होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमला: भारत की कड़ी निंदा, 'एमटी पेट्रो डॉल्फिन' के 2 नाविक लापता
सारांश
मुख्य बातें
भारत के विदेश मंत्रालय ने 12 अक्टूबर 2026 को होर्मुज स्ट्रेट में दो वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में दो भारतीय नाविक लापता हैं, जबकि कुल 20 भारतीय नाविक सुरक्षित बचा लिए गए हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा पहले से ही गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।
मुख्य घटनाक्रम
पहले जहाज 'एमटी पेट्रो डॉल्फिन' पर ड्रोन हमला किया गया, जिस पर उस समय 11 भारतीय नाविक सवार थे। इनमें से 9 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया, परंतु 2 नाविक अब भी लापता हैं। दूसरे जहाज 'एमटी वाल्थेरा' को एक अज्ञात प्रक्षेपास्त्र (प्रोजेक्टाइल) से निशाना बनाया गया, लेकिन उस पर सवार सभी 11 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यह जानकारी साझा करते हुए इन हमलों को 'बेहद निंदनीय' करार दिया। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर इस तरह के हमले तुरंत बंद होने चाहिए। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप समुद्री मार्गों पर व्यापार का सुरक्षित और निर्बाध संचालन सुनिश्चित होना आवश्यक है।
क्षेत्रीय तनाव का व्यापक संदर्भ
विदेश मंत्रालय ने इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील जलमार्ग है और इस मार्ग पर कोई भी व्यवधान वैश्विक ऊर्जा बाज़ार को प्रभावित कर सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव अपने उच्चतम स्तर पर है।
आम जनता और भारतीय नाविकों पर असर
लापता दो भारतीय नाविकों के परिजनों के लिए यह घड़ी अत्यंत कठिन है। मंत्रालय ने कहा कि वह लापता नाविकों की तलाश और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के प्रयासों की निगरानी कर रहा है। भारत में हज़ारों नाविक खाड़ी और होर्मुज क्षेत्र में नौवहन कार्य करते हैं, और इस तरह की घटनाएँ उनकी सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ती हैं।
क्या होगा आगे
विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि वह संबंधित देशों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय में है। मंत्रालय ने दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नौवहन की स्वतंत्रता भारत की विदेश नीति का एक मूल सिद्धांत है और इसकी रक्षा के लिए भारत हर कूटनीतिक कदम उठाने को तैयार है। लापता नाविकों की तलाश जारी है।