दशहरे पर नीलकंठ पक्षी को बचाएं: हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार की अपील
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने 20 अक्टूबर 2026 को लोगों से दशहरे के अवसर पर नीलकंठ पक्षी (इंडियन रोलर) के साथ क्रूरता न करने की भावपूर्ण अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से नागरिकों से आग्रह किया कि तेलंगाना के राजकीय पक्षी को पिंजरे में बंद कर उसके पंख काटने की अमानवीय परंपरा को तत्काल बंद किया जाए। यह अपील ऐसे समय आई है जब दशहरे के मौसम में इस पक्षी की अवैध बिक्री और प्रदर्शन में बढ़ोतरी देखी जाती है।
क्रूरता की पृष्ठभूमि
लोगों में प्रचलित मान्यता है कि दशहरे पर नीलकंठ पक्षी के दर्शन शुभ होते हैं और सौभाग्य लाते हैं। इस मान्यता के कारण प्रतिवर्ष हज़ारों इंडियन रोलर पक्षियों को जंगलों से बेरहमी से पकड़ा जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, इन पक्षियों के पंखों पर गोंद लगा दिया जाता है या उनके पैरों को चिपका दिया जाता है ताकि वे उड़ न सकें। यह अमानवीय व्यवहार अक्सर उनकी लंबी पीड़ा और कुछ ही समय बाद मौत का कारण बनता है।
पुलिस कमिश्नर सज्जनार ने सवाल उठाते हुए कहा, "सोचिए, एक बेजुबान जीव को उसकी आजादी से वंचित कर, बिना खाने पानी के तड़पता देख किसी को क्या फायदा होता है? उस पक्षी की पीड़ा में किसी को अच्छाई कैसे दिख सकती है?"
कानूनी प्रावधान
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत इंडियन रोलर को पकड़ना, बेचना या सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना दंडनीय अपराध है। सज्जनार ने स्पष्ट किया, "किसी भी हालत में पिंजरे में बंद पक्षियों के शो को बढ़ावा न दें।" उन्होंने नागरिकों से जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने और ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना टोल फ्री नंबर 18004255364, 9803338666 या 112 पर देने का आग्रह किया।
पर्यावरण और किसानों का साथी
पुलिस कमिश्नर ने नीलकंठ पक्षी के पारिस्थितिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पक्षी हमारे पर्यावरण का रक्षक और किसान का सच्चा मित्र है, क्योंकि यह कीट पतंगों को नियंत्रित कर खेती की रक्षा करता है। गौरतलब है कि नीलकंठ को तेलंगाना ने अपना राजकीय पक्षी घोषित किया हुआ है, जो इसके सांस्कृतिक और पारिस्थितिक महत्व को रेखांकित करता है।
एक हालिया रिपोर्ट में रहने की जगह का खत्म होना, कीटनाशकों का बढ़ता उपयोग और अवैध शिकार को इस प्रजाति के अस्तित्व के लिए मुख्य खतरा बताया गया है। रिपोर्टों के अनुसार देश में इस प्रजाति की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट आ रही है।
वन विभाग और प्रशासन की सक्रियता
तेलंगाना वन विभाग ने भी इस अभियान में अपनी भागीदारी दिखाते हुए नागरिकों से राज्य पक्षी को संरक्षित कर क्रूरता मुक्त दशहरा मनाने की अपील की है। विभाग ने अपने हेल्पलाइन नंबरों पर ऐसी किसी भी घटना की सूचना देने को कहा है।
पुलिस कमिश्नर सज्जनार ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर 'अभी कार्रवाई करें, नीलकंठ को बचाएं' नारे के साथ जागरूकता पोस्टर भी जारी किए। यह पहल बताती है कि इस बार प्रशासन महज अपील तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि सक्रिय निगरानी और कार्रवाई के लिए भी तैयार है।
आगे क्या होगा
दशहरे के पर्व पर पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से बाज़ारों और सार्वजनिक स्थानों पर नज़र रखेंगे। नागरिकों की सहभागिता और जागरूकता ही इस अभियान की असली कसौटी होगी — क्योंकि कानून तभी प्रभावी होता है जब समाज उसे आत्मसात करे।