प्रह्लाद जोशी का सिद्धारमैया पर पलटवार: 'पहले अपने घर को ठीक करें, फिर पीएम की आलोचना करें'

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प्रह्लाद जोशी का सिद्धारमैया पर पलटवार: 'पहले अपने घर को ठीक करें, फिर पीएम की आलोचना करें'

सारांश

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को घेरते हुए कहा कि पीएम मोदी की आलोचना करने से पहले वे अपनी सरकार की प्रशासनिक विफलताओं, बढ़ते कर्ज और सत्ता की खींचतान का जवाब दें। दूध-ईंधन सहित 48 जरूरी चीजों की कीमतें बढ़ाने पर जोशी ने कांग्रेस सरकार को जनता के साथ विश्वासघात करने वाला बताया।

मुख्य बातें

प्रह्लाद जोशी ने 12 मई को सिद्धारमैया पर पलटवार करते हुए कर्नाटक सरकार को प्रशासनिक विफलता का दोषी ठहराया।
जोशी का आरोप — कर्नाटक सरकार ने दूध और ईंधन सहित 48 जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ाकर जनता के साथ विश्वासघात किया।
उन्होंने दावा किया कि गारंटी योजनाओं की आड़ में कर्नाटक को कर्ज के जाल में फंसाया गया और राजस्व घाटा ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचा।
जोशी ने पीएम मोदी का बचाव करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना।
सिद्धारमैया द्वारा 'विश्वासघात' शब्द के इस्तेमाल पर जोशी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ बार-बार विश्वासघात किया है।

केंद्रीय खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामले मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार, 12 मई को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर तीखा पलटवार किया। जोशी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार महंगाई बढ़ाने, तुष्टीकरण की राजनीति करने और विधायकों व मंत्रियों के बीच सत्ता संघर्ष में डूबी हुई है। उन्होंने सिद्धारमैया को चुनौती दी कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने से पहले अपनी सरकार की विफलताओं का जवाब दें।

विवाद की पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हाल ही में दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी का भाषण 'झूठ और नफरत से भरा था।' इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री

संपादकीय दृष्टिकोण

कर्ज का बढ़ता बोझ — पर टिके हैं, जो उन्हें महज राजनीतिक बयानबाजी से थोड़ा आगे ले जाते हैं। हालांकि, दोनों पक्षों की जवाबदेही तब तक अधूरी रहेगी जब तक स्वतंत्र आर्थिक आंकड़ों से इन दावों की पुष्टि न हो। मुख्यधारा की कवरेज इस विवाद को केवल बयानबाजी की लड़ाई के रूप में देख रही है, जबकि असली सवाल यह है कि कर्नाटक के आम नागरिकों पर वित्तीय दबाव की वास्तविक जिम्मेदारी किसकी है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रह्लाद जोशी ने सिद्धारमैया पर क्या आरोप लगाए?
प्रह्लाद जोशी ने आरोप लगाया कि सिद्धारमैया की सरकार ने दूध और ईंधन सहित 48 जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ाई हैं, कर्नाटक को कर्ज के जाल में फंसाया है और विकास कार्य ठप कर दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में सत्ता की खींचतान के चलते शासन-प्रशासन पटरी से उतर गया है।
सिद्धारमैया ने पीएम मोदी के बारे में क्या कहा था?
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी का भाषण 'झूठ और नफरत से भरा था।' इसी बयान के जवाब में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पलटवार किया।
जोशी ने कर्नाटक की अर्थव्यवस्था के बारे में क्या कहा?
जोशी ने आरोप लगाया कि सिद्धारमैया के शासन में कर्नाटक पर कर्ज का बोझ तेजी से बढ़ा है और राजस्व घाटा ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खुद को 'आर्थिक विशेषज्ञ' बताते हैं लेकिन राज्य की अर्थव्यवस्था को गर्त में धकेल दिया है।
जोशी ने पीएम मोदी के पक्ष में क्या तर्क दिए?
जोशी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है, जबकि यूपीए सरकार के कार्यकाल में अर्थव्यवस्था में गिरावट आई थी। उन्होंने कहा कि मोदी ने देश के हित में सकारात्मक संदेश दिया था।
जोशी ने कांग्रेस पर गठबंधन को लेकर क्या आरोप लगाए?
जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ बार-बार विश्वासघात किया है, क्षेत्रीय जनादेश को बांटा है और कई सरकारों को गिराया है। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया को 'विश्वासघात' शब्द इस्तेमाल करने से पहले अपनी पार्टी के इतिहास पर नजर डालनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस