24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आदिल हुसैन का बड़ा बयान: 'एआई एक राक्षस है जो इंसानों ने खुद बनाया', डेटा शोषण पर जताई चिंता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आदिल हुसैन का बड़ा बयान: 'एआई एक राक्षस है जो इंसानों ने खुद बनाया', डेटा शोषण पर जताई चिंता

सारांश

अभिनेता आदिल हुसैन ने एआई को 'इंसानों का बनाया राक्षस' कहा — बिना अनुमति डेटा इस्तेमाल और मुट्ठीभर अमीरों को फायदा, यही इसकी असली समस्या है। साथ ही उन्होंने कहा कि एआई में असली बुद्धिमत्ता या रचनात्मकता नहीं, यह सिर्फ पुरानी जानकारी को प्रोसेस करने वाला सिस्टम है।

मुख्य बातें

अभिनेता आदिल हुसैन ने 24 जुलाई 2026 को एआई को 'इंसानों का बनाया हुआ राक्षस' करार दिया।
उनके अनुसार एआई ने लोगों का डेटा बिना अनुमति इस्तेमाल किया और इसका लाभ केवल मुट्ठीभर अमीर और ताकतवर लोगों को मिला।
आदिल का मानना है कि एआई में असली बुद्धिमत्ता या मौलिक रचनात्मकता नहीं — यह पूर्व-निर्मित डेटा को प्रोसेस करने वाला सिस्टम मात्र है।
उन्होंने एल्गोरिदम और बाज़ार की ताकतों द्वारा मौलिक सोच को प्रभावित किए जाने पर चिंता जताई।
आदिल हुसैन फिलहाल फिल्म 'मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी' में नज़र आ रहे हैं, जो 24 जुलाई से सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है।

अभिनेता आदिल हुसैन ने 24 जुलाई 2026 को एक विशेष बातचीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को 'इंसानों का बनाया हुआ राक्षस' करार दिया और कहा कि इस तकनीक ने लाखों लोगों के डेटा का बिना अनुमति शोषण किया है, जबकि इसका लाभ केवल मुट्ठीभर अमीर और ताकतवर लोगों तक सीमित रहा है। इंटरनेट और एआई के दोहरे चरित्र पर आदिल की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब दुनियाभर में एआई के नैतिक उपयोग को लेकर बहस तेज़ हो रही है।

इंटरनेट: उपकरण भी, कबाड़खाना भी

आदिल हुसैन ने कहा कि इंटरनेट ने निस्संदेह दुनिया की जानकारियों को हमारी उंगलियों पर ला दिया है, लेकिन इसके साथ ही अत्यधिक और अप्रामाणिक सूचनाओं का एक विशाल कबाड़खाना भी खड़ा हो गया है। उनके अनुसार, 'असली ज्ञान केवल डेटा या जानकारी जुटाना नहीं, बल्कि अपने विचारों में तालमेल और मौलिकता लाना है।'

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आज एल्गोरिदम और बाज़ार की ताकतें हमारी पसंद और सोच को नियंत्रित कर रही हैं। ऐसे माहौल में मौलिक विचारशीलता बनाए रखना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

एआई पर आदिल हुसैन का तीखा नज़रिया

अभिनेता ने कहा, 'इंटरनेट एक बहुत बड़ी ताकत है, लेकिन उसके अच्छे और बुरे दोनों पहलू हैं। हमें बुरे पक्ष में भी अच्छी चीज़ें ढूंढनी होंगी।' एआई की सबसे बड़ी समस्या की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि इस तकनीक ने लोगों का डेटा उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया, जिससे बड़े पैमाने पर शोषण हुआ। उनके शब्दों में, 'एआई एक ऐसा राक्षस है जिसे इंसानों ने खुद बनाया है।'

यह ऐसे समय में आया है जब यूरोपीय संघ का एआई अधिनियम और भारत में डिजिटल डेटा संरक्षण कानून जैसे नियामक ढाँचे एआई कंपनियों पर लगाम लगाने की कोशिश कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि बड़ी तकनीकी कंपनियाँ अभी भी इन नियमों से आगे हैं।

एआई में 'असली बुद्धिमत्ता' नहीं: आदिल

आदिल हुसैन ने एआई की सीमाओं पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा, 'मेरे हिसाब से एआई की असली बुद्धिमत्ता नहीं है। यह सिर्फ इंसानों द्वारा पहले से बनाई गई जानकारी को इकट्ठा करके उसे प्रोसेस करने वाला एक सिस्टम है।' उनका मानना है कि एआई में स्वयं से नया या मौलिक बनाने की क्षमता नहीं है।

उन्होंने स्वीकार किया कि एआई सामान्य स्तर के कार्यों को आसान बना सकता है, लेकिन इसमें असली रचनात्मकता, कला या मौलिक सोच का अभाव है। इसीलिए उन्होंने दर्शकों से आग्रह किया कि एआई से मिलने वाली जानकारी को सोच-समझकर और परखकर ही इस्तेमाल करें।

फिल्म 'मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी' में नई भूमिका

पेशेवर मोर्चे पर आदिल हुसैन इस समय निर्देशक पद्मकुमार नरसिम्हामूर्ति की फिल्म 'मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी' में एक सख्त और अनुशासन-प्रिय पिता की भूमिका में नज़र आ रहे हैं। यह फिल्म 24 जुलाई से देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है।

गौरतलब है कि आदिल हुसैन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं और उनकी तकनीक व समाज पर राय हमेशा विमर्श को नई दिशा देती है। एआई और डिजिटल नैतिकता पर उनका यह बयान आने वाले समय में और अधिक प्रासंगिक होता जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह बहस सिर्फ मंचों और साक्षात्कारों तक सीमित रहेगी।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आदिल हुसैन ने एआई को 'राक्षस' क्यों कहा?
आदिल हुसैन ने एआई को 'राक्षस' इसलिए कहा क्योंकि उनके अनुसार इस तकनीक ने लोगों का डेटा उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया और इसका फायदा केवल दुनिया के कुछ बड़े और अमीर लोगों को मिला, जबकि आम लोगों का शोषण हुआ।
आदिल हुसैन के अनुसार एआई की सबसे बड़ी कमी क्या है?
उनके अनुसार एआई में असली बुद्धिमत्ता नहीं है — यह केवल इंसानों द्वारा पहले से बनाई गई जानकारी को इकट्ठा करके प्रोसेस करता है। इसमें स्वयं से नया या मौलिक बनाने की, या असली रचनात्मकता और कला की क्षमता नहीं है।
आदिल हुसैन इस समय किस फिल्म में नज़र आ रहे हैं?
आदिल हुसैन निर्देशक पद्मकुमार नरसिम्हामूर्ति की फिल्म 'मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी' में एक सख्त और अनुशासन-प्रिय पिता की भूमिका में हैं। यह फिल्म 24 जुलाई 2026 से सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है।
इंटरनेट और एआई के बारे में आदिल हुसैन का क्या कहना है?
आदिल हुसैन मानते हैं कि इंटरनेट एक उपयोगी टूल है, लेकिन इसने अप्रामाणिक सूचनाओं का कबाड़खाना भी पैदा किया है। उनके अनुसार असली ज्ञान डेटा जुटाना नहीं, बल्कि विचारों में मौलिकता लाना है, और एल्गोरिदम द्वारा सोच को नियंत्रित किए जाने से बचना आज की सबसे बड़ी चुनौती है।
एआई से मिलने वाली जानकारी का उपयोग कैसे करना चाहिए?
आदिल हुसैन के अनुसार एआई से मिलने वाली जानकारी को सोच-समझकर और परखकर इस्तेमाल करना चाहिए। उनका मानना है कि एआई सामान्य कार्यों को आसान बना सकता है, लेकिन इसकी सीमाओं को समझना और मौलिक सोच बनाए रखना ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले