शुभांशु शुक्ला की किताब 'द सेकेंड ऑर्बिट' लॉन्च, एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह बोले — नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का खज़ाना
सारांश
मुख्य बातें
एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने 25 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में आईएएफ ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की किताब 'द सेकेंड ऑर्बिट' का लोकार्पण किया और उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में शुक्ला जैसे और भी भारतीय अंतरिक्ष यात्री होंगे। यह किताब शुक्ला के 20 दिनों के अंतरिक्ष सफर के अनुभवों पर आधारित है, जो युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान और साहस की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से लिखी गई है।
लॉन्च समारोह में क्या बोले एयर चीफ मार्शल
लोकार्पण कार्यक्रम में एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि हमारे बीच और भी शुभांशु जैसे लोग आएंगे और बहुत जल्द वह भीड़ का हिस्सा बन जाएंगे, क्योंकि हममें से बहुत से लोग ऐसे होंगे जिन्होंने यह अनुभव किया होगा।" उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि शुक्ला की कामयाबी में कई लोगों का योगदान है, फिर भी इतने लंबे अंतराल के बाद वे पहले भारतीय के रूप में यह उपलब्धि हासिल करने वाले बने रहेंगे।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "आज यहां शुभांशु शुक्ला के सफर के बारे में जानने के लिए आना बहुत सम्मान की बात है। उन्होंने इसे बहुत अच्छे ढंग से लिखा है। मैंने अभी तक किताब नहीं पढ़ी है; मैं इसे पढ़ूंगा और फिर समझूंगा, लेकिन अब तक जो कुछ भी कहा गया है, मुझे लगता है कि यह आने वाली सभी पीढ़ियों के लिए बहुत प्रेरणादायक है।"
चार अधिकारियों में से शुक्ला का चयन
आईएएफ प्रमुख ने बताया कि भारतीय वायु सेना (IAF) के चार अधिकारियों ने अंतरिक्ष मिशन के लिए प्रशिक्षण लिया था, जिनमें ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि शुक्ला किस्मत वाले रहे और निश्चित रूप से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले थे। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि शेष तीन अधिकारियों को भी भविष्य में ऐसा अवसर मिलेगा।
युवाओं के लिए जीवन का संदेश
एयर चीफ मार्शल सिंह ने युवाओं को महत्वाकांक्षी बनने और अपनी पूरी क्षमता के साथ जीवन के सफर का आनंद लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "जीवन में किसी एक चीज में ही उलझकर न रह जाएं। आप जहां भी जाएं, जो भी करें या जो भी बनें, उसमें अच्छा प्रदर्शन करें। आप कहां पहुंचते हैं, यह मायने नहीं रखता, बल्कि उस योग्यता के साथ आपने क्या किया, यह मायने रखता है।"
शुक्ला का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, "शुभांशु का अंतिम सफर 20 दिनों का था, लेकिन उन्होंने उस सफर तक पहुंचने की सालों की प्रक्रिया का आनंद लिया, इसी वजह से उनके चेहरे पर मुस्कान बनी रही।"
शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष उपलब्धियाँ
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा की और 2025 में अपनी अंतरिक्ष उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की। विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद वे अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने। मिशन के दौरान असाधारण साहस, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा के लिए उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
अंतरिक्ष में रहने के दौरान शुक्ला ने कई शोध प्रयोग किए और कृषि से जुड़े परीक्षण भी किए — उन्होंने मेथी और मूंग की फसल अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक उगाई, जो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि रही। यह किताब उस पूरे सफर को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है।