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ओमान के सोहर में टैंकर पर ड्रोन हमला: दो भारतीय नाविक लापता, 9 सुरक्षित

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ओमान के सोहर में टैंकर पर ड्रोन हमला: दो भारतीय नाविक लापता, 9 सुरक्षित

सारांश

ओमान के सोहर में टैंकर एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर ड्रोन हमले ने दो भारतीय नाविकों को लापता कर दिया। यह पाँच दिनों में दूसरा ऐसा हमला है। भारतीय नाविकों की सुरक्षा और होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते समुद्री खतरे अब एक गंभीर कूटनीतिक चुनौती बन चुके हैं।

मुख्य बातें

ओमान के सोहर एंकरेज में 11 अक्टूबर 2026 को एमटी पेट्रो डॉल्फिन टैंकर पर ड्रोन हमला हुआ।
जहाज पर सवार 11 भारतीय नाविकों में से दो लापता हैं और नौ को सुरक्षित बचाया गया।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पुष्टि की कि तलाशी और बचाव अभियान जारी है।
यह 6 अक्टूबर 2026 को एमटी ऑन पीस पर हुए हमले के पाँच दिन बाद की घटना है, जिसमें 11 भारतीय नागरिक घायल हुए थे।
विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में जहाजरानी पर हमले तुरंत बंद करने की माँग दोहराई।

ओमान के सोहर एंकरेज में 11 अक्टूबर 2026 को एक वाणिज्यिक टैंकर पर ड्रोन हमले के बाद दो भारतीय नाविक लापता हैं, जबकि नौ अन्य भारतीय चालक दल सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की कि निकारागुआ के झंडे वाला टैंकर एमटी पेट्रो डॉल्फिन इस हमले का शिकार हुआ, जिस पर कुल 11 भारतीय नाविक सवार थे।

हमले का घटनाक्रम

मस्कट में भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि दूतावास इस स्थिति पर 'बारीकी से नज़र रख रहा है' और संबंधित अधिकारियों के साथ 'लगातार और निकट संपर्क' में है। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक्स पर लिखा कि नौ भारतीय चालक दल सदस्यों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है और वे सुरक्षित हैं, जबकि दो भारतीय नागरिक फिलहाल लापता हैं।

सोनोवाल ने यह भी बताया कि स्थानीय तटरक्षक बल द्वारा तलाशी और बचाव अभियान सक्रिय रूप से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय करके लापता कर्मियों का सुरक्षित पता लगाने के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है।

पाँच दिनों में दूसरा हमला

यह हमला ओमान के तट पर भारतीय चालक दल वाले एक अन्य जहाज को निशाना बनाए जाने के महज़ पाँच दिन बाद हुआ है। 6 अक्टूबर 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय पनामा के झंडे वाले वाणिज्यिक जहाज एमटी ऑन पीस (IMO 9893204) पर एक प्रक्षेप्य से हमला हुआ था। उस जहाज पर कुल 19 चालक दल में से 17 भारतीय नागरिक थे, और 12 चालक दल सदस्य घायल हुए थे, जिनमें 11 भारतीय नागरिक शामिल थे।

भारत ने उस हमले की निंदा की थी और क्षेत्र में शांति तथा स्थिरता के हित में ऐसी घटनाओं को तुरंत बंद करने की माँग दोहराई थी। यह ऐसे समय में आया है जब अरब सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजरानी पर हमलों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं।

भारत सरकार की प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय ने एमटी ऑन पीस पर हुए हमले की निंदा करते हुए अपने बयान में कहा, 'क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजरानी, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए, और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के माध्यम से नौवहन और वाणिज्य को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए।' मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि क्षेत्र में जहाजरानी पर हमलों की लगातार घटनाएँ भारत के लिए 'गहरी चिंता का विषय' बनी हुई हैं।

आम नाविकों और समुद्री व्यापार पर असर

भारत दुनिया के सबसे बड़े समुद्री श्रम-आपूर्तिकर्ता देशों में से एक है, और हज़ारों भारतीय नाविक इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों पर कार्यरत हैं। ओमान के तट पर इस तरह के लगातार हमले न केवल जान-माल के लिए खतरा हैं, बल्कि भारत के समुद्री व्यापार मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर भी सीधा असर डालते हैं। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत का एक बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का आयात होता है।

आगे क्या होगा

फिलहाल ओमान का तटरक्षक बल तलाशी अभियान जारी रखे हुए है। भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय में हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारत इन लगातार हमलों के मद्देनज़र क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा पर किस कूटनीतिक रुख को अपनाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी होर्मुज क्षेत्र में अपने नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस द्विपक्षीय या बहुपक्षीय तंत्र सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। जब तक भारत निंदा से आगे बढ़कर क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी नहीं करता, ये हमले जारी रह सकते हैं और भारतीय नाविक सबसे असुरक्षित कड़ी बने रहेंगे।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर हमला कब और कहाँ हुआ?
यह हमला 11 अक्टूबर 2026 को ओमान के सोहर एंकरेज में हुआ। निकारागुआ के झंडे वाले इस टैंकर पर ड्रोन से हमला किया गया, जिस पर 11 भारतीय नाविक सवार थे।
लापता भारतीय नाविकों की तलाश के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
ओमान का स्थानीय तटरक्षक बल सक्रिय रूप से तलाशी और बचाव अभियान चला रहा है। भारतीय दूतावास और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल दोनों ने पुष्टि की है कि सभी संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।
क्या इससे पहले भी ओमान के तट पर भारतीय जहाज पर हमला हुआ था?
हाँ, 6 अक्टूबर 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय पनामा के झंडे वाले एमटी ऑन पीस पर प्रक्षेप्य से हमला हुआ था। उस जहाज पर 17 भारतीय नागरिक थे और 12 चालक दल सदस्य घायल हुए थे, जिनमें 11 भारतीय थे।
भारत सरकार का इन हमलों पर क्या रुख है?
विदेश मंत्रालय ने दोनों हमलों की निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में वाणिज्यिक जहाजरानी, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना तुरंत बंद करने की माँग दोहराई है। मंत्रालय ने इसे भारत के लिए 'गहरी चिंता का विषय' बताया है।
इन हमलों का भारत के समुद्री व्यापार पर क्या असर पड़ सकता है?
होर्मुज जलडमरूमध्य भारत के कच्चे तेल आयात का एक प्रमुख मार्ग है और हज़ारों भारतीय नाविक इस क्षेत्र के जहाजों पर कार्यरत हैं। लगातार हमले समुद्री बीमा लागत बढ़ाने के साथ-साथ आपूर्ति श्रृंखला और भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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