21 अक्टूबर 2026
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दशहरे पर इंडियन रोलर की तस्करी: हैदराबाद पुलिस ने तीन जगहों पर छापा मारकर चार पक्षी बचाए

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दशहरे पर इंडियन रोलर की तस्करी: हैदराबाद पुलिस ने तीन जगहों पर छापा मारकर चार पक्षी बचाए

सारांश

दशहरे पर 'सौभाग्य का दर्शन' कराने के नाम पर चार इंडियन रोलर पक्षियों को पिंजरों में कैद कर यातनाएँ दी जा रही थीं। हैदराबाद पुलिस ने नागरिकों की सूचना पर तीन जगहों पर छापा मारकर सभी पक्षी बचाए और दोषियों पर वन्यजीव अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की।

मुख्य बातें

हैदराबाद पुलिस ने 21 अक्टूबर 2026 को दशहरे के दौरान तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर चार इंडियन रोलर पक्षियों को बचाया।
बचाए गए पक्षियों को केबीआर पार्क के वन अधिकारियों और वन विभाग को सौंपा गया।
इंडियन रोलर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची चतुर्थ के तहत संरक्षित है; उल्लंघन पर भारी जुर्माना और कारावास का प्रावधान।
पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने वन विभाग के साथ मिलकर दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की।
नागरिकों को टोल-फ्री नंबर 18004255364 , 9803338666 या 112 पर सूचना देने की अपील।

हैदराबाद पुलिस ने 21 अक्टूबर 2026 को दशहरा उत्सव के दौरान तेलंगाना के राजकीय पक्षी इंडियन रोलर (पालापिट्टा) को अवैध कैद से मुक्त कराया — तीन अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी में कुल चार पक्षी जीवित बचाए गए। पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने बताया कि जागरूक नागरिकों की सटीक सूचना पर तत्काल कार्रवाई की गई।

कहाँ-कहाँ हुई कार्रवाई

लंगर हाउज के बापू घाट स्थित एक मंदिर के निकट तंग लोहे के पिंजरों में बंद दो पक्षियों को मुक्त कराया गया। इन्हें केबीआर पार्क के वन अधिकारियों को सौंप दिया गया।

चत्रिनाका स्थित श्री चित्रगुप्त स्वामी मंदिर के पास एक पेड़ से लटके पिंजरे में बंद एक और पक्षी को छुड़ाया गया। इसी तरह मंगलहाट के बालाजी नगर में एक मंदिर के पास चौथे पक्षी को भी बचाकर वन विभाग को सौंपा गया।

अंधविश्वास की जड़ें और व्यावसायिक दोहन

लोगों में व्यापक मान्यता है कि दशहरे के दिन इंडियन रोलर का दर्शन सौभाग्य लाता है। इसी मान्यता का फायदा उठाते हुए पक्षी पकड़ने वाले और तांत्रिक त्योहार से पहले ही पक्षियों को पकड़ लेते हैं और पंडालों व मंदिरों के पास पिंजरों में प्रदर्शित कर भक्तों से शुल्क वसूलते हैं।

इन पक्षियों को उड़ने से रोकने के लिए शिकारी अक्सर उनके पैर बाँध देते हैं, पंख काट देते हैं या चिपका देते हैं। कीटभक्षी स्वभाव के ये जंगली पक्षी कैद में भोजन के लिए संघर्ष करते हैं और प्रायः त्योहार समाप्त होते ही निर्जलीकरण, आघात या भूख से दम तोड़ देते हैं।

कानूनी स्थिति

इंडियन रोलर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची चतुर्थ के अंतर्गत संरक्षित है। इस अधिनियम का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना और कारावास दोनों का प्रावधान है। पुलिस आयुक्त सज्जनार के अनुसार वन विभाग के समन्वय से दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पुलिस आयुक्त का संदेश

सज्जनार ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'किसी त्योहार के नाम पर एक असहाय पक्षी को पकड़ना, उसे भोजन और पानी से वंचित करके यातना देना, किसी के हित में नहीं है — यह हमारे समाज के लिए हानिकारक है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'पिंजरे की सलाखों के बीच आतंक से तड़पते पक्षी की चीख में भला शुभता क्या हो सकती है — सच्ची भक्ति सभी जीवित प्राणियों के प्रति करुणा में है, न कि प्रकृति को कैद करने में।'

नागरिकों से अपील और आगे की राह

पुलिस आयुक्त ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी पिंजरे में बंद इंडियन रोलर दिखाई दे, तो तुरंत टोल-फ्री नंबर 18004255364 या 9803338666 पर सूचित करें, अथवा 112 डायल करें। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि पर्व के उल्लास में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता उतनी ही ज़रूरी है जितनी कानूनी सख्ती।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि चेतावनी के बावजूद लोगों ने पक्षियों को कैद किया — यह दर्शाता है कि कानून की जानकारी पर्याप्त नहीं है, दंड की अनिवार्यता ज़रूरी है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची चतुर्थ का प्रावधान कागज़ पर मज़बूत है, पर जब तक दोषियों को वास्तविक सजा न मिले, हर साल यही चक्र दोहराएगा।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडियन रोलर (पालापिट्टा) को दशहरे पर क्यों पकड़ा जाता है?
लोगों में यह मान्यता है कि दशहरे के दिन इंडियन रोलर का दर्शन सौभाग्य लाता है। इसी मान्यता का फायदा उठाकर पक्षी पकड़ने वाले पंडालों और मंदिरों के पास पिंजरों में इन्हें प्रदर्शित कर भक्तों से पैसे वसूलते हैं।
क्या इंडियन रोलर पक्षी को पकड़ना कानूनी रूप से अपराध है?
हाँ, इंडियन रोलर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची चतुर्थ के तहत पूरी तरह संरक्षित है। इसे पकड़ना, कैद करना या प्रदर्शित करना गैरकानूनी है और इस पर भारी जुर्माना तथा कारावास का प्रावधान है।
हैदराबाद में बचाए गए पक्षियों को कहाँ भेजा गया?
बापू घाट से बचाए गए दो पक्षियों को केबीआर पार्क के वन अधिकारियों को सौंपा गया। चत्रिनाका और मंगलहाट से बचाए गए बाकी दो पक्षियों को वन विभाग को सौंपा गया।
अगर कहीं इंडियन रोलर पिंजरे में बंद दिखे तो क्या करें?
हैदराबाद पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने नागरिकों से अपील की है कि वे तुरंत टोल-फ्री नंबर 18004255364 या 9803338666 पर सूचित करें, अथवा 112 डायल करें।
कैद में रहने से इंडियन रोलर पक्षियों को क्या नुकसान होता है?
ये कीटभक्षी जंगली पक्षी कैद में उचित भोजन नहीं पा पाते। शिकारी इन्हें उड़ने से रोकने के लिए पैर बाँध देते हैं या पंख काट देते हैं, जिससे ये निर्जलीकरण, आघात और भूख से त्योहार समाप्त होते ही दम तोड़ देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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