10 अगस्त 2026
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शुभांशु शुक्ला की किताब 'द सेकेंड ऑर्बिट' लॉन्च, एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह बोले — नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का खज़ाना

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शुभांशु शुक्ला की किताब 'द सेकेंड ऑर्बिट' लॉन्च, एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह बोले — नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का खज़ाना

सारांश

विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष जाने वाले दूसरे भारतीय, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने 20 दिन के सफर को किताब 'द सेकेंड ऑर्बिट' में उतारा। एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।

मुख्य बातें

एयर चीफ मार्शल ए.पी.
सिंह ने 25 जून 2026 को नई दिल्ली में 'द सेकेंड ऑर्बिट' का लोकार्पण किया।
आईएएफ ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने एक्सिओम-4 मिशन के तहत 2025 में 20 दिन अंतरिक्ष में बिताए।
शुक्ला विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय हैं।
आईएएफ के चार अधिकारियों ने मिशन के लिए प्रशिक्षण लिया था; शुक्ला का चयन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर हुआ।
शुक्ला ने अंतरिक्ष में मेथी और मूंग की फसल सफलतापूर्वक उगाई।

एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने 25 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में आईएएफ ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की किताब 'द सेकेंड ऑर्बिट' का लोकार्पण किया और उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में शुक्ला जैसे और भी भारतीय अंतरिक्ष यात्री होंगे। यह किताब शुक्ला के 20 दिनों के अंतरिक्ष सफर के अनुभवों पर आधारित है, जो युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान और साहस की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से लिखी गई है।

लॉन्च समारोह में क्या बोले एयर चीफ मार्शल

लोकार्पण कार्यक्रम में एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि हमारे बीच और भी शुभांशु जैसे लोग आएंगे और बहुत जल्द वह भीड़ का हिस्सा बन जाएंगे, क्योंकि हममें से बहुत से लोग ऐसे होंगे जिन्होंने यह अनुभव किया होगा।" उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि शुक्ला की कामयाबी में कई लोगों का योगदान है, फिर भी इतने लंबे अंतराल के बाद वे पहले भारतीय के रूप में यह उपलब्धि हासिल करने वाले बने रहेंगे।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "आज यहां शुभांशु शुक्ला के सफर के बारे में जानने के लिए आना बहुत सम्मान की बात है। उन्होंने इसे बहुत अच्छे ढंग से लिखा है। मैंने अभी तक किताब नहीं पढ़ी है; मैं इसे पढ़ूंगा और फिर समझूंगा, लेकिन अब तक जो कुछ भी कहा गया है, मुझे लगता है कि यह आने वाली सभी पीढ़ियों के लिए बहुत प्रेरणादायक है।"

चार अधिकारियों में से शुक्ला का चयन

आईएएफ प्रमुख ने बताया कि भारतीय वायु सेना (IAF) के चार अधिकारियों ने अंतरिक्ष मिशन के लिए प्रशिक्षण लिया था, जिनमें ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि शुक्ला किस्मत वाले रहे और निश्चित रूप से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले थे। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि शेष तीन अधिकारियों को भी भविष्य में ऐसा अवसर मिलेगा।

युवाओं के लिए जीवन का संदेश

एयर चीफ मार्शल सिंह ने युवाओं को महत्वाकांक्षी बनने और अपनी पूरी क्षमता के साथ जीवन के सफर का आनंद लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "जीवन में किसी एक चीज में ही उलझकर न रह जाएं। आप जहां भी जाएं, जो भी करें या जो भी बनें, उसमें अच्छा प्रदर्शन करें। आप कहां पहुंचते हैं, यह मायने नहीं रखता, बल्कि उस योग्यता के साथ आपने क्या किया, यह मायने रखता है।"

शुक्ला का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, "शुभांशु का अंतिम सफर 20 दिनों का था, लेकिन उन्होंने उस सफर तक पहुंचने की सालों की प्रक्रिया का आनंद लिया, इसी वजह से उनके चेहरे पर मुस्कान बनी रही।"

शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष उपलब्धियाँ

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा की और 2025 में अपनी अंतरिक्ष उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की। विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद वे अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने। मिशन के दौरान असाधारण साहस, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा के लिए उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

अंतरिक्ष में रहने के दौरान शुक्ला ने कई शोध प्रयोग किए और कृषि से जुड़े परीक्षण भी किए — उन्होंने मेथी और मूंग की फसल अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक उगाई, जो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि रही। यह किताब उस पूरे सफर को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अब गगनयान की तैयारियों के बीच यह किताब सार्वजनिक उत्साह बनाने का काम कर सकती है। हालांकि, आईएएफ के तीन अन्य प्रशिक्षित अधिकारियों के भविष्य की कोई ठोस समयसीमा सामने नहीं आई है — यह सवाल बना रहेगा कि भारत की अंतरिक्ष यात्री पाइपलाइन कब और कितनी सक्रिय होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शुभांशु शुक्ला की किताब 'द सेकेंड ऑर्बिट' किस बारे में है?
'द सेकेंड ऑर्बिट' आईएएफ ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला द्वारा लिखी गई पुस्तक है, जो एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर बिताए उनके 20 दिनों के अनुभव पर आधारित है। यह किताब युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान और साहस की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से लिखी गई है।
शुभांशु शुक्ला कौन हैं और उन्होंने अंतरिक्ष में क्या किया?
शुभांशु शुक्ला भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन हैं, जो 2025 में एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे और विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने। उन्होंने अंतरिक्ष में कई शोध प्रयोग किए और मेथी व मूंग की फसल भी उगाई।
एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने किताब के बारे में क्या कहा?
एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने कहा कि यह किताब आने वाली सभी पीढ़ियों के लिए बहुत प्रेरणादायक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में शुक्ला जैसे और भी भारतीय अंतरिक्ष यात्री होंगे।
आईएएफ के कितने अधिकारियों ने अंतरिक्ष मिशन के लिए प्रशिक्षण लिया था?
आईएएफ के चार अधिकारियों ने अंतरिक्ष मिशन के लिए प्रशिक्षण लिया था, जिनमें ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भी शामिल थे। एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि शुक्ला का चयन उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के कारण हुआ और उन्हें उम्मीद है कि अन्य अधिकारियों को भी भविष्य में अवसर मिलेगा।
शुभांशु शुक्ला को अंतरिक्ष मिशन में किस बात के लिए सम्मानित किया गया?
मिशन के दौरान असाधारण साहस, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा दिखाने के लिए ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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