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आईसीएएस रक्षा क्षेत्र में लागत अनुकूलन की धुरी: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह

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आईसीएएस रक्षा क्षेत्र में लागत अनुकूलन की धुरी: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह

सारांश

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने आईसीएएस स्थापना दिवस पर स्पष्ट संदेश दिया — रक्षा क्षेत्र में लागत नियंत्रण और आत्मनिर्भरता की लड़ाई में यह सेवा अब केवल लेखा-जोखा नहीं, बल्कि रणनीतिक धुरी बन चुकी है।

मुख्य बातें

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 9 अगस्त को आईसीएएस स्थापना दिवस समारोह में रक्षा क्षेत्र में सेवा की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया।
इस वर्ष की थीम 'आत्मनिर्भर भारत के लिए लागत अनुकूलन में आईसीएएस अधिकारियों की भूमिका' रही।
रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव संजीव कुमार ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात प्रतिस्पर्धा में कॉस्ट अकाउंटिंग के बढ़ते महत्व पर जोर दिया।
व्यय विभाग के सचिव वी.
वुअलनाम ने पीपीपी मॉडल में आईसीएएस की बढ़ती भूमिका की ओर ध्यान दिलाया।
छह युवा आईसीएएस अधिकारियों को उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशंसा प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया गया।
सार्वजनिक वित्त प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर विशेष तकनीकी सत्र आयोजित हुए।

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 9 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित इंडियन कॉस्ट अकाउंट्स सर्विस (आईसीएएस) के स्थापना दिवस समारोह में स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह सेवा सरकारी विभागों — विशेषकर रक्षा क्षेत्र — में लागत दक्षता, संसाधन अनुकूलन और वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने में केंद्रीय भूमिका निभा रही है। उन्होंने आईसीएएस अधिकारियों की विश्लेषणात्मक क्षमता और समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस सेवा ने 'आत्मनिर्भर भारत' के राष्ट्रीय विजन को मूर्त रूप देने में निरंतर योगदान दिया है।

समारोह की थीम और संदर्भ

इस वर्ष का स्थापना दिवस समारोह 'आत्मनिर्भर भारत के लिए लागत अनुकूलन में आईसीएएस अधिकारियों की भूमिका' थीम के अंतर्गत आयोजित किया गया। यह थीम 'विकसित भारत' के लक्ष्य की दिशा में वित्तीय दक्षता और आत्मनिर्भरता के बढ़ते महत्व को रेखांकित करती है। गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब रक्षा खरीद नीति में व्यापक बदलाव हो रहे हैं और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को प्राथमिकता दी जा रही है।

रक्षा उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव संजीव कुमार ने कहा कि घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को सुदृढ़ करने में कॉस्ट अकाउंटिंग की विशेषज्ञता का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। उनके अनुसार इससे न केवल आयात पर भारत की निर्भरता घटेगी, बल्कि भारत वैश्विक निर्यात बाजार में भी प्रतिस्पर्धी स्थिति हासिल कर सकेगा। उन्होंने रक्षा खरीद के बदलते परिवेश में आईसीएएस अधिकारियों और रणनीतिक क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय का आह्वान किया।

सार्वजनिक वित्त प्रबंधन में एआई की भूमिका

उद्घाटन सत्र के बाद दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। 'पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग' विषय पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें सरकारी स्तर पर लागत प्रबंधन कार्यों में एआई के माध्यम से दक्षता बढ़ाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया। व्यय विभाग के सचिव वी. वुअलनाम ने कहा कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के विस्तार के साथ आईसीएएस अधिकारी लागत दक्षता, जोखिम वितरण और परियोजना संरचना को सुनिश्चित करने में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

युवा अधिकारियों का सम्मान

समारोह में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने उत्कृष्ट योगदान के लिए छह युवा आईसीएएस अधिकारियों को 'सर्वोत्तम', 'अति उत्तम', 'उत्तम' और 'प्रोत्साहन' श्रेणियों में प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इसके साथ ही सेवा का एक विशेष ई-ब्रोशर भी जारी किया गया, जिसमें आईसीएएस के विकास, प्रमुख कार्यों, उल्लेखनीय उपलब्धियों और क्षमता-निर्माण की पहलों का विवरण है।

यह आयोजन आईसीएएस की इनोवेशन और पेशेवर उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आने वाले समय में रक्षा खरीद और सार्वजनिक वित्त प्रबंधन में इस सेवा की भूमिका और विस्तृत होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु क्रियान्वयन की विश्वसनीयता तभी सिद्ध होगी जब लागत बचत के सत्यापन-योग्य आँकड़े सार्वजनिक हों।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडियन कॉस्ट अकाउंट्स सर्विस (आईसीएएस) क्या है?
आईसीएएस भारत सरकार की एक केंद्रीय सेवा है जो सरकारी मंत्रालयों और विभागों में लागत प्रबंधन, वित्तीय विश्लेषण और संसाधन दक्षता सुनिश्चित करती है। रक्षा क्षेत्र में यह सेवा खरीद लागत की निगरानी और अनुकूलन में विशेष भूमिका निभाती है।
रक्षा सचिव ने आईसीएएस स्थापना दिवस पर क्या कहा?
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि आईसीएएस अधिकारियों की पेशेवर कुशलता और समर्पण ने 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में लागत दक्षता और वित्तीय निगरानी में सेवा की भूमिका को रेखांकित किया।
इस वर्ष के आईसीएएस स्थापना दिवस की थीम क्या थी?
'आत्मनिर्भर भारत के लिए लागत अनुकूलन में आईसीएएस अधिकारियों की भूमिका' इस वर्ष की थीम थी। यह थीम 'विकसित भारत' के लक्ष्य की दिशा में वित्तीय दक्षता के बढ़ते महत्व को दर्शाती है।
रक्षा उत्पादन में आईसीएएस की क्या भूमिका है?
रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव संजीव कुमार के अनुसार, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने और आयात निर्भरता घटाने में कॉस्ट अकाउंटिंग विशेषज्ञता की भूमिका बढ़ रही है। आईसीएएस अधिकारी रक्षा खरीद में लागत सत्यापन और रणनीतिक वित्तीय नियोजन में योगदान देते हैं।
सार्वजनिक वित्त प्रबंधन में एआई के उपयोग पर क्या चर्चा हुई?
स्थापना दिवस के तकनीकी सत्र में 'पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग' विषय पर चर्चा हुई। इसमें सरकारी लागत और वित्त प्रबंधन कार्यों में एआई के माध्यम से दक्षता बढ़ाने की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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