मत मांगो। तुम्हें पता है कि तुमने गलती की है। पीछे मुड़कर मत देखो और अपराधबोध में मत डूबे रहो। बस आगे देखो और उसे सुधारो।''

इस अनुभव ने उनके जीवन-दर्शन को आकार दिया। उन्होंने कहा, 'इसलिए मुझे नहीं लगता कि मेरे जीवन में पछतावे और अपराधबोध का कोई स्थान है।' यह दृष्टिकोण उनकी उस मानसिक दृढ़ता को रेखांकित करता है जो उन्हें जटिल किरदारों में उतरने की शक्ति देती है।

फिल्म 'मैक्स, मिन और म्याऊजाकी' के बारे में

अभिनेत्री-निर्माता समीक्षा ओसवाल द्वारा प्रस्तुत यह फिल्म पद्मकुमार नरसिम्हमूर्ति द्वारा लिखित और निर्देशित है। इसे एसएसओ प्रोडक्शंस के बैनर तले शैल ओसवाल और समीक्षा ओसवाल ने निर्मित किया है। फिल्म वर्तमान में सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है।

आदिल हुसैन का यह खुलासा उन दर्शकों और अभिनय-छात्रों के लिए प्रेरणादायक है जो कला और व्यक्तित्व के बीच के संबंध को समझना चाहते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो भारतीय मुख्यधारा सिनेमा में दुर्लभ है। हालांकि, यह सवाल उठता है कि क्या ऐसी गहरी कला-दृष्टि को व्यावसायिक हिंदी सिनेमा का बाज़ार पर्याप्त जगह देता है। 'मैक्स, मिन और म्याऊजाकी' जैसी छोटी, कला-केंद्रित फिल्मों की बॉक्स-ऑफिस सफलता ही बताएगी कि दर्शक इस दर्शन को कितना अपनाते हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आदिल हुसैन का अभिनय-दर्शन क्या है?
आदिल हुसैन मानते हैं कि अभिनय उन्हें पीढ़ियों से चली आ रही व्यक्तिगत रूढ़ियों से मुक्त करता है। वे इसे केवल पेशा नहीं, बल्कि 'आत्म-अभिव्यक्ति' का माध्यम मानते हैं।
'मैक्स, मिन और म्याऊजाकी' फिल्म किसने बनाई है?
यह फिल्म पद्मकुमार नरसिम्हमूर्ति द्वारा लिखित और निर्देशित है। इसे एसएसओ प्रोडक्शंस के बैनर तले शैल ओसवाल और समीक्षा ओसवाल ने निर्मित किया है और समीक्षा ओसवाल ने इसे प्रस्तुत किया है।
आदिल हुसैन अपराधबोध और पछतावे को कैसे देखते हैं?
आदिल हुसैन का कहना है कि उनके जीवन में पछतावे और अपराधबोध का कोई स्थान नहीं है। यह सीख उन्हें उनके एक अभिनय-शिक्षक ने दी थी, जिन्होंने कहा था — गलती स्वीकार करो, पर पीछे मुड़कर मत देखो, बस आगे बढ़ो और सुधारो।
आदिल हुसैन ने 'बड़े दिल' और 'छोटे दिल' का रूपक क्यों इस्तेमाल किया?
उन्होंने यह समझाने के लिए यह रूपक दिया कि एक अभिनेता को विपरीत स्वभाव के किरदार निभाने में सक्षम होना चाहिए। उनके अनुसार, बड़े दिल वाला व्यक्ति छोटे दिल वाले किरदार को भी आत्मसात कर सकता है, लेकिन इसका उलटा संभव नहीं।
'मैक्स, मिन और म्याऊजाकी' अभी कहाँ देखी जा सकती है?
यह फिल्म वर्तमान में सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है। इसमें आदिल हुसैन मुख्य भूमिका में हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 15 घंटे पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 3 दिन पहले
  5. 4 दिन पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले