आदिल हुसैन की 'मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी': 'अनुशासन में यकीन रखता है मेरा किरदार, पर बदलाव भी आता है'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता आदिल हुसैन अपनी आगामी फिल्म 'मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी' में एक ऐसे सख्त पिता की भूमिका निभा रहे हैं जो अनुशासन को जीवन का सर्वोच्च नियम मानता है — लेकिन फिल्म की कहानी के साथ उसके भीतर गहरा भावनात्मक बदलाव आता है। यह फिल्म 24 जुलाई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
किरदार की बुनावट
आदिल हुसैन ने अपने किरदार के बारे में बताया, 'जब मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी और निर्देशक के साथ इस भूमिका पर काम किया, तब मुझे समझ आया कि मेरा किरदार पूरी तरह अनुशासन में विश्वास रखने वाला इंसान है। उसका मानना है कि हर व्यक्ति को एक तय नियम और जिम्मेदारी के साथ जिंदगी जीनी चाहिए। वह अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करता और उसी सोच के साथ परिवार को भी देखता है।'
पीढ़ियों का टकराव
फिल्म की कहानी का केंद्रीय संघर्ष दो पीढ़ियों की सोच के बीच के अंतर पर टिका है। आदिल ने कहा, 'मेरा किरदार उस दौर का प्रतिनिधित्व करता है जहाँ लोगों की प्राथमिकता अच्छी नौकरी करना, समाज के लिए काम करना, माता-पिता की सेवा करना और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियाँ निभाना हुआ करती थी। वहीं नई पीढ़ी की सोच इससे काफी अलग है। इसी सोच के टकराव से फिल्म की कहानी आगे बढ़ती है और कई भावनात्मक पल सामने आते हैं।'
किरदार की कमज़ोरी और परिवर्तन
अभिनेता ने स्वीकार किया कि उनके किरदार की सबसे बड़ी सीमा यह है कि वह दूसरे के नज़रिए से चीजें देखने की कोशिश नहीं करता। उन्होंने कहा, 'वह भावनात्मक रूप से काफी सख्त है और अपनी बात को ही सही मानता है। हालाँकि फिल्म की कहानी के दौरान उसमें धीरे-धीरे बदलाव आता है। शुरुआत में वह भावनात्मक रूप से परेशान और कठोर दिखाई देता है, लेकिन समय के साथ वह अपने बेटे और आसपास के लोगों की बात समझने लगता है।'
फिल्म का संदेश
आदिल हुसैन के अनुसार यही परिवर्तन किरदार को खास बनाता है। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ एक पिता की कहानी नहीं है, बल्कि दो पीढ़ियों की सोच के बीच के अंतर को दिखाने वाली कहानी भी है। फिल्म यह संदेश देने की कोशिश करती है कि जीवन में अनुशासन जरूरी है, लेकिन दूसरों की बात सुनना और उनके नज़रिए को समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।' 'मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी' 24 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी।