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स्टेज-4 कैंसर से जूझते हुए नफीसा अली ने 11,000 फीट पर की ट्रैकिंग, निर्देशक पद्मकुमार बोले — 'इंसानियत की मिसाल'

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स्टेज-4 कैंसर से जूझते हुए नफीसा अली ने 11,000 फीट पर की ट्रैकिंग, निर्देशक पद्मकुमार बोले — 'इंसानियत की मिसाल'

सारांश

स्टेज-4 ओवेरियन कैंसर से जूझते हुए भी नफीसा अली ने 11,000 फीट की ऊंचाई पर ट्रैकिंग की और फिल्म की शूटिंग पूरी की — यह सिर्फ एक अभिनेत्री की कहानी नहीं, बल्कि 8 साल की अदम्य जिजीविषा की मिसाल है जिसने पूरी फिल्म टीम को झकझोर दिया।

मुख्य बातें

नफीसा अली इस समय स्टेज-4 पेरिटोनियल और ओवेरियन कैंसर से जूझ रही हैं।
बीमारी के बावजूद उन्होंने 11,000 फीट की ऊंचाई पर ट्रैकिंग की और फिल्म 'मैक्स, मिन एंड मियोजाकी' की शूटिंग पूरी की।
निर्देशक पद्मकुमार ने उन्हें सकारात्मकता, धर्मनिरपेक्षता और इंसानियत की मिसाल बताया।
नफीसा अली पिछले 8 साल से कैंसर से लड़ रही हैं; पहली बार 2018 में स्टेज-3 का पता चला था।
सेट पर उनके मजाकिया और मासूम स्वभाव ने पूरी टीम का माहौल खुशनुमा बनाए रखा।

अभिनेत्री नफीसा अली इन दिनों स्टेज-4 पेरिटोनियल और ओवेरियन कैंसर से जूझ रही हैं, फिर भी उन्होंने 11,000 फीट की ऊंचाई पर ट्रैकिंग की और निर्देशक पद्मकुमार की फिल्म 'मैक्स, मिन एंड मियोजाकी' की शूटिंग पूरी की। उनके इस अदम्य साहस और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण ने पूरी फिल्म टीम को गहराई से प्रभावित किया है।

निर्देशक पद्मकुमार की नज़र में नफीसा

निर्देशक पद्मकुमार ने नफीसा को केवल एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि इंसानियत और सकारात्मकता की जीती-जागती मिसाल बताया। उन्होंने कहा, 'नफीसा एक सकारात्मक सोच और अच्छे मूल्यों वाली इंसान हैं। वह एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और लोगों की आवाज उठाती हैं। नफीसा बेहद धर्मनिरपेक्ष सोच रखती हैं। इस फिल्म ने ऐसे लोगों को एक साथ लाया है, जिनकी सोच और मानवीय मूल्य एक जैसे हैं।'

फिल्म का संदेश और टीम की भावना

पद्मकुमार ने आगे कहा, 'यह फिल्म संयोग से हम सबको एक साथ लेकर आई, लेकिन यह समान सोच रखने वाले लोगों का मिलन भी है। हम चाहते हैं कि दुनिया प्यार, अपनापन और इंसानियत से भरी हो — और नफीसा उसी सोच का सबसे अच्छा उदाहरण हैं।' उन्होंने जोड़ा कि इस फिल्म से जुड़े हर व्यक्ति की यही इच्छा है कि इंसानियत एक परिवार की तरह मिलकर आगे बढ़े।

सेट पर बच्चों जैसी मासूमियत

शूटिंग के दिनों को याद करते हुए पद्मकुमार ने बताया कि नफीसा अली के अंदर एक बच्चे जैसी मासूमियत और शरारती स्वभाव है। उनके मुताबिक, 'नफीसा अक्सर सेट पर सबके साथ हंसी-मजाक और शरारतें करती थीं, किसी की टांग भी खींच लेती थीं। उनकी वजह से सेट का पूरा माहौल हल्का-फुल्का और खुशियों से भरा रहता था।' यह जिक्र इस बात का प्रमाण है कि गंभीर बीमारी भी उनके उत्साह को दबा नहीं सकी।

आठ साल की कैंसर से जंग

नफीसा अली पिछले 8 साल से कैंसर से लड़ रही हैं। पहली बार 2018 में उन्हें स्टेज-3 कैंसर का पता चला था। उपचार के बाद बीमारी से राहत मिली, लेकिन बाद में यह फिर से लौट आई और अब वे स्टेज-4 का सामना कर रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कैंसर से जूझ रहे लोगों के लिए मानसिक दृढ़ता को चिकित्सा समुदाय भी उतना ही महत्वपूर्ण मानता है जितना उपचार को। गौरतलब है कि नफीसा की यह यात्रा लाखों कैंसर मरीजों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

आगे क्या

फिल्म 'मैक्स, मिन एंड मियोजाकी' की शूटिंग पूरी हो चुकी है और इसके रिलीज़ की प्रतीक्षा दर्शकों को है। नफीसा अली का यह साहसी सफर न केवल सिनेमा जगत, बल्कि समाज के हर वर्ग को यह संदेश देता है कि जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण हर चुनौती को पार करने की शक्ति देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मुख्यधारा की मीडिया अक्सर 'सेलिब्रिटी कैंसर स्टोरी' के खाँचे में सीमित कर देती है। यहाँ असली सवाल यह है कि एक अभिनेत्री जो 8 साल से स्टेज-3 से स्टेज-4 तक का सफर तय कर चुकी है, वह 11,000 फीट पर ट्रैकिंग करती है — यह महज प्रेरणा नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर भी सवाल है जहाँ कैंसर मरीजों को 'घर बैठने' की सलाह दी जाती है। पद्मकुमार का यह बयान कि फिल्म 'समान सोच वालों का मिलन' है, सिनेमा में मानवीय मूल्यों की वापसी का संकेत भी है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नफीसा अली को किस तरह का कैंसर है और वे कब से बीमार हैं?
नफीसा अली स्टेज-4 पेरिटोनियल और ओवेरियन कैंसर से जूझ रही हैं। पहली बार 2018 में उन्हें स्टेज-3 कैंसर का पता चला था और उपचार के बाद बीमारी फिर लौट आई — वे पिछले 8 साल से इस बीमारी से लड़ रही हैं।
नफीसा अली ने स्टेज-4 कैंसर के बावजूद क्या किया?
नफीसा अली ने स्टेज-4 कैंसर से जूझते हुए 11,000 फीट की ऊंचाई पर ट्रैकिंग की और निर्देशक पद्मकुमार की फिल्म 'मैक्स, मिन एंड मियोजाकी' की शूटिंग पूरी की। उनके इस साहस ने पूरी फिल्म टीम को प्रभावित किया।
निर्देशक पद्मकुमार ने नफीसा अली के बारे में क्या कहा?
निर्देशक पद्मकुमार ने नफीसा अली को सकारात्मक सोच, अच्छे मानवीय मूल्यों और धर्मनिरपेक्षता की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि नफीसा एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं जो लोगों की आवाज उठाती हैं और सेट पर अपने मजाकिया स्वभाव से सबको खुश रखती थीं।
फिल्म 'मैक्स, मिन एंड मियोजाकी' किसके बारे में है?
यह निर्देशक पद्मकुमार की फिल्म है जिसमें नफीसा अली मुख्य भूमिका में हैं। निर्देशक के अनुसार यह फिल्म समान मानवीय मूल्यों और सोच रखने वाले लोगों को एक साथ लाती है और इंसानियत, प्यार तथा अपनेपन का संदेश देती है।
नफीसा अली की कहानी कैंसर मरीजों के लिए क्यों प्रेरणादायक है?
नफीसा अली 8 साल से कैंसर से लड़ रही हैं और स्टेज-4 जैसी गंभीर स्थिति में भी सक्रिय जीवन जी रही हैं। उनका 11,000 फीट पर ट्रैकिंग करना और फिल्म की शूटिंग पूरी करना यह दर्शाता है कि मानसिक दृढ़ता और सकारात्मक दृष्टिकोण कठिन परिस्थितियों में भी जीवन को आगे बढ़ाने की शक्ति देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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